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Friday, 06 November 2026
धर्म

त्योहारों से पहले प्याज हुआ सस्ता, मंडियों में 13% गिरावट

खरीफ प्याज की नई फसल से देशभर में कीमतें गिरीं। महाराष्ट्र की मंडियों में 13% की कमी। त्योहारों में सस्ता प्याज मिलेगा।

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Komal
संवाददाता
📅 13 October 2026, 7:17 AM ⏱ 1 मिनट 👁 556 views
त्योहारों से पहले प्याज हुआ सस्ता, मंडियों में 13% गिरावट
📷 aarpaarkhabar.com

देशभर की मंडियों में इन दिनों प्याज की कीमतों में भारी गिरावट आई है। खरीफ सीजन में प्याज की नई फसल आने से लेकर सरकार के बफर स्टॉक के जरिए सप्लाई बनी रहने से बाजार में प्याज की भरपूर उपलब्धता हुई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है और आम जनता को इस महत्वपूर्ण सब्जी पर काफी राहत मिली है। महाराष्ट्र की विभिन्न मंडियों में तो प्याज की कीमत में 13 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है जो बेहद सकारात्मक संकेत है।

देश के 126 शहरों में खुदरा बाजार में भी प्याज की कीमतों में स्पष्ट कमी देखने को मिल रही है। यह गिरावट सामान्य परिवारों के लिए खासतौर पर राहत का विषय है क्योंकि प्याज भारतीय रसोई का अभिन्न अंग है। किसी भी रसोई में प्याज का उपयोग दिन-प्रतिदिन किया जाता है और इसके महंगा होने से आम लोगों की खाद्य सामग्री की कीमत में भी इजाफा हो जाता है। इस बार की कीमत में गिरावट से परिवारों का खर्च कम होगा।

खरीफ प्याज की नई फसल का असर

खरीफ सीजन में प्याज की नई फसल का आना ही इस कीमत में गिरावट का प्रमुख कारण है। किसान भाई बड़े पैमाने पर प्याज की खेती कर रहे हैं और नई फसल बाजार में आ गई है। इससे बाजार में प्याज की आपूर्ति में काफी वृद्धि हुई है। जब बाजार में किसी भी वस्तु की आपूर्ति अधिक होती है तो स्वाभाविक रूप से उसकी कीमत में गिरावट आती है।

महाराष्ट्र में तो प्याज की खेती का एक मुख्य केंद्र है और यहां की मंडियों में नई फसल के आने से कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। किसानों को इस समय प्याज की उचित कीमत मिल रही है जो उनके लिए किसी हद तक संतोषजनक है। लेकिन अगर कीमतें और भी गिरीं तो किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मुआवजा मिले।

सरकार के बफर स्टॉक की महत्वपूर्ण भूमिका

सरकार ने बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया हुआ है। इस स्टॉक से बाजार में नियमित रूप से प्याज की सप्लाई की जा रही है। यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव नियंत्रित रहता है। बफर स्टॉक का सही इस्तेमाल करके सरकार जनता को राहत देने का काम कर रही है।

बफर स्टॉक न केवल कीमतों को नियंत्रित रखता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि देशभर में प्याज की निरंतर उपलब्धता बनी रहे। किसी क्षेत्र में अगर प्याज की कमी आ जाए तो बफर स्टॉक से वहां भेजा जा सकता है। यह व्यवस्था बहुत ही व्यावहारिक और जनहित के लिए लाभकारी साबित हुई है। सरकार की इस दूरदर्शी नीति की सराहना की जानी चाहिए।

त्योहारों में सस्ता प्याज मिलेगा

आने वाले त्योहारों के समय प्याज की कीमतें और भी अनुकूल रहने की उम्मीद है। त्योहारों के दौरान खान-पान पर परिवार का खर्च काफी बढ़ जाता है। ऐसे में अगर प्याज सस्ता रहे तो घरों का खर्च नियंत्रण में रहेगा। इस बार की पूर्वानुमानों के आधार पर प्याज की उपलब्धता बेहतर रहेगी।

त्योहार हमारी संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और इन दिनों में खास तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। प्याज का उपयोग लगभग सभी व्यंजनों में होता है। अगर इस समय प्याज सस्ता रहे तो परिवार खुशियों से भी ज्यादा मजे से त्योहार मना सकेंगे। छोटे-बड़े सभी परिवारों के लिए यह खबर सकारात्मक है।

बाजार के विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले महीनों में प्याज की कीमत में और भी स्थिरता आएगी। नई फसल की आवक जारी रहेगी और उत्पादन भी अच्छा है। इसलिए जनता को इस बीच प्याज के दाम में कोई बड़ी वृद्धि देखने को नहीं मिलेगी। यह जानकारी खासतौर पर उन परिवारों के लिए सुकून भरी है जो अपना बजट तैयार कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, प्याज की कीमतों में यह गिरावट आम जनता के लिए एक सकारात्मक विकास है। इसका लाभ सीधे घरों तक पहुंच रहा है और भारतीय परिवारों की रसोई का खर्च कम हो रहा है। सरकार, किसान और बाजार तीनों के बीच एक स्वस्थ संतुलन बना हुआ है जो सभी के लिए लाभकारी साबित हो रहा है।