🔴 ब्रेकिंग
विराट कोहली जॉर्डन कॉक्स का मेंटर, फोन पर सदा मिलते हैं|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: साढ़ेसाती से राहत|पुरानी जींस से बनाएं प्रोडक्ट्स और कमाएं पैसे|लखनऊ सिपाही को नाम के कारण गिरफ्तार किया गया|विनेश फोगाट का BJP पर तीखा हमला, बृजभूषण को बताया गुंडा|नेतन्याहू का ममदानी पर बड़ा राजनीतिक वार|सोने की खदान धंसी, 30 खनिकों की मौत|दिल्ली की हवा और यमुना प्रदूषण पर समिति की रिपोर्ट|ईरान-ओमान समझौता: ट्रंप की धमकी क्यों?|असीम और अनुज लुगुन की कविता – मेरी बाँहें आसमान|विराट कोहली जॉर्डन कॉक्स का मेंटर, फोन पर सदा मिलते हैं|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: साढ़ेसाती से राहत|पुरानी जींस से बनाएं प्रोडक्ट्स और कमाएं पैसे|लखनऊ सिपाही को नाम के कारण गिरफ्तार किया गया|विनेश फोगाट का BJP पर तीखा हमला, बृजभूषण को बताया गुंडा|नेतन्याहू का ममदानी पर बड़ा राजनीतिक वार|सोने की खदान धंसी, 30 खनिकों की मौत|दिल्ली की हवा और यमुना प्रदूषण पर समिति की रिपोर्ट|ईरान-ओमान समझौता: ट्रंप की धमकी क्यों?|असीम और अनुज लुगुन की कविता – मेरी बाँहें आसमान|
Wednesday, 19 August 2026
शिक्षा

झारखंड में 44 परीक्षाएं रद्द, 2014 से का पूरा हिसाब

झारखंड सरकार ने 44 भर्ती परीक्षाएं रद्द कीं। 2014 से JPSC और TSR डेटा प्रोसेसिंग द्वारा कराई गई परीक्षाएं शामिल हैं।

author
Komal
संवाददाता
📅 19 August 2026, 6:32 AM ⏱ 1 मिनट 👁 667 views
झारखंड में 44 परीक्षाएं रद्द, 2014 से का पूरा हिसाब
📷 aarpaarkhabar.com

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने छात्रों के व्यापक प्रदर्शनों के बीच एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मंगलवार की रात जारी की गई आठ अधिसूचनाओं के जरिए कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय काफी समय से चल रहे विवाद को लेकर लिया गया है, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगे थे।

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और आउटसोर्स एजेंसी TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा वर्ष 2014 से लेकर अब तक कराई गई ये सभी परीक्षाएं इस कार्रवाई के दायरे में आती हैं। यह फैसला राज्य में शिक्षार्थियों के बीच चल रहे आंदोलन के परिणामस्वरूप आया है। छात्रों ने लंबे समय से परीक्षा पद्धति में पारदर्शिता और ईमानदारी की मांग की थी।

परीक्षा रद्द करने का कारण और पृष्ठभूमि

झारखंड में सरकारी नौकरी पाने के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाओं में काफी समय से संदेह की स्थिति बनी हुई थी। छात्रों को लगता था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता नहीं है और इसमें अनुचित तरीके अपनाए जा रहे हैं। विभिन्न विद्यालय और विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसके विरुद्ध प्रदर्शन किए थे और सड़कों पर उतर गए थे।

राज्य सरकार के लिए यह स्थिति गंभीर बनती जा रही थी क्योंकि छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा था। परीक्षा प्रक्रिया में कथित खामियों के कारण युवाओं की भविष्य के बारे में चिंताएं बढ़ गई थीं। इन्हीं परिस्थितियों में सरकार ने 44 परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जा सके।

यह निर्णय एक तरह से माना जा सकता है कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए आगे बढ़ रही है। 2014 से अब तक का यह लंबा समय अवधि दर्शाता है कि समस्या कितनी पुरानी थी और कितनी गहरी थी। सरकार ने अब इस मुद्दे को संबोधित करने का प्रयास किया है।

44 परीक्षाओं की रद्दी का विस्तृत विवरण

मंगलवार की रात जारी की गई आठ अधिसूचनाओं में कुल 44 भर्ती परीक्षाओं को शामिल किया गया है। ये सभी परीक्षाएं झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा और TSR डेटा प्रोसेसिंग एजेंसी द्वारा संचालित की गई थीं। इन परीक्षाओं के माध्यम से राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की भर्ती की जानी थी।

रद्द की गई परीक्षाओं में प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के विभिन्न चरण शामिल हैं। ये परीक्षाएं पुलिस विभाग, प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा विभाग और अन्य राज्य विभागों के लिए आयोजित की गई थीं। पूरी परीक्षा प्रक्रिया को रद्द करके सरकार ने नई और अधिक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का संकेत दिया है।

इन परीक्षाओं में हजारों की संख्या में छात्र शामिल हुए थे। सभी प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी तैयारी करके इन परीक्षाओं में भाग लिया था। रद्द करने का यह निर्णय सभी प्रतिभाशाली छात्रों के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन साथ ही यह भी एक संकेत है कि सरकार प्रणाली में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भविष्य की परीक्षाओं के लिए नई रणनीति

झारखंड सरकार द्वारा अब नई भर्ती परीक्षाओं के लिए एक सुधारी हुई प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आने वाली परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता रहेगी और कोई भी खामी नहीं रहेगी। झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा एक नई तकनीकी व्यवस्था की जाएगी जो परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत करेगी।

सरकार ने यह भी निर्दिष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी निजी एजेंसी को परीक्षा संचालन का काम नहीं दिया जाएगा। अब परीक्षाएं पूरी तरह से झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा ही संचालित की जाएंगी। यह निर्णय भी छात्रों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया पाया है क्योंकि इससे सरकारी नियंत्रण में परीक्षा प्रणाली होगी।

छात्रों के प्रदर्शनों के कारण यह निर्णय संभव हुआ है। युवा शक्ति ने अपनी आवाज उठाई और सरकार को ध्यान देने के लिए मजबूर किया। अब राज्य की भर्ती परीक्षा प्रणाली में एक नया अध्याय शुरू होने वाला है जो अधिक ईमानदारी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ आएगा।

झारखंड सरकार का यह कदम न केवल प्रदेश में बल्कि पूरे देश में एक मिसाल बन सकता है। अन्य राज्यों को भी अपनी भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार करने के लिए प्रेरणा मिल सकती है। अगर भर्ती परीक्षाओं में ईमानदारी और पारदर्शिता आएगी तो सबसे प्रतिभाशाली युवाओं को ही सरकारी नौकरी मिलेगी, जो आगे चलकर राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।