बिना सोडा के सॉफ्ट चने बनाने की आसान ट्रिक
अष्टमी और नवमी पर काले चने को परफेक्ट तरीके से नरम कैसे बनाएं। बिना सोडा कंजक के सॉफ्ट चने की आसान विधि और घरेलू टिप्स।
घंटों की मेहनत के बिना परफेक्ट चने कैसे बनाएं
आने वाली अष्टमी और परसों नवमी को कन्या पूजन का बहुत महत्व है। हमारे देश की परंपरा में इसी दिन नवदुर्गा की पूजा की जाती है और घर में काले चने का प्रसाद बनाया जाता है। लेकिन बहुत से लोगों को चने पकाने में समस्या आती है। कभी-कभी चने पूरी तरह उबल नहीं पाते और कच्चे ही रह जाते हैं, तो कभी-कभी वह इतना गल जाते हैं कि खराब हो जाते हैं। इस समस्या से बचने के लिए लोग सोडा बाइकार्बोनेट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोडा के बिना भी आप बिल्कुल सॉफ्ट और परफेक्ट चने बना सकते हैं?
हां, यह बिल्कुल सच है। आजकल के जमाने में सोडा का इस्तेमाल करना आपके स्वास्थ्य के लिए सही नहीं माना जाता। इसलिए हम आपको कुछ कमाल की और पारंपरिक ट्रिक्स बता रहे हैं जो आपके चनों को मुलायम और स्वादिष्ट बना देंगी। ये तरीके बिल्कुल आसान हैं और आपके घर में पहले से ही सभी सामग्री मिल जाएंगी। तो चलिए जानते हैं कि सॉफ्ट चने बनाने के लिए कौन-कौन सी ट्रिक्स हैं।
चने को रात भर सही तरीके से भिगोना
सॉफ्ट चने बनाने की सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात है चनों को सही तरीके से भिगोना। अगर आप चनों को सही ढंग से भिगोएंगे तो आपको आधी परेशानी ही खत्म हो जाएगी। चनों को कम से कम आठ घंटे के लिए और बेहतर होगा कि रात भर के लिए पानी में भिगोएं। लेकिन भिगोते समय एक बात का ध्यान रखें - जो पानी आप चनों को भिगोने के लिए इस्तेमाल करेंगे वह बिल्कुल ठंडा होना चाहिए।
भिगोने के बाद अगली सुबह इन चनों को अच्छी तरह धो लें। धोने के बाद इन्हें नए ताजे पानी में डालें। कई लोगों की गलती यह होती है कि वह चनों को भिगोने वाले पानी में ही उबालते हैं। यह गलत है क्योंकि उस पानी में चनों के बाहरी खोल के साथ कुछ ऐसे तत्व आ जाते हैं जो उन्हें उबलने में मुश्किल पेश करते हैं। इसलिए हमेशा भिगोने के बाद चनों को अच्छी तरह धोकर नए पानी में ही पकाएं।
एक और जरूरी बात यह है कि भिगोते समय पानी में एक चुटकी नमक या दो-तीन बूंदें नींबू की रखें। नींबू की अम्लता और नमक दोनों ही चनों को जल्दी नरम करने में मदद करते हैं। यह एक बहुत ही सरल लेकिन कारगर तरीका है। अगर आप नींबू नहीं चाहती तो सफेद सिरका भी इस्तेमाल कर सकती हैं। दो-तीन चम्मच सिरका पानी में मिलाने से भी चने जल्दी नरम हो जाते हैं।
पकाने के समय महत्वपूर्ण बातें
अब जब आप चनों को उबालने लगें तो कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले तो यह है कि चनों को तेज आंच पर नहीं पकाना चाहिए। मंद या मध्यम आंच पर धीरे-धीरे चनों को पकाएं। जब पानी उबलने लगे और भाप निकलने लगे, तब आंच को कम कर दें। मंद आंच पर पकाने से चने समान रूप से नरम होते हैं और उनका खोल भी नहीं उतरता।
पकाते समय यह भी ध्यान रखें कि बीच-बीच में पानी का स्तर चेक करते रहें। अगर पानी कम हो गया हो तो गरम पानी डालें, कभी भी ठंडा पानी न डालें क्योंकि इससे पकाने का समय और बढ़ जाता है। साथ ही, पहली बीस-तीस मिनट तक चनों को हिलाएं-डुलाएं नहीं। जब वे अर्ध-पके हो जाएं तब कभी-कभी हिला सकते हैं।
एक और रहस्य यह है कि पकाते समय पानी में एक छोटी सी चीनी मिला दें। हां, आपने सही सुना। एक-दो चम्मच चीनी पानी में डालने से चने बहुत जल्दी नरम हो जाते हैं। चीनी की मिठास चनों के कठोर खोल को नरम करने में मदद करती है। यह एक पारंपरिक तरीका है जो हमारी दादी-नानियां भी जानती थीं।
कुछ लोग प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करते हैं जो ठीक है, लेकिन अगर आप धीमी आंच पर धीरे-धीरे पकाएंगे तो चनों का स्वाद और गुणवत्ता दोनों ही बेहतर रहेगी। प्रेशर कुकर में कभी-कभी चने बहुत अधिक मथ जाते हैं। इसलिए सामान्य बर्तन में ही पकाना बेहतर है।
तैयार चनों को स्टोर करने की विधि
जब आपके चने परफेक्ट तरीके से नरम हो जाएं तो उन्हें सही तरीके से स्टोर करना भी जरूरी है। पकाने के बाद चनों को सभी पानी के साथ ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इन्हें एक साफ कंटेनर में रखें और फ्रिज में स्टोर करें। पकाए गए चनों को कमरे के तापमान पर रखने से वह खराब हो सकते हैं।
अगर आप चनों को कई दिनों के लिए स्टोर करना चाहती हैं तो उन्हें फ्रीज़र में रख सकती हैं। पकाए गए चने कम से कम दो-तीन हफ्ते तक फ्रीज़र में रह सकते हैं। जरूरत के समय बस उन्हें निकालकर इस्तेमाल कर सकते हैं। भगवान को भोग लगाने से पहले उन्हें गुनगुना कर लें तो और भी अच्छा रहेगा।
इन सभी टिप्स को अगर आप अपनाएंगे तो आपको हमेशा परफेक्ट, नरम और स्वादिष्ट चने मिलेंगे। न तो वह कच्चे रहेंगे और न ही अधिक गल जाएंगे। यह विधि बिल्कुल प्राकृतिक है और आपके स्वास्थ्य के लिए भी सुरक्षित है। अष्टमी और नवमी पर आप अपने परिवार को इस स्वादिष्ट और पौष्टिक प्रसाद से जरूर संतुष्ट कर सकेंगी।




