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Monday, 14 September 2026
मौसम

उत्तर-मध्य भारत में भीषण गर्मी, कब मिलेगी राहत

author
Komal
संवाददाता
📅 27 May 2026, 7:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 564 views
उत्तर-मध्य भारत में भीषण गर्मी, कब मिलेगी राहत
📷 aarpaarkhabar.com

देश भर में भीषण गर्मी का कहर

भारत के विभिन्न हिस्सों में इस समय तापमान ने सभी सीमाएं तोड़ दी हैं। उत्तर से लेकर मध्य भारत तक जनजीवन पूरी तरह से गर्मी की चपेट में है। गुलाब की महक और प्रकृति की सुंदरता को पीछे छोड़ते हुए, आसमान अब आग उगल रहा है। लोग घरों में बंद हैं, सड़कों पर लू का कहर है और तापमान हर दिन नए रिकॉर्ड तोड़ रहा है।

भारतीय मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश का बांदा शहर इस समय देश का सबसे गर्म स्थान बन गया है, जहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की पीड़ा का प्रतीक है। इसके अलावा, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।

देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कई हफ्तों से लोग असहनीय गर्मी से जूझ रहे हैं। आवागमन के साधनों में भीड़ बढ़ गई है क्योंकि लोग ठंडे स्थानों की तलाश में इधर-उधर भटकते हैं। बिजली की कटौती भी इस समस्या को और गंभीर बना गई है। गलियों में सड़क खराब हो गई है, बिजली के तार पिघलने लगे हैं और लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।

राजस्थान में तो हालात और भी भयावह हैं। जैसलमेर, बीकानेर और नागौर जैसे शहरों में तापमान 46 डिग्री से ऊपर है। लोग दिन के समय घरों से बाहर निकलने से डरते हैं। खेतों में फसलें बर्बाद हो रही हैं, पशुधन प्रभावित हो रहा है और किसान असहाय महसूस कर रहे हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह

भारतीय मौसम विभाग ने इस गर्मी को लेकर लगातार चेतावनियां जारी की हैं। विभाग के अनुसार, यह भीषण गर्मी की लहर एक प्राकृतिक चक्र का हिस्सा है जो हर साल मई-जून में आती है। हालांकि, इस बार की गर्मी अपेक्षा से अधिक भीषण साबित हुई है।

विभाग के वैज्ञानिकों ने आम जनता को कई सलाहें दी हैं। उन्होंने कहा है कि लोगों को दोपहर के समय (11 बजे से शाम 5 बजे तक) घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए। पानी का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए, कम से कम 8-10 गिलास रोजाना पीना चाहिए। हल्के, सूती कपड़े पहनने चाहिए और सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए।

घरों में एयर कंडीशनर या कूलर का उपयोग करते समय बिजली की बचत के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना जरूरी है। लू से बचने के लिए गीली पट्टियों का इस्तेमाल करना चाहिए और यदि संभव हो तो छाया में ही रहना चाहिए।

कब मिलेगी राहत की बाट जोहते लोग

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस भयानक गर्मी से कब निजात मिलेगी। खुशखबरी यह है कि भारतीय मौसम विभाग ने 29 मई से एक बड़ी राहत का संकेत दिया है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) का प्रभाव उत्तर भारत में आएगा, जिससे तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी।

इसके साथ ही, बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना भी व्यक्त की गई है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में 29 मई से 31 मई के बीच हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना भी है। यह बारिश न केवल तापमान को कम करेगी, बल्कि मिट्टी में नमी भी लाएगी, जिससे खेतों को काफी राहत मिलेगी।

मध्य भारत में भी 30 मई से बारिश की आशा की जा रही है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। यह बारिश मई के अंतिम दिनों में मानसून के आगमन का संकेत भी दे सकती है।

इस राहत का इंतजार करते हुए लोग अपनी दिनचर्या जारी रखे हुए हैं। बजरी, मजदूर और दिहाड़ी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि उन्हें धूप में काम करना पड़ता है। कई स्थानों पर तो लू से जान जाने की खबरें भी आई हैं। इसलिए, सरकार और प्रशासन को इस दौरान विशेष ध्यान देना चाहिए और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करनी चाहिए।

यह गर्मी की लहर अगले कुछ दिनों के लिए जारी रहेगी, लेकिन 29 मई से मौसम में बदलाव की उम्मीद है। लोगों को धैर्य रखते हुए अपना ध्यान रखना चाहिए, पानी का पर्याप्त सेवन करना चाहिए और गर्मी से बचाव के सभी उपायों को अपनाना चाहिए। साथ ही, अपने बुजुर्गों, बच्चों और पालतू जानवरों का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि वे इस गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।