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Tuesday, 18 August 2026
शिक्षा

नीट परीक्षा पत्रों के लिए वायुसेना विमान का इस्तेमाल

author
Komal
संवाददाता
📅 29 May 2026, 5:32 AM ⏱ 1 मिनट 👁 380 views
नीट परीक्षा पत्रों के लिए वायुसेना विमान का इस्तेमाल
📷 aarpaarkhabar.com

नई दिल्ली - नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा को लेकर सरकार एक अभूतपूर्व कदम उठाने की तैयारी कर रही है। भारतीय वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल करके परीक्षा के प्रश्नपत्रों को देश भर में सुरक्षित रूप से पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर अभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी का इंतजार है।

यह जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर हुई एक गोपनीय बैठक में सामने आई है। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद थे। सभी पक्षों ने इस प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से देखा है क्योंकि यह नीट परीक्षा की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।

वायुसेना का इस्तेमाल क्यों जरूरी है?

पिछली बार नीट-यूजी परीक्षा में जो विवाद खड़े हुए थे, उनके बाद सरकार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर अत्यंत सचेत हो गई है। परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों को पहुंचाते समय किसी भी प्रकार की घटना या हेराफेरी को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल इसी उद्देश्य के लिए किया जाएगा।

इस योजना के तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित परीक्षा केंद्रों के लिए अलग-अलग वायुसेना के विमान नियुक्त किए जाएंगे। हर विमान में सशस्त्र सुरक्षा कर्मी मौजूद रहेंगे। प्रश्नपत्रों को पूरी तरह सुरक्षित पैकेजिंग में रखा जाएगा। इसके अलावा जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा ताकि प्रत्येक क्षण प्रश्नपत्रों का स्थान ज्ञात रहे।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह तरीका न केवल सुरक्षित है, बल्कि समय भी बचाता है। सड़क मार्ग से प्रश्नपत्रों को भेजने में मौसम, ट्रैफिक और अन्य बाहरी कारकों का असर पड़ता है। वायुसेना के विमान इन सभी बाधाओं को दरकिनार कर सकते हैं।

राजनाथ सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने वायुसेना प्रमुख के साथ विस्तृत चर्चा की है और योजना की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच करवाई है। वायुसेना की ओर से भी इस प्रस्ताव का स्वागत किया गया है।

राजनाथ सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय परीक्षाओं की गरिमा और शुद्धता को बनाए रखना सरकार की प्रमुख जिम्मेदारी है। नीट जैसी परीक्षा देश के लाखों युवाओं का भविष्य तय करती है। इसलिए किसी भी प्रकार की समझौता संभव नहीं है। वायुसेना का इस्तेमाल करके हम यह संदेश देंगे कि सरकार छात्रों के हितों के लिए कितनी गंभीर है।

प्रधानमंत्री को अंतिम निर्णय लेना बाकी

राजनाथ सिंह की बैठक के बाद यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजा गया है। नरेंद्र मोदी को इस बात की जानकारी दी गई है कि वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल करने से लागत कितनी बढ़ेगी और इसमें कितना समय लगेगा। प्रधानमंत्री के पास सभी आवश्यक दस्तावेज हैं।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस प्रस्ताव को मंजूरी देने की ओर झुके हुए हैं। वे युवाओं की चिंताओं के प्रति संवेदनशील हैं और नीट परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय लेने से पहले वे सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।

इस योजना के क्रियान्वयन से पहले कई तकनीकी और प्रशासनिक बातों को सुलझाना होगा। वायुसेना को समय पर विमान उपलब्ध करवाने होंगे, सुरक्षा कर्मियों का प्रशिक्षण देना होगा और विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा। ये सभी काम परीक्षा से कुछ सप्ताह पहले पूरे हो जाने चाहिए।

शिक्षा विशेषज्ञ इस कदम की सराहना कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह एक ऐतिहासिक निर्णय होगा जो न केवल नीट परीक्षा के लिए बल्कि अन्य राष्ट्रीय परीक्षाओं के लिए भी एक उदाहरण स्थापित करेगा। भविष्य में अन्य महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए भी इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था अपनाई जा सकती है।

नीट की दोबारा परीक्षा निश्चित रूप से एक बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार इसे सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। वायुसेना का भागीदारी न केवल सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा बल्कि देश भर में विश्वास भी पैदा करेगा कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और स्वच्छ होगी।