एयर होस्टेस के डार्क सीक्रेट और पायलट से संबंध
एयर होस्टेस और पायलट से जुड़ी कहानियां अक्सर सामने आती रहती हैं। आसमान में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर किसी फ्लाइट में केबिन के अंदर क्या होता है, यह जानने में काफी लोगों की दिलचस्पी होती है। क्योंकि, कई बार पूर्व एयर होस्टेस और क्रू मेंबर अनुभव के तौर पर ऐसी कहानियां सामने लाते हैं, जिनका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। यह एक ऐसी दुनिया है जो आम यात्रियों की नजरों से बिल्कुल छिपी होती है। आइए जानते हैं उन सभी रहस्यों के बारे में जो आसमान में होते हैं।
कॉकपिट में क्या होता है असली में
एयर होस्टेस ने कई बार कॉकपिट में होने वाली घटनाओं के बारे में बात की है। पायलट और को-पायलट जब उड़ान भर रहे होते हैं, तो उस समय काबिन क्रू को उन तक पहुंचने का मौका कम ही मिलता है। लेकिन जब विमान को ऑटोपायलट में सेट कर दिया जाता है, तो पायलट अपने आराम के लिए कुछ समय निकाल लेते हैं। इसी बीच एयर होस्टेस कॉकपिट में चाय-कॉफी या खाने-पीने की चीजें लेकर जाती हैं। और यहीं से शुरू होती है वह कहानियां जो बयां करना बहुत मुश्किल होता है।
एक पूर्व एयर होस्टेस ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कॉकपिट में अक्सर ऐसे फोन कॉल आते हैं जो दूसरे स्टाफ को नहीं दिखते। कई बार पायलट अपनी निजी बातें भी छिपाते हैं। एयर होस्टेस को यह भी बताया गया कि उन्हें कॉकपिट में जो भी देखें, सब कुछ गोपनीय रखना चाहिए। यह एक अलिखित नियम है जो सभी एयरलाइनों में माना जाता है। इसका कारण यह है कि विमान की सुरक्षा और पायलट की प्राइवेसी दोनों ही बहुत महत्वपूर्ण होती है।
अक्सर देखा गया है कि जब लंबी उड़ान होती है, तो पायलट और को-पायलट एक-दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताते हैं। इसी दौरान कई सार्वजनिक बातें भी होती हैं और कई निजी भी। एयर होस्टेस को इन सभी बातों के बीच संतुलन रखना पड़ता है। उन्हें अपना काम करना होता है, लेकिन साथ ही साथ पायलट की प्राइवेसी का भी ध्यान रखना होता है।
फ्लाइट क्रू के बीच गोपनीयता के नियम
हर एयरलाइन की अपनी एक संस्कृति होती है और उसके अनुसार काम करने के नियम भी होते हैं। एयर होस्टेस को प्रशिक्षण के दौरान पहचान करवाया जाता है कि वे किन बातों को गोपनीय रखें। एक पूर्व काबिन क्रू सदस्य ने खुलासा किया कि पायलट और एयर होस्टेस के बीच का रिश्ता हमेशा पेशेवर ही रहता है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में यह रिश्ता कुछ अलग हो जाता है।
उन्होंने बताया कि लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में क्रू को एक ही होटल में रहना होता है। इस दौरान पायलट और एयर होस्टेस एक-दूसरे को ज्यादा करीब से जानते हैं। कई बार यह पेशेवर रिश्ता कुछ ओर हो जाता है। लेकिन एयरलाइनें इस बात को कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं करती। यह एक ऐसा विषय है जो सार्वजनिक रूप से बात नहीं किया जाता, लेकिन आसमान में हर रोज होता है।
एक और महत्वपूर्ण बात जो कई एयर होस्टेस ने बताई है, वह है सीनियर और जूनियर क्रू के बीच का रिश्ता। जब एक अनुभवहीन एयर होस्टेस नई नौकरी शुरू करती है, तो सीनियर क्रू मेंबर उसे बहुत कुछ सिखाते हैं। कई बार यह शिक्षा की प्रक्रिया कुछ अलग रूप ले लेती है। लेकिन इसके बारे में बात करना किसी के लिए आसान नहीं होता।
आसमान की असली दुनिया
आसमान में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान के अंदर एक अलग ही दुनिया होती है। यहां सामाजिक मानदंड कुछ अलग तरीके से काम करते हैं। क्योंकि, यह एक बंद वातावरण है जहां कोई बाहर से देखने वाला नहीं होता। एक एयर होस्टेस ने बताया कि विमान में यात्रियों के सोने के बाद का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी समय क्रू अपने लिए समय निकालता है।
एक और दिलचस्प बात जो सामने आई है, वह है विमान में अलग-अलग राष्ट्रीयता के लोगों का काम करना। जब विभिन्न देशों के क्रू सदस्य एक साथ काम करते हैं, तो सांस्कृतिक मतभेद भी होते हैं। कई बार यह मतभेद रोमांटिक रिश्तों में तब्दील हो जाता है। एक भारतीय एयर होस्टेस ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में विदेशी क्रू सदस्य अक्सर भारतीय लड़कियों को तरजीह देते हैं। लेकिन यह एक ऐसी बात है जो कभी आधिकारिक रूप से दर्ज नहीं होती।
विमान में सुरक्षा भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। इसलिए किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि को तुरंत रिपोर्ट करना पड़ता है। लेकिन कई बार क्रू सदस्य छोटी-मोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं। यह भी एक गोपनीयता का खेल होता है। एक पूर्व पायलट ने भी माना है कि कॉकपिट में कई ऐसी बातें होती हैं जो जनता को नहीं पता चलनी चाहिए।
आखिरकार, आसमान में होने वाली सभी बातें उड़ान के सुरक्षा और गोपनीयता से संबंधित होती हैं। एयरलाइनें इन सभी गतिविधियों को बहुत गंभीरता से लेती हैं। पायलट और एयर होस्टेस दोनों को कड़े प्रशिक्षण से गुजरना होता है। लेकिन मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और भावनाएं हर जगह होती हैं। विमान में भी ऐसा ही होता है। बस फर्क यह है कि यहां सब कुछ अच्छी तरह से छिपा हुआ होता है।




