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Wednesday, 19 August 2026
खेल

डब्ल्यूटीसी में सबसे ज्यादा छक्के ठोकने वाले पांच बल्लेबाज

ऋषभ पंत ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे किए। जानें डब्ल्यूटीसी इतिहास में किन बल्लेबाजों ने सबसे ज्यादा छक्के ठोके हैं।

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Komal
संवाददाता
📅 19 August 2026, 7:17 AM ⏱ 1 मिनट 👁 877 views
डब्ल्यूटीसी में सबसे ज्यादा छक्के ठोकने वाले पांच बल्लेबाज
📷 aarpaarkhabar.com

श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले की दूसरी पारी में अर्धशतकीय पारी खेल ऋषभ पंत ने क्रिकेट इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पंत ने महज दो छक्के जड़कर टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज सौ छक्के पूरे करने का अद्भुत कारनामा कर दिखाया है। यह उपलब्धि केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि यह आधुनिक क्रिकेट के आक्रामक खेल का एक जीवंत उदाहरण है।

ऋषभ पंत ने इस शानदार रिकॉर्ड को हासिल करने के लिए महज 89 पारियों का सहारा लिया है। यह आंकड़ा अपने आप में ही पंत की आक्रामक खेल पद्धति और टेस्ट क्रिकेट के प्रति उनके साहसिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। जब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की बात आती है, तो बल्लेबाजों के छक्कों की संख्या उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास का एक महत्वपूर्ण सूचकांक बन जाती है।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में सबसे ज्यादा छक्के ठोकने वाले शीर्ष पांच बल्लेबाज

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत के बाद से, कई बल्लेबाजों ने इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया है। हालांकि, कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने इस क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित किया है। इन बल्लेबाजों में से पहला नाम ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस का है, जो अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, लेकिन वह बल्ले से भी उतने ही खतरनाक साबित होते हैं। दूसरे स्थान पर न्यूजीलैंड के रॉस टेलर आते हैं, जिन्होंने वर्षों तक न्यूजीलैंड की टीम का नेतृत्व किया है और टेस्ट क्रिकेट में अपने छक्कों के लिए प्रसिद्ध हैं।

तीसरे स्थान पर भारतीय पूर्व कप्तान विराट कोहली का नाम आता है, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया को अवाक कर दिया है। विराट कोहली के छक्कों की संख्या उनके आक्रामक रवैये और स्कोर बोर्ड पर दबाव बनाने की क्षमता का प्रमाण है। चौथे स्थान पर वेस्टइंडीज के जोस बटलर आते हैं, जिनकी बल्लेबाजी का अंदाज़ ही निराला है और वह हर परिस्थिति में छक्के जड़ने के लिए तैयार रहते हैं। पांचवें स्थान पर अब ऋषभ पंत का नाम जुड़ गया है, जिन्होंने अपनी युवा उम्र में ही इतिहास रच दिया है।

ऋषभ पंत की असाधारण यात्रा और उनके छक्के

ऋषभ पंत की क्रिकेट की यात्रा काफी रोचक और प्रेरणादायक है। उन्हें भारतीय क्रिकेट में एक नए आयाम का प्रतीक माना जाता है, जहां विकेटकीपर बल्लेबाज खुद को केवल रक्षणात्मक भूमिका तक सीमित नहीं रखते, बल्कि आक्रामक तरीके से खेल को आगे बढ़ाते हैं। पंत की खेल शैली उन्हें अन्य विकेटकीपरों से अलग करती है। वह जहां भी संभव हो, छक्के जड़ने का प्रयास करते हैं और अपनी टीम को मजबूत स्थिति में ले जाने का काम करते हैं।

पंत के छक्कों की विशेषता यह है कि वह विभिन्न प्रकार की गेंदों पर छक्के जड़ते हैं। चाहे वह तेज गेंदबाज हों या स्पिनर, पंत हमेशा आगे की ओर बढ़कर खेलने का जोखिम उठाते हैं। श्रीलंका के खिलाफ यह रिकॉर्ड भी उसी आक्रामक मानसिकता का परिणाम है। जब पंत ने अर्धशतक खेल रहे थे, तब उन्होंने कई खतरनाक शॉट खेले और बिना किसी दबाव के अपना खेल जारी रखा।

टेस्ट क्रिकेट में छक्कों की बढ़ती प्रवृत्ति

आजकल टेस्ट क्रिकेट में छक्कों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह परिवर्तन ट्वेंटी-20 क्रिकेट के प्रभाव के कारण आया है, जहां आक्रामक खेल ही मुख्य लक्ष्य है। खिलाड़ियों ने इसी आक्रामक दृष्टिकोण को टेस्ट क्रिकेट में भी लागू करना शुरू कर दिया है। पहले माना जाता था कि टेस्ट क्रिकेट में सावधानीपूर्वक बल्लेबाजी ही सफलता की कुंजी है, लेकिन अब यह अवधारणा बदल गई है।

आधुनिक टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज पहले ही ओवरों में ही आक्रामकता दिखाते हैं। यह रणनीति टीम को शुरुआत में ही मजबूत स्थिति में ले आती है और विपक्षी गेंदबाजों पर मानसिक दबाव बनाती है। ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी इसी नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जहां आक्रामक खेल ही प्राथमिकता है।

संक्षेप में कहें तो ऋषभ पंत का यह रिकॉर्ड न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट की नई दिशा को भी दर्शाता है। पंत की सफलता युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और टेस्ट क्रिकेट को और अधिक रोचक बनाएगी।