पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बारिश: IMD अलर्ट
उत्तर भारत में मौसम का करवट बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई जा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी बीच तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तीन मई से सात मई के बीच का समय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवधि में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित पूरे उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में अचानक तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। आईएमडी के अनुसार, यह तापमान में गिरावट पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के कारण हो रही है।
पहाड़ों पर बर्फबारी का खतरा
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। हिमालय के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी काफी तेजी से हो सकती है। इस कारण से पर्यटकों को इन क्षेत्रों में जाने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। सड़कों पर बर्फ जमने से यातायात प्रभावित हो सकता है।
कश्मीर घाटी में भी भारी बर्फबारी के आसार हैं। सिंध नदी घाटी के इलाकों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चेतावनी दे दी है कि वे आवश्यक खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी चीजें अपने घर में रख लें। बर्फबारी के बाद बाहर निकलना मुश्किल हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में स्कूल बंद करने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है। स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बर्फबारी से सड़कें अवरुद्ध हो सकती हैं और बिजली में व्यवधान आ सकता है।
मैदानों में बारिश और तापमान में गिरावट
दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी क्षेत्रों में मई की शुरुआत में ही अचानक मौसम परिवर्तन होने वाला है। तीन मई की शाम से ही आसमान में बदलाव दिखने लगेगा। चार और पांच मई को बारिश की संभावना सर्वाधिक है। इस बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं के झोंके भी चल सकते हैं।
दिल्ली में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री कम रहेगा। शहर में सर्वाधिक तापमान जहां आमतौर पर 38-40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, वहां इन दिनों में यह 33-35 डिग्री सेल्सियस तक सीमित रह सकता है। रातों में तापमान 20-22 डिग्री के आसपास रह सकता है।
पंजाब और हरियाणा में भी समान परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। चंडीगढ़ में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। राजस्थान के पूर्वी और उत्तरी इलाकों में भी बारिश की संभावना है। जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश हो सकती है।
आईएमडी की सलाह और सावधानियां
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने लोगों को कई सावधानियां बरतने की सलाह दी है। सबसे पहले, बारिश के मौसम में घर के अंदर रहें और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें। पुरानी या कमजोर इमारतों के पास जाने से बचें क्योंकि तेज हवाओं से नुकसान का खतरा हो सकता है।
कृषकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं। तापमान में अचानक गिरावट से पौधों को नुकसान हो सकता है। बागवानी फसलों को विशेष संरक्षण की जरूरत होगी। फल और सब्जियों की नई बुवाई को रोका जा सकता है।
पशुपालकों को भी आगाह किया गया है कि वे अपने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था कर लें। तापमान में अचानक गिरावट से पशुओं को सर्दी की बीमारियां हो सकती हैं। पशु चिकित्सकों से संपर्क कर रोकथाम के उपाय किए जा सकते हैं।
वायु यातायात पर भी असर पड़ सकता है। दिल्ली, अमृतसर और चंडीगढ़ के हवाई अड्डों पर उड़ानों में देरी या रद्दीकरण की संभावना है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ानों की पुष्टि एयरलाइंस से करें।
इस अवधि में बिजली की खपत भी बढ़ सकती है क्योंकि लोग गर्मी के उपकरणों का इस्तेमाल कम करेंगे लेकिन पंखे और अन्य उपकरणों की जरूरत समाप्त हो जाएगी। बारिश से बिजली की सप्लाई में व्यवधान आ सकता है, इसलिए बिजली वितरण कंपनियां तैयारी कर रही हैं।
आईएमडी के मुताबिक, यह मौसमी परिवर्तन सामान्य है और मई की दूसरी सप्ताह तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। हालांकि, अगले सप्ताह फिर से गर्मी बढ़ने की संभावना है। इसलिए लोगों को इस बीच की अवधि में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बुजुर्ग और बच्चों को अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है क्योंकि तापमान में अचानक बदलाव उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।




