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Saturday, 03 October 2026
राजनीति

फलता में री-पोलिंग आज, चुनाव आयोग की सुरक्षा व्यवस्था

author
Komal
संवाददाता
📅 21 May 2026, 7:02 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
फलता में री-पोलिंग आज, चुनाव आयोग की सुरक्षा व्यवस्था
📷 aarpaarkhabar.com

पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर आज एक महत्वपूर्ण घटना घटने वाली है। इस सीट पर पुनर्मतदान का आयोजन किया जा रहा है, जिसके लिए चुनाव आयोग ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। यह री-पोलिंग पिछले महीने के चुनाव के बाद हुई विवादास्पद घटनाओं के कारण अनिवार्य हो गया था।

फालता विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के दक्षिण २४ परगना जिले में स्थित है। इस क्षेत्र में पिछली बार मतदान के दौरान ईवीएम मशीनों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की रिपोर्ट आई थी। इन गंभीर आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने फौरन जांच-पड़ताल का आदेश दिया और उस चुनाव को रद्द कर दिया। अब जब दोबारा मतदान हो रहा है, तो सरकार पूरी तरह पारदर्शिता सुनिश्चित करने का वचन दे रही है।

चुनाव आयोग की सुरक्षा व्यवस्था

चुनाव आयोग ने फालता की इस री-पोलिंग को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अराजकता या अनियमितता से बचा जा सके। प्रत्येक मतदान केंद्र पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस बार मतदान केंद्रों के आसपास की परिधि में सख्त जांच होगी। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि मतदान केंद्रों के बाहर क्या हो रहा है, इस पर निरंतर निगरानी रहे।

इसके अलावा, चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीनों की सुरक्षा को और भी कठोर बना दिया है। प्रत्येक मशीन को सील किया जाएगा और उसका विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाएगा। मशीनों की जांच-परख के लिए स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं।

पिछले चुनाव की विवादास्पद घटनाएं

पिछले महीने फालता में हुए चुनाव में कई विवादास्पद घटनाएं सामने आई थीं। मतदान के दौरान और बाद में ईवीएम मशीनों के साथ अनियमितता के गंभीर आरोप लगे थे। कई मतदाताओं ने शिकायत की थी कि उनके वोट सही तरीके से दर्ज नहीं हुए। कुछ ईवीएम मशीनें तकनीकी खराबी का भी शिकार हुई थीं।

इन सभी शिकायतों की जांच के बाद, चुनाव आयोग ने फैसला लिया कि इस सीट पर मतदान दोबारा होना चाहिए। यह निर्णय पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए लिया गया था।

राजनीतिक दलों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, हालांकि कुछ ने यह भी कहा कि आयोग को पहले से ही ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सतर्क रहना चाहिए था।

आज की मतदान प्रक्रिया क्या होगी

आज की मतदान प्रक्रिया को और भी कठोर बनाया गया है। सुबह जल्दी मतदान केंद्र खोल दिए जाएंगे और सभी सुरक्षा जांच पूरी की जाएंगी। पहले मतदाताओं को पहचान-पत्र दिखाना होगा, फिर उन्हें वोट डालने के लिए अनुमति दी जाएगी।

चुनाव आयोग ने बुजुर्ग और विकलांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की है। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर वोट डालने की सुविधा दी जाएगी। महिला मतदाताओं के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है।

आज की मतदान प्रक्रिया शाम छः बजे तक चलेगी। मतगणना अगले दिन किसी चिन्हित स्थान पर की जाएगी। इसमें सभी मुख्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने की अनुमति दी जाएगी।

कुल मिलाकर, यह पुनर्मतदान भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है। अगर यह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो जाता है, तो यह जनता के विश्वास को बहाल करेगा। चुनाव आयोग निश्चित है कि इस बार सब कुछ ठीक-ठाक चलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।