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Friday, 05 June 2026
मनोरंजन

अनिल कपूर ने पेरेंटिंग पर खोला राज, बच्चों का जन्मदिन भी नहीं याद

author
Komal
संवाददाता
📅 02 May 2026, 7:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 736 views
अनिल कपूर ने पेरेंटिंग पर खोला राज, बच्चों का जन्मदिन भी नहीं याद
📷 aarpaarkhabar.com

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में अपनी पेरेंटिंग स्टाइल के बारे में बेहद ईमानदारी से बातें कही हैं। उन्होंने स्वीकार किया है कि उनके बच्चों की जिंदगी में वे काफी हद तक अनुपस्थित रहे हैं। यह बात सुनकर फैंस और मीडिया दोनों को ही चौंक गए। अनिल कपूर का यह खुलासा उन सभी माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है जो अपने करियर में इतने व्यस्त रहते हैं कि अपने परिवार को भूल जाते हैं।

यह एक ऐसा विषय है जिस पर बॉलीवुड में कभी-कभी ही खुलकर बातचीत होती है। अनिल कपूर जैसे बड़े सितारे को यह स्वीकार करना कि वे अपने बच्चों की कक्षाओं के बारे में नहीं जानते थे और न ही उन्हें उनके जन्मदिन याद रहते थे, यह बहुत महत्वपूर्ण है। यह कथन केवल एक खुलासा नहीं है, बल्कि एक सामाजिक टिप्पणी भी है जो हमारे समाज में पेरेंटिंग के तरीकों को लेकर सवाल उठाता है।

अनिल कपूर की ईमानदार स्वीकारोक्ति

हॉलीवुड जगत में सफलता की चाह में अक्सर लोग अपने परिवार को नजरअंदाज कर देते हैं। अनिल कपूर ने जो बात कही है वह उसी सच्चाई का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बच्चों के स्कूल जाने के दिन तक का अंदाजा नहीं था। जन्मदिन तो दूर की बात है, उन्हें तो यह भी पता नहीं रहता था कि उनके बच्चों को स्कूल में क्या सीखना है या उन्हें किन विषयों में कठिनाई आ रही है।

यह कबूली सिर्फ एक साधारण बात नहीं है। अनिल कपूर ने जब बॉलीवुड में अपने पैर जमाए थे, तब से लेकर अब तक उन्हें बहुत बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया है और अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले गए हैं। लेकिन इसी सफलता के बीच वे अपने परिवार को भूल गए। उनके बच्चे उनके बाजू में बैठे हों या कहीं दूर खेल रहे हों, अनिल कपूर को इस बात की फिक्र नहीं थी।

उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा है कि उन्हें इस बात का कोई पछतावा नहीं है। यह बात शायद कुछ लोगों को अजीब लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक गहरा अर्थ है। अनिल कपूर का मतलब शायद यह है कि जो हो गया वह हो गया, और अब उसे बदला नहीं जा सकता। हर किसी का अपना रास्ता होता है, और हर किसी की अपनी परिस्थितियां होती हैं।

बॉलीवुड में पेरेंटिंग की चुनौतियां

बॉलीवुड में काम करना एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण काम है। फिल्म इंडस्ट्री में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और समय भी बहुत ज्यादा लगता है। शूटिंग, प्रमोशन, इंटरव्यू और अन्य कार्यक्रमों में अभिनेताओं को पूरे साल घूमना पड़ता है। इन सब के बीच परिवार की देखभाल करना काफी मुश्किल हो जाता है।

अनिल कपूर के समय में तो हालात और भी कठोर थे। आजकल तो तकनीक ने परिवार से संपर्क रखना आसान बना दिया है, लेकिन उस समय कोई फोन नहीं था, कोई इंटरनेट नहीं था। अनिल कपूर शूटिंग के लिए महीनों दूर रहते थे, और उनके बच्चों का पालन-पोषण उनकी पत्नी को ही करना पड़ता था। ऐसे में यह समझना आसान है कि वे अपने बच्चों से कितने दूर रहे होंगे।

लेकिन यह सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं है। आजकल हर क्षेत्र में माता-पिता अपने करियर को प्राथमिकता देते हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, व्यावसायी सब अपने काम में इतने व्यस्त रहते हैं कि अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते। अनिल कपूर की यह बात सिर्फ उन्हीं के लिए नहीं है, बल्कि समाज के हर क्षेत्र के लिए एक संदेश है।

समकालीन माता-पिता के लिए सीखने की बातें

अनिल कपूर का यह स्टेटमेंट आज के माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है। आज के युग में जब हर कोई अपने स्मार्टफोन में व्यस्त रहता है, अपने काम में, अपने सोशल मीडिया में, तब यह जरूरी है कि हम अपने बच्चों को समय दें। बचपन वह समय है जो फिर कभी वापस नहीं आता। अगर हम अपने बच्चों की बचपन की यादों को मिस कर देते हैं, तो फिर जिंदगी भर का खेद रह जाता है।

अनिल कपूर ने अपने करियर में जो सफलता हासिल की है, वह प्रशंसनीय है। लेकिन अगर वह अपने बच्चों के जन्मदिन याद कर सकते थे, अगर वह उनकी कक्षाओं में जा सकते थे, अगर वह उनके साथ कुछ समय बिता सकते थे, तो शायद उनकी सफलता और भी मीठी होती। पैसा और प्रसिद्धि सब कुछ नहीं है। परिवार और रिश्ते असली सम्पदा हैं।

आजकल के माता-पिता को यह सीखना चाहिए कि समय प्रबंधन कितना महत्वपूर्ण है। काम भी जरूरी है, पर परिवार को भी उतना ही महत्व देना चाहिए। अनिल कपूर की यह बातचीत शायद ही किसी को बहुत खुशी न दे, लेकिन यह निश्चित रूप से सोचने के लिए मजबूर करती है। हर माता-पिता को अपने से पूछना चाहिए कि क्या वह अपने बच्चों को पर्याप्त समय दे रहे हैं या नहीं।