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Friday, 05 June 2026
राजनीति

5 राज्यों का Exit Poll: बंगाल से तमिलनाडु तक

author
Komal
संवाददाता
📅 30 April 2026, 7:47 AM ⏱ 1 मिनट 👁 608 views
5 राज्यों का Exit Poll: बंगाल से तमिलनाडु तक
📷 aarpaarkhabar.com

पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव देश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाले हैं। इन पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। लेकिन मतदान समाप्त होते ही सभी प्रमुख सर्वेक्षण संस्थाओं ने अपने Exit Poll जारी कर दिए हैं, जिनसे सियासी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। ये Exit Poll सभी राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत हैं कि चुनाव परिणाम किस दिशा में जाने वाले हैं।

Execution Poll एक आंकलन प्रणाली है जिसमें मतदान के तुरंत बाद मतदाताओं से सवाल पूछा जाता है कि उन्होंने किसे वोट दिया है। इससे चुनाव परिणामों का एक विश्वसनीय अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि ये Exit Poll बस एक अनुमान होता है और असली नतीजे इससे अलग भी हो सकते हैं, लेकिन फिर भी इनका महत्व कम नहीं आंका जा सकता है। इस बार के चुनावों में विभिन्न संस्थाओं ने अलग-अलग तरीकों से अपने सर्वेक्षण किए हैं।

पश्चिम बंगाल में कमल का खिलना

पश्चिम बंगाल में Exit Poll के आंकड़े भारतीय जनता पार्टी के लिए काफी सकारात्मक हैं। विभिन्न सर्वेक्षण संस्थाओं के Exit Poll से संकेत मिल रहे हैं कि बीजेपी इस बार बंगाल में एक बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। माना जा रहा है कि जहां पिछली बार बीजेपी को थोड़ी-बहुत सीटें मिली थीं, इस बार वह अपनी संख्या बढ़ाने में सफल हो सकती है। तृणमूल कांग्रेस जो पिछले दशक से बंगाल पर शासन कर रही है, उसके लिए Exit Poll में कुछ चिंताजनक संकेत सामने आए हैं।

बंगाल की राजनीति में हमेशा से ही द्विध्रुवीय प्रतिद्वंद्विता देखी गई है। पहले यहां वामपंथी और कांग्रेस के बीच संघर्ष होता था, फिर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच, और अब तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच है। इस चुनाव में लोकसभा के उपचुनाव का असर भी देखा जा रहा है, जहां तृणमूल कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था। Exit Poll से ऐसा लगता है कि बंगाल की जनता अब बदलाव की तरफ देख रही है।

तमिलनाडु में विजय की खुशबू

तमिलनाडु में चुनाव परिणाम की तस्वीर बिल्कुल अलग है। यहां सत्तारूढ़ गठबंधन को Exit Poll में बेहतरीन प्रदर्शन के संकेत मिल रहे हैं। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और उसके गठबंधन के साथी दल तमिलनाडु में एक मजबूत प्रदर्शन कर सकते हैं। अखिल भारतीय अन्नाद्रमुक मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व में विपक्षी गठबंधन को Exit Poll में कुछ कमजोर प्रदर्शन का संकेत दे रहे हैं।

तमिलनाडु की राजनीति अपने क्षेत्रीय दलों के लिए जानी जाती है। यहां का मतलब यह है कि यहां की जनता अपने क्षेत्रीय हितों को ध्यान में रखकर मतदान करती है। इस बार Exit Poll से यह साफ दिखाई दे रहा है कि मद्रास के मतदाताओं का झुकाव द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की तरफ है। यह पार्टी पिछले कुछ वर्षों से तमिलनाडु में सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर जोर दे रही है, जो जनता को भा रहा है।

असम, केरल और पुडुचेरी की राजनीति

असम की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी एक मजबूत खिलाड़ी बन गई है। Exit Poll में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के फिर से सत्ता में आने के संकेत दे रहे हैं। असम में जनता विकास दल और कांग्रेस का गठबंधन भी है, लेकिन Exit Poll से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि भाजपा को ही बहुमत मिल सकता है। असम की जनता राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्रित दिख रही है।

केरल में वामपंथी दलों और कांग्रेस नेतृत्व वाले संयुक्त मोर्चे के बीच सीधा संघर्ष है। Exit Poll से लगता है कि यहां चुनाव परिणाम काफी करीबी होने वाले हैं। केरल के मतदाता हमेशा से बुद्धिजीवी और सजग माने जाते हैं, इसलिए यहां छोटे-छोटे मुद्दों का बड़ा असर पड़ता है।

पुडुचेरी में भी स्थानीय राजनीति का प्रभाव देखने को मिल रहा है। यहां की जनता अपने क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखकर वोट दे रही है। Exit Poll में कुछ स्वतंत्र और क्षेत्रीय दलों को भी अच्छी मात्रा में सीटें मिल सकती हैं।

इन सभी चुनावों का राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्व है। देश की राजनीति में मध्य अवधि के संकेत देने वाले ये चुनाव, आने वाले समय में देश की राजनीतिक दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। 4 मई को आने वाले असली नतीजों का सभी को इंतजार है। तब तक Exit Poll बस अनुमान ही रहेंगे, लेकिन ये अनुमान जनता के मानस को समझने में काफी मददगार साबित होते हैं। हर चुनाव लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है और यह चुनाव भी भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता का एक जीवंत उदाहरण है।