अदन की खाड़ी में ऑयल टैंकर हाईजैक, 6 गनमैन
अदन की खाड़ी में सीमल ऑयल टैंकर को 6 सशस्त्र गनमैन ने हाईजैक किया। सोमाली समुद्री डकैतों की बढ़ती घटनाएं समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा बन गई हैं।
यूके मैरीटाइम सिक्योरिटी मॉनिटर की ताजा रिपोर्ट के अनुसार अदन की खाड़ी में एक बार फिर समुद्री डकैती की एक भयानक घटना सामने आई है। इस बार हथियारबंद गनमैनों की एक टीम ने सीमल नामके ऑयल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है। यह घटना समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक गंभीर चेतावनी है जहां अंतरराष्ट्रीय जहाजों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
अदन की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह क्षेत्र लाल सागर और अरब सागर को जोड़ता है और हजारों टन का सामान और तेल प्रतिदिन यहां से गुजरता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से यह इलाका समुद्री डकैतों के लिए एक आशियाना बन गया है। सोमाली समुद्री डकैत और अन्य आतंकवादी संगठन यहां जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
सीमल ऑयल टैंकर की घटना एक चिंताजनक संकेत है। इस टैंकर को छह सशस्त्र गनमैनों ने हाईजैक किया। ये गनमैन सोमालिया की ओर इस जहाज को ले गए। यूके मैरीटाइम सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन ने इस घटना की पुष्टि की है और कहा है कि यह अदन की खाड़ी में बढ़ती असुरक्षा का प्रमाण है।
अदन की खाड़ी में बढ़ती समुद्री डकैती
अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले कुछ महीनों में कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों को लूटा गया है और कुछ को तो बिल्कुल ही हाईजैक कर लिया गया है। इन डकैतों के पास आधुनिक हथियार हैं और वे बेहद खतरनाक हैं।
सोमाली समुद्री डकैत मुख्य रूप से सोमालिया के तटीय इलाकों से आते हैं। सोमालिया में राजनीतिक अस्थिरता और गरीबी के कारण यहां की आबादी का एक बड़ा हिस्सा समुद्री डकैती में लिप्त हो गया है। वे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को लूट कर तेल, माल और पैसे बरामद करते हैं। कई बार तो जहाजों के चालक दल को बंधक भी बना लिया जाता है।
यूके मैरीटाइम सिक्योरिटी मॉनिटर ने चेतावनी दी है कि अदन की खाड़ी में जहाजों को चलाना अब पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है। कई देशों की नौसेनाएं इस क्षेत्र में गश्त लगा रही हैं, लेकिन फिर भी समुद्री डकैती की घटनाएं कम नहीं हो रहीं।
तुर्की के हथियार ले जा रहे जहाज का हाईजैक
सीमल टैंकर के हाईजैक होने से कुछ ही दिन पहले सोमाली समुद्री डकैतों ने एक और बड़ी घटना को अंजाम दिया था। उन्होंने तुर्की के हथियार ले जा रहे एक जहाज को हाईजैक कर लिया था। यह घटना पूरी दुनिया में समुद्री सुरक्षा के मुद्दे पर चिंता बढ़ा गई थी।
तुर्की का यह जहाज युद्ध सामग्री और हथियार ले जा रहा था। जब सोमाली डकैतों ने इसे हाईजैक किया तो पूरी दुनिया के समुद्री अधिकारियों में हलचल मच गई। हथियारों से लदे एक जहाज का अपहरण एक बेहद गंभीर मामला था। इससे डर था कि ये हथियार आतंकवादी संगठनों के हाथ में चले जा सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत सशस्त्र गनमैन वाले जहाजों को सुरक्षित रखना चाहिए। लेकिन अदन की खाड़ी के अस्थिर इलाके में यह संभव नहीं हो पाया। इसके बाद से समुद्री सुरक्षा की मांग और भी जोरदार हो गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के उपाय
अदन की खाड़ी में बढ़ती समुद्री डकैती से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन लगातार प्रयास कर रहे हैं। कई देशों की नौसेनाएं यहां गश्त लगा रही हैं। भारतीय नौसेना भी इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बनाए हुई है।
अमेरिकी नौसेना, यूरोपीय संघ की सैन्य टीम और अन्य देशों की नौसेनाएं मिलकर इस क्षेत्र में पहरेदारी कर रही हैं। लेकिन अदन की खाड़ी इतनी बड़ी है कि हर जगह निगरानी रखना संभव नहीं हो पाता। इसलिए डकैतों को हमेशा ही कोई न कोई मौका मिल जाता है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून को और कड़ा करने की मांग बढ़ रही है। व्यापारी जहाजों पर सशस्त्र सुरक्षा दल रखने की भी बात कही जा रही है। यूके मैरीटाइम सिक्योरिटी मॉनिटर ने सभी जहाजों से कहा है कि वे इस क्षेत्र से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानियां बरतें।
सीमल टैंकर और तुर्की के हथियार ले जा रहे जहाज की घटनाएं बताती हैं कि अदन की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा की स्थिति कितनी खराब है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार इसी क्षेत्र पर निर्भर करता है। इसलिए इस क्षेत्र को सुरक्षित रखना सभी देशों की जिम्मेदारी बन गई है। समुद्री डकैती को खत्म करने के लिए सोमालिया की राजनीतिक स्थिति को भी सुधारना होगा, क्योंकि गरीबी और अस्थिरता ही इस समस्या की जड़ है।




