विशाखापट्टनम स्कूल में LKG बच्चे की मौत का सच
विशाखापट्टनम के निजी स्कूल में 6 साल के प्रणय तेज की संदिग्ध मौत। शिक्षक द्वारा पीटने का आरोप, वीडियो साक्ष्य सामने आया।
विशाखापट्टनम में एक निजी स्कूल से भीषण घटना सामने आई है जहां एक छः वर्षीय बच्चे की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हुई है। बच्चे का नाम प्रणय तेज था और वह स्कूल के LKG कक्षा में पढ़ता था। परिवार के अनुसार होमवर्क पूरा न करने के कारण शिक्षक ने बच्चे के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार किया जिसके परिणामस्वरूप उसकी जान चली गई। यह घटना पूरे देश में भीषण आक्रोश का कारण बनी है और शिक्षा व्यवस्था में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए आरोप पत्र में यह कहा गया है कि बच्चे के पिता को स्कूल प्रबंधन की ओर से सूचित किया गया था कि उनका बेटा कक्षा में ध्यान नहीं दे रहा था और होमवर्क पूरी तरह नहीं कर रहा था। इसी कारण से शिक्षक ने बच्चे को कठोर दंड देने का निर्णय लिया। जांच एजेंसी ने बताया कि शिक्षक ने बच्चे को थप्पड़ मारे और उसके कॉलर को जोर से खींचा। इन सब बातों का साक्ष्य एक वीडियो में भी मिला है जो स्कूल के CCTV में कैद था।
पीड़ित परिवार की दारुण गाथा
प्रणय तेज के माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा एक सामान्य और स्वस्थ बच्चा था। स्कूल में जाने से पहले उसे कोई समस्या नहीं थी लेकिन उस दिन के बाद से उसका व्यवहार बिल्कुल बदल गया। पिता ने बताया कि बच्चे को स्कूल से वापस आने के बाद भीषण खांसी आ रही थी और वह डर के साथ रो रहा था। शिक्षक द्वारा दिए गए थप्पड़ों और कॉलर खींचने से बच्चे को गहरी चोट लगी थी। परिवार के अनुसार जब बच्चे को स्कूल की घटना के बारे में बताया गया तो उसका दिल टूट गया और उसने डर के कारण रोना शुरू कर दिया।
घटना के समय बच्चे के साथ जो कुछ हुआ उसके बारे में स्कूल के अन्य कर्मचारियों के पास जानकारी हो सकती है लेकिन स्कूल प्रबंधन ने सभी को चुप रहने के लिए दबाव दिया। माता-पिता ने कहा कि उन्हें बाद में पता चला कि बच्चा शिक्षक के ऊपर गिर गया था जिसके बाद उसकी सांसें रुकने लगीं। आपातकालीन सेवा से संपर्क किया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच
बच्चे की मौत के बाद विशाखापट्टनम पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और शिक्षक के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया। पुलिस ने स्कूल से CCTV फुटेज प्राप्त किया जिसमें शिक्षक द्वारा बच्चे को मारना और कॉलर खींचना साफ दिखाई दिया। यह साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शिक्षक के अपराध को स्पष्ट रूप से प्रमाणित करता है। पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार किया है और उसके विरुद्ध बाल अत्याचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
जांच के दौरान पुलिस ने यह भी पाया कि यह पहली घटना नहीं थी। स्कूल के अन्य अभिभावकों ने भी इसी शिक्षक द्वारा अपने बच्चों के साथ क्रूरता के बारे में शिकायत की थी। कई माता-पिता ने कहा कि उनके बच्चों को भी इस शिक्षक ने मारा-पीटा है लेकिन वे स्कूल के भय से चुप रहे। इस बात से यह स्पष्ट होता है कि स्कूल में एक व्यवस्थित गुंडागर्दी चल रही थी।
बाल सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था पर संकट
यह घटना पूरे राष्ट्र में शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्कूलों को बच्चों की सुरक्षा और उनके विकास के लिए जिम्मेदार होना चाहिए लेकिन कई निजी स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। सरकार को चाहिए कि वह सभी स्कूलों में कड़े निरीक्षण व्यवस्था को लागू करे और शिक्षकों के लिए सख्त प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए।
बाल सुरक्षा समिति और अधिकार संगठन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि भारत के संविधान में बच्चों को सुरक्षा और देखभाल का अधिकार दिया गया है। किसी भी शिक्षक को बच्चों के साथ शारीरिक दंड का प्रयोग करने का कोई अधिकार नहीं है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि मानवीय मूल्यों के विरुद्ध भी है।
प्रणय तेज की अकाल मृत्यु ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। उसके माता-पिता ने भी न्याय की मांग की है और कहा है कि अगर इस तरह की घटना के लिए कड़ी सजा नहीं दी गई तो भविष्य में ऐसी और भी भीषण घटनाएं हो सकती हैं। सरकार को चाहिए कि वह शिक्षकों के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाए और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। यह एक चेतावनी है कि हमें अपनी शिक्षा व्यवस्था को बदलना होगा और बच्चों को सुरक्षित स्थान प्रदान करना होगा।




