🔴 ब्रेकिंग
विराट कोहली जॉर्डन कॉक्स का मेंटर, फोन पर सदा मिलते हैं|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: साढ़ेसाती से राहत|पुरानी जींस से बनाएं प्रोडक्ट्स और कमाएं पैसे|लखनऊ सिपाही को नाम के कारण गिरफ्तार किया गया|विनेश फोगाट का BJP पर तीखा हमला, बृजभूषण को बताया गुंडा|नेतन्याहू का ममदानी पर बड़ा राजनीतिक वार|सोने की खदान धंसी, 30 खनिकों की मौत|दिल्ली की हवा और यमुना प्रदूषण पर समिति की रिपोर्ट|ईरान-ओमान समझौता: ट्रंप की धमकी क्यों?|असीम और अनुज लुगुन की कविता – मेरी बाँहें आसमान|विराट कोहली जॉर्डन कॉक्स का मेंटर, फोन पर सदा मिलते हैं|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: साढ़ेसाती से राहत|पुरानी जींस से बनाएं प्रोडक्ट्स और कमाएं पैसे|लखनऊ सिपाही को नाम के कारण गिरफ्तार किया गया|विनेश फोगाट का BJP पर तीखा हमला, बृजभूषण को बताया गुंडा|नेतन्याहू का ममदानी पर बड़ा राजनीतिक वार|सोने की खदान धंसी, 30 खनिकों की मौत|दिल्ली की हवा और यमुना प्रदूषण पर समिति की रिपोर्ट|ईरान-ओमान समझौता: ट्रंप की धमकी क्यों?|असीम और अनुज लुगुन की कविता – मेरी बाँहें आसमान|
Wednesday, 19 August 2026
राजनीति

झारखंड 44 परीक्षाएं रद्द: असिस्टेंट प्रोफेसर से जज पद तक

झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के कारण 44 परीक्षाएं रद्द कीं। असिस्टेंट प्रोफेसर, सिविल जज और वन विभाग के पद शामिल हैं।

author
Komal
संवाददाता
📅 19 August 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 444 views
झारखंड 44 परीक्षाएं रद्द: असिस्टेंट प्रोफेसर से जज पद तक
📷 aarpaarkhabar.com

झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं के कारण एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने हाल ही में 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। यह निर्णय छात्रों के आंदोलन और व्यापक विरोध के बीच लिया गया है। सरकार ने देर रात एक सूची जारी की जिसमें सभी रद्द की गई परीक्षाओं के विवरण दिए गए हैं।

झारखंड लोक सेवा आयोग और अन्य भर्ती निकायों के माध्यम से जारी की गई भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी और प्रक्रियात्मक खामियों का पता चला है। इन परीक्षाओं में विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी पदों के लिए भर्ती की जा रही थी। असिस्टेंट प्रोफेसर, सिविल जज, वन विभाग के अधिकारी और अन्य कई पदों के लिए ये परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं।

परीक्षाओं में अनियमितताओं का खुलासा

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर विभिन्न आरोप सामने आए हैं। छात्रों का मानना है कि परीक्षाओं में पक्षपात और धांधली की गई है। कुछ मामलों में प्रश्न पत्र लीक होने के आरोप भी लगे हैं। परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में खामियों की भी जानकारी मिली है। इन सभी मुद्दों को लेकर छात्रों ने राजपथों पर प्रदर्शन किए और सरकार से कठोर कार्रवाई की मांग की।

सरकार ने इन आरोपों की गंभीरता को समझते हुए एक पूर्ण जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासनिक स्तर पर एक समिति गठित की गई है जो इन परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं की जांच करेगी। सरकार का मानना है कि युवाओं के साथ न्याय करना अत्यंत आवश्यक है। परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

छात्र संगठनों ने सरकार के इस निर्णय को स्वागत किया है लेकिन साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा है कि जांच पूरी तरह से निरपेक्ष होनी चाहिए। छात्रों का कहना है कि सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि रद्द की गई परीक्षाओं को जल्द से जल्द दोबारा आयोजित किया जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को उनका मौका मिल सके।

रद्द की गई परीक्षाओं में शामिल पद

सरकार की सूची के अनुसार, 44 परीक्षाओं में विभिन्न स्तर के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर के पद प्रमुख हैं। शिक्षा विभाग के तहत विभिन्न कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं। इसके अलावा न्यायिक सेवाओं के लिए सिविल जज के पदों पर भी परीक्षाएं लेनी थीं।

वन विभाग के विभिन्न पदों के लिए भी भर्ती परीक्षाएं रद्द की गई हैं। पर्यावरण और वन संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों की भर्ती के लिए ये परीक्षाएं आयोजित की जा रही थीं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग और अन्य सरकारी विभागों के अधीन भी कई पद शामिल हैं। हर एक परीक्षा के रद्द होने से सरकार को एक नई और पारदर्शी प्रक्रिया तैयार करनी होगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये परीक्षाएं दोबारा आयोजित की जाएंगी लेकिन इस बार पूर्ण पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ। परीक्षाओं के लिए नए दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। सरकार ने विभिन्न विशेषज्ञों और शिक्षाविदों की एक टीम नियुक्त की है जो परीक्षा प्रणाली में सुधार के उपाय सुझाएंगे।

भविष्य की योजना और सुधारात्मक उपाय

झारखंड सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए कई कदम उठाने का वचन दिया है। सरकार ने घोषणा की है कि भविष्य में सभी भर्ती परीक्षाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार आयोजित की जाएंगी। प्रश्न पत्र तैयारी से लेकर परीक्षा के आयोजन तक सभी चरणों में पारदर्शिता होगी।

इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली का उपयोग करके परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की धांधली को रोका जा सके। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। पर्यवेक्षकों और प्रश्नकर्ताओं का चयन अत्यंत सावधानीपूर्वक किया जाएगा। सरकार ने विभिन्न विभागों से जांच अधिकारियों को नियुक्त करने का आदेश दिया है।

छात्रों के लिए एक शिकायत निवारण प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। यदि किसी को परीक्षा में कोई संदेह हो तो वह आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। युवाओं का विश्वास सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार इसे बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

झारखंड सरकार का यह निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। यह दिखाता है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेती है। राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षाएं एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार्य नहीं हो सकती। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी समझी है और आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने का वचन दिया है।