दिल्ली में अप्रैल की ठंड ने तोड़ा 11 साल का रिकॉर्ड
दिल्ली में इस बार मई की शुरुआत में ही भीषण गर्मी का कहर देखने को मिलने वाला है। अप्रैल के महीने में जहां दिल्ली वासियों को असामान्य ठंड का एहसास हुआ वहीं अब तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में दिल्ली में जो तापमान दर्ज किया गया है वह पिछले 11 सालों में सबसे कम है।
दिल्ली में अप्रैल के महीने की शुरुआत से ही तापमान में गिरावट आई थी। कई दिनों तक दिल्ली में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से भी कम रहा। यह बात पिछले पूरे दशक में कभी देखने को नहीं मिली थी। मौसम विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि मई के महीने में आते ही दिल्ली में तापमान में तीव्र वृद्धि दिखने को मिलेगी।
अप्रैल में असामान्य ठंड के कारण
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अप्रैल में जो असामान्य ठंड देखी गई उसके पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ के अलग-अलग समय पर आने के साथ-साथ उत्तर भारत में बादलों का आवरण था। आमतौर पर अप्रैल का महीना गर्मी की शुरुआत माना जाता है लेकिन इस बार मौसम का चक्र बिल्कुल अलग रहा। बारिश की बूंदें और ठंडी हवाएं दिल्ली में लगातार चलती रहीं।
मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रारंभिक गतिविधि के कारण भी बनी थी। पश्चिमी विक्षोभ ने अपनी गति को धीमा रखा जिससे बादल दिल्ली पर लंबे समय तक ठहरे रहे। इसी कारण से तापमान में कमी देखने को मिली और हवाओं में भी नमी रही। दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मई की शुरुआत तक कई बार बारिश हुई जिससे ठंडक बनी रही।
यह भी देखा गया कि राजस्थान और पंजाब की ओर से आने वाली गर्म हवाएं दिल्ली तक पहुंचने से पहले ही अपनी तीव्रता खो देती थीं। पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियों ने उत्तर भारत में एक ऐसा मौसमी पैटर्न बना दिया था जो असामान्य था। यह स्थिति पिछली कई अप्रैल में कभी नहीं देखी गई थी।
पिछले 11 सालों में सबसे कम तापमान
दिल्ली मौसम विभाग के पास जो आंकड़े हैं उनके अनुसार अप्रैल 2014 के बाद से यह पहली बार है जब दिल्ली में तापमान इतना कम रहा हो। इस साल अप्रैल में दिल्ली का औसत न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा जो कि पिछली अधिकांश अप्रैलों में 22-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता था। दिन का तापमान भी औसत से तीन से चार डिग्री कम ही रहा।
मई के पहले सप्ताह तक दिल्ली में तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि जून तक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को भी छू सकता है। यह एक बेहद गंभीर स्थिति होगी क्योंकि पहले कुछ सप्ताह ठंड में रहने के बाद अचानक से इतनी अधिक गर्मी शरीर पर दुष्प्रभाव डाल सकती है।
आने वाले दिनों में गर्मी का खतरा
मई की शुरुआत में ही दिल्ली में गर्मी का कहर शुरू होने वाला है। भारतीय मौसम विभाग ने इसके लिए पहले से ही अलर्ट जारी कर दिए हैं। दिल्ली के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे घर में पर्याप्त मात्रा में पानी की व्यवस्था करें और बाहर निकलते समय धूप से बचाव के लिए उचित कपड़े पहनें।
गर्मी की तीव्रता को देखते हुए अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग को भी तैयारी करनी चाहिए। लू लगने की घटनाओं में वृद्धि देखी जा सकती है। बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह समय विशेष रूप से जोखिम भरा होगा। दिल्ली की सरकार को भी इस बात के लिए तैयारी करनी चाहिए कि बिजली की मांग में भारी इजाफा होगा और बिजली संकट आ सकता है।
अप्रैल की ठंडक अब केवल एक यादें रह जाएगी। दिल्ली वासियों को अब गर्मी के मौसम के लिए तैयार हो जाना चाहिए। पानी की बर्बादी न करते हुए इसका समुचित उपयोग करना होगा। छतों को सफेद रंग से पोतवाना, खिड़कियों में जाली लगवाना और रात को खिड़कियां खुली रखना जैसे तरीके अपनाकर घर में ठंडक को बनाए रखा जा सकता है।
मई के महीने में गर्मी की तीव्रता को देखते हुए दिल्ली में हीटवेव की स्थिति आ सकती है। ऐसे में आम जनता को सतर्क रहना होगा और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना होगा। मौसम विभाग की सभी चेतावनियों और सुझावों का पालन करना आवश्यक है।




