25 साल बाद लौटा पति, देवर से शादी कर चुकी पत्नी का संकट
25 साल बाद लौटे पति ने मचाई तहलका, देवर से शादी कर चुकी पत्नी के सामने खड़ा हुआ धर्मसंकट
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर कस्बे से एक ऐसी घटना सामने आई है जो फिल्मी कहानी लगती है, लेकिन यह कड़वी सच्चाई है। 25 साल पहले लापता हुए हंसा सिंह की अचानक वापसी ने पूरे परिवार और समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। इस घटना ने न केवल पारिवारिक रिश्तों को हिलाकर रख दिया है, बल्कि कानूनी और सामाजिक मुद्दों की भी एक जटिल गुत्थी बना दी है।
बात साल 1999 की है जब हंसा सिंह अचानक से गायब हो गए थे। परिवार ने उन्हें हर जगह ढूंढा, पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतता गया और आखिरकार परिवारजनों ने मान लिया कि हंसा सिंह की मृत्यु हो गई है। इसी विश्वास के साथ परिवार ने एक कठिन फैसला लिया और हंसा की पत्नी विमला देवी का विवाह उनके छोटे भाई से कर दिया।

25 साल की यात्रा और अचानक वापसी
हंसा सिंह की वापसी की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। जानकारी के अनुसार, पिछले 25 सालों से वे विभिन्न राज्यों में भटकते रहे। कभी मजदूरी करते, कभी छोटे-मोटे काम धंधे में हाथ आजमाते। इस दौरान वे कई बार घर वापस आने के बारे में सोचते रहे, लेकिन कभी हिम्मत नहीं जुटा पाए। आखिरकार पिछले सप्ताह जब वे नहटौर के पास पहुंचे तो स्थानीय लोगों ने उन्हें पहचान लिया और परिवार को सूचना दी।
हंसा सिंह की वापसी की खबर जैसे ही फैली, पूरे इलाके में हलचल मच गई। लोग उन्हें देखने के लिए दूर-दूर से आने लगे। कुछ लोगों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि वे वही हंसा सिंह हैं जो 25 साल पहले लापता हुए थे। हालांकि, परिवारजनों और पुराने परिचितों ने उन्हें पहचानने के बाद इस बात की पुष्टि कर दी।
पत्नी के सामने खड़ा हुआ भावनात्मक तूफान
सबसे बड़ा सवाल अब विमला देवी के सामने खड़ा है। पिछले 25 सालों से वह हंसा के भाई की पत्नी के रूप में जीवन बिता रही थी। उनके इस रिश्ते से बच्चे भी हैं। अब हंसा सिंह की वापसी के बाद उसके सामने एक गंभीर धर्मसंकट है। धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से देखा जाए तो हंसा सिंह उसका पहला पति है, लेकिन व्यावहारिक रूप से पिछले 25 साल से वह दूसरे रिश्ते में बंधी है।
विमला देवी की मानसिक स्थिति को समझा जा सकता है। एक ओर उसका पहला पति जिंदा वापस आ गया है, दूसरी ओर उसने एक नया जीवन बना लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विमला देवी इस स्थिति से बेहद परेशान है और वह किसी से बात करने की स्थिति में नहीं है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वह अपने कमरे में बंद हो गई है और किसी से मिलना नहीं चाहती।
कानूनी पेचीदगियां और सामाजिक दुविधा
इस मामले में कानूनी पहलुओं को देखा जाए तो स्थिति और भी जटिल हो जाती है। हिंदू विवाह अधिनियम के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति सात साल से लापता है तो उसे मृत मान लिया जाता है और उसकी पत्नी दूसरा विवाह कर सकती है। लेकिन अगर पहला पति जिंदा वापस आ जाता है तो स्थिति जटिल हो जाती है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में अदालत को फैसला करना होगा। हालांकि, ऐसे मामले बहुत कम आते हैं, इसलिए इसका समाधान आसान नहीं है। इस बीच, परिवारजन और स्थानीय पंचायत इस मामले का समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस की संवेदनशील भूमिका
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस ने बेहद संवेदनशीलता दिखाई है। नहटौर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि वे इस मामले को पारिवारिक विवाद के रूप में देख रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि इसका समाधान आपसी बातचीत से हो जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे इस मामले को स्थानीय पंचायत या अदालत के सामने ले जाने में मदद करेंगे।
| स्थिति विवरण | जानकारी |
| --- | --- | |
|---|---|---|
| लापता होने का साल | 1999 | |
| वापसी का साल | 2024 | |
| कुल अवधि | 25 साल | |
| घटना स्थल | नहटौर, बिजनौर (UP) | |
| मुख्य व्यक्ति | हंसा सिंह |
यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक समस्या नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की कई समस्याओं को उजागर करता है। यह दिखाता है कि कैसे परिस्थितियां इंसान को मजबूरी में ऐसे फैसले लेने पर मजबूर कर देती हैं जो बाद में जटिलताएं पैदा करते हैं। अब देखना यह है कि इस मामले का अंत कैसे होता है और क्या इस परिवार को कोई संतोषजनक समाधान मिल पाता है।




