फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन सस्ते नहीं होंगे
स्मार्टफोन की कीमतें फेस्टिव सीजन में भी नहीं घटेंगी। चिप की कमी से लगातार बढ़ रही हैं कीमतें। जानें कब मिलेगा सस्ता फोन।
देश में इस समय स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए बहुत ही निराशाजनक खबर सामने आ रही है। फेस्टिव सीजन में आम तौर पर जहां बड़े-बड़े डिस्काउंट और ऑफर दिए जाते हैं, वहीं इस बार स्थिति बिल्कुल अलग है। स्मार्टफोन की कीमतें न केवल पिछले कुछ महीनों में बढ़ी हैं, बल्कि आने वाले समय में भी ये और अधिक बढ़ने की संभावना है। चिप की भारी कमी इसका प्रमुख कारण बन गई है।
मोबाइल इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार, दुनियाभर में सेमीकंडक्टर चिप्स की कमी एक बहुत ही गंभीर समस्या बन गई है। कोविड-१९ के बाद जब दुनिया की अर्थव्यवस्था फिर से चालू होने लगी, तो चिप्स की मांग काफी अधिक बढ़ गई। लेकिन सप्लाई चेन को पूरी तरह से सामान्य होने में अभी और समय लगेगा। इसी वजह से प्रत्येक स्मार्टफोन निर्माता को अपने उत्पादन में कमी करनी पड़ रही है।
भारत के बाजार में देखें तो यहां चीनी और भारतीय दोनों ब्रांड्स के फोन बिकते हैं। सभी कंपनियों को चिप की कमी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कंपनियों ने तो पहले से ही अपने ग्राहकों को सूचित कर दिया है कि आने वाले समय में फोन्स की कीमतें बढ़ने वाली हैं। यह स्थिति उपभोक्ताओं के लिए बहुत ही चिंताजनक है क्योंकि वे किफायती कीमतों पर गुणवत्ता वाले फोन खरीदना चाहते हैं।
चिप की कमी का असर
स्मार्टफोन के निर्माण में चिप्स बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रोसेसर, मेमोरी चिप्स, और अन्य कंपोनेंट्स सभी को अलग-अलग चिप्स की आवश्यकता होती है। जब ये चिप्स आसानी से उपलब्ध नहीं होती हैं, तो निर्माताओं को बहुत अधिक कीमत देनी पड़ती है। यह अतिरिक्त खर्च आखिरकार उपभोक्ता तक पहुंचता है।
ताइवान में जहां दुनिया के अधिकांश चिप्स बनाए जाते हैं, वहां भी उत्पादन की गति धीमी रही है। इसके अलावा, सामान्य परिस्थितियों में भी चिप्स का उत्पादन बहुत महंगी और जटिल प्रक्रिया है। इसलिए आपूर्ति में किसी भी तरह की कमी से तुरंत कीमतों में वृद्धि देखने को मिलती है।
भारतीय बाजार में इस समस्या का असर सबसे ज्यादा मध्य और प्रीमियम सेगमेंट के फोन्स पर देखा जा रहा है। किफायती फोन्स की कीमतें भी बढ़ी हैं, लेकिन उतनी नहीं जितनी महंगे फोन्स की। इसका कारण यह है कि प्रीमियम फोन्स में ज्यादा उन्नत और महंगी चिप्स का इस्तेमाल होता है।
फेस्टिव सीजन की बिक्री पर असर
भारत में दिवाली और अन्य त्योहारों का समय सबसे बड़ा खरीदारी का मौसम माना जाता है। इस समय ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों स्टोर्स पर भारी भीड़ देखने को मिलती है। लेकिन इस बार स्मार्टफोन की कमी और अधिक कीमतें इस सीजन को अलग बना सकती हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि कम स्टॉक और ऊंची कीमतों के कारण इस बार फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन की बिक्री पिछली साल की तुलना में कम हो सकती है। ग्राहक या तो अपनी खरीदारी को स्थगित करेंगे या फिर बजट के अंदर सबसे अच्छा फोन खरीदने की कोशिश करेंगे।
दूसरी तरफ, रिटेलर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए अन्य तरीके अपना रहे हैं। कुछ कंपनियां एक्सचेंज ऑफर और आसान किस्त के विकल्प दे रही हैं। लेकिन ये सब सुविधाएं भी वास्तविक कीमतों में बहुत अधिक कटौती नहीं दे पाई हैं।
कब मिलेगा सस्ता फोन?
यह सवाल अब हर किसी के दिमाग में है कि आखिर कब स्मार्टफोन की कीमतें सामान्य होंगी। विभिन्न इंडस्ट्री विश्लेषकों के अनुसार, चिप्स की कमी कम से कम अगले छह से आठ महीनों तक बनी रहेगी। कुछ विशेषज्ञों का विचार है कि यह समस्या अगले साल के मध्य तक भी खत्म नहीं हो सकती।
इसका मतलब यह है कि आने वाले कुछ महीनों में स्मार्टफोन की कीमतें वर्तमान स्तर पर या उससे अधिक रह सकती हैं। इसलिए यदि आप इस समय खरीदारी करना चाहते हैं, तो आपको वर्तमान कीमतों को ही स्वीकार करना होगा।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि धीरे-धीरे स्थिति सुधरने लगेगी। जब विश्वव्यापी चिप उत्पादन में वृद्धि होगी, तब कीमतों में गिरावट आ सकती है। लेकिन यह प्रक्रिया धीमी होगी और लंबे समय तक चलेगी।
अंत में, ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार फोन खरीदें। यदि आपका वर्तमान फोन ठीक काम कर रहा है, तो नए फोन की खरीदारी को कुछ समय और के लिए स्थगित करना बेहतर हो सकता है। लेकिन यदि आपको तुरंत एक फोन की आवश्यकता है, तो बाजार में उपलब्ध विकल्पों से सबसे अच्छा फोन अपने बजट के अंदर चुनें।




