पूर्व पहलवान श्योराण नशा तस्करी में गिरफ्तार
राष्ट्रीय स्तर के पूर्व पहलवान अमित श्योराण को दिल्ली में नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। तीन साल से फरार था।
दिल्ली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। हरियाणा के रोहतक जिले का रहने वाला राष्ट्रीय स्तर का पूर्व पहलवान अमित श्योराण जो पिछले तीन सालों से नशा तस्करी के आरोपों में फरार था, आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। श्योराण को मंगलवार की रात उत्तर-पश्चिम दिल्ली में मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के पास से पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी एक लंबी पुलिस कार्रवाई के बाद संभव हुई है।
अमित श्योराण की पृष्ठभूमि और अपराधिक करतूतें
अमित श्योराण मूलतः हरियाणा के रोहतक जिले का निवासी है। इस 31 वर्षीय व्यक्ति का नाम राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में अपनी जीत के लिए जाना जाता था। कभी जहां यह युवा देश के लिए गौरव का स्रोत था, वहीं धीरे-धीरे वह अपराध के गहरे खोह में उतरता चला गया।
पुलिस के अनुसार, श्योराण ने पिछले तीन सालों में बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं की तस्करी में शामिल रहा है। उसके विरुद्ध दिल्ली, हरियाणा और पंजाब की पुलिस के यहां कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसकी शारीरिक मजबूती और अपराधिक नेटवर्क के कारण वह काफी समय तक पुलिस की पकड़ से बच निकलता रहा।
तीन साल का भगोड़ापन और गिरफ्तारी का सफर
अमित श्योराण को पहली बार पुलिस की नजरों में आना तब शुरू हुआ जब उसका नाम एक ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क से जुड़ा हुआ मिला। तब से ही वह तीन सालों तक विभिन्न शहरों में इधर-उधर भटकता रहा। उसके खिलाफ कई बार गिरफ्तारी के वारंट जारी किए गए, लेकिन वह हर बार किसी न किसी तरह से बच निकलता रहा।
दिल्ली पुलिस की विशेष टीमें निरंतर उसकी तलाश में लगी रहीं। पिछले कुछ महीनों में पुलिस को मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर माना जा रहा था कि श्योराण दिल्ली में किसी जानकार के यहां छिपा हुआ है। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने मंगलवार की रात को मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया।
लगभग रात के नौ बजे, पुलिस को मेट्रो स्टेशन के पास एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया। जब पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की, तो पता चला कि वह अमित श्योराण ही था। श्योराण को उस समय नकली पहचान पत्र के साथ पकड़ा गया था।
अपराधों का विशाल रिकॉर्ड
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने श्योराण से पूछताछ की, तो बहुत गंभीर खुलासे सामने आए। श्योराण के विरुद्ध न केवल दिल्ली में बल्कि हरियाणा और पंजाब में भी नशीली दवाओं की तस्करी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, वह एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का सदस्य था और विभिन्न शहरों के बीच नशीली दवाओं की आपूर्ति करता था।
श्योराण के विरुद्ध नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और स्थानीय पुलिस दोनों के पास कई मामले पंजीकृत हैं। उसके गिरफ्तार होने से न केवल दिल्ली बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिल सकती है।
समाज के लिए एक चेतावनी
अमित श्योराण का मामला बहुत गंभीर है। एक राष्ट्रीय स्तर का पहलवान जो कभी अपने माता-पिता और देश का गौरव था, आज नशा तस्करी जैसे गंभीर अपराध में लिप्त है। इसका अर्थ यह है कि आज के समय में हर कोई गलत रास्ते पर जा सकता है। यह युवाओं के लिए एक चेतावनी है कि गलत संगति और नशे की लत कैसे किसी को बर्बादी की ओर ले जा सकती है।
दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था के लिए एक जीत है, बल्कि समाज को नशा मुक्त रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस को उम्मीद है कि श्योराण की गिरफ्तारी से और भी बड़े ड्रग नेटवर्क के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
वर्तमान में श्योराण को दिल्ली पुलिस के द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। आने वाले दिनों में उसके विरुद्ध सभी मामलों में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का यह कदम नशा तस्करी के विरुद्ध चलाई जा रही कार्रवाई का एक हिस्सा है।




