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Thursday, 05 November 2026
मौसम

हिमाचल मौसम: बर्फीला तूफान और ओलावृष्टि

author
Komal
संवाददाता
📅 23 May 2026, 5:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
हिमाचल मौसम: बर्फीला तूफान और ओलावृष्टि
📷 aarpaarkhabar.com

हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बर्फीला तूफान आया जिससे रोहतांग, किन्नौर कैलाश और पांगी-भरमौर की ऊंची चोटियों पर जमकर बर्फबारी हुई। राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई जिलों में तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। इसी बीच ओलावृष्टि की घटनाएं भी देखने को मिलीं जिससे स्थानीय किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। विशेषकर सेब की फसल को इस मौसम ने भारी क्षति पहुंचाई है।

प्रदेश के तापमान में भी तेजी से गिरावट आई है। इस अचानक मौसम परिवर्तन से कृषि विभाग के अधिकारी भी चिंतित हैं। किसानों ने अपनी फसलों को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की है लेकिन प्रकृति की मार से कोई नहीं बच सका। विशेष रूप से किन्नौर और शिमला जिलों में सेब की खेती बड़े पैमाने पर होती है और इस बार की ओलावृष्टि से सेब के बागों को भारी नुकसान हुआ है।

बर्फीला तूफान और अंधड़ का प्रकोप

शुक्रवार की रात से ही हिमाचल प्रदेश में तूफान का आगमन हुआ। रोहतांग दर्रे पर तापमान जीरो से नीचे चला गया और जमकर बर्फबारी हुई। पहाड़ी इलाकों में तेज हवाओं ने अंधड़ का रूप धारण किया। शिमला, धर्मशाला, कुल्लू और मनाली के आसपास के क्षेत्रों में बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गईं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए खराब मौसम की चेतावनी जारी की है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों में रहें और सड़कों पर न निकलें। बिजली के तारों में बर्फ जमने से कई इलाकों में बिजली कट गई है। सड़कें पिसलन भरी हो गई हैं और वाहन चलाना खतरनाक हो गया है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से ट्रैफिक रुक गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग पर भारी जाम की स्थिति है।

यह मई महीने में अप्रत्याशित मौसम परिवर्तन है। आमतौर पर इस समय मई के महीने में गर्मी अपने चरम पर होती है, लेकिन इस बार एक अलग ही परिस्थिति बन गई है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि यह परिवर्तन पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है जो अरब सागर से आया है। इसके साथ ही नमी भी काफी बढ़ गई है जिससे बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।

किसानों को ओलावृष्टि से भारी नुकसान

शिमला और किन्नौर जिलों के किसान इस समय काफी चिंतित हैं। सेब की खेती इस क्षेत्र की मुख्य आजीविका का साधन है और इसी मौसम में सेब के फूल आते हैं। ओलावृष्टि से फूल टूट गए और फलों को भी नुकसान हुआ है। किसानों का अनुमान है कि इस साल सेब की पैदावार में 40 से 50 प्रतिशत तक की कमी आएगी।

जिले के कई गांवों में किसान अपने सेब के बागों को देखकर रो रहे थे। वर्षों की मेहनत एक ही रात में बर्बाद हो गई। सरकार ने नुकसान का आकलन करने के लिए टीम भेजी है। किसानों को मुआवजे का प्रावधान किया गया है लेकिन यह मुआवजा उनके नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता। खेतों में लगी फसलें भी इस तूफान से प्रभावित हुई हैं।

रामपुर गांव के किसान राम कुमार कहते हैं कि उनके 5 बीघे सेब के बाग में 80 प्रतिशत नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह साल उनके लिए बेहद मुश्किल होने वाला है। सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए और विशेष राहत पैकेज देना चाहिए। ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए कृषि बीमा योजना को और मजबूत करने की जरूरत है।

आज का मौसम पूर्वानुमास और सावधानियां

भारतीय मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के लिए अगले 48 घंटों तक खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। इस दौरान बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी जारी रह सकती है। तापमान में और भी गिरावट आने की संभावना है।

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्यों को छोड़कर घरों में रहें। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष ध्यान देना चाहिए। बिजली के तारों को छूना खतरनाक है क्योंकि बर्फ से अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। जानवरों को भी सुरक्षित रखना चाहिए।

यातायात विभाग ने सभी गाड़ियों के ड्राइवरों को सावधान किया है। सड़कें पिसलन भरी हैं इसलिए धीमी गति से चलें। हिल स्टेशनों पर जाने का सफर अभी के लिए टाल दें। मौसम सामान्य होने का इंतजार करें। आपातकाल की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

यह मौसम परिवर्तन हमें प्रकृति की शक्ति का एहसास दिलाता है। इस बार की घटना से हमें जलवायु परिवर्तन की गंभीरता समझ में आती है। हिमाचल प्रदेश के लोगों को धैर्य रखना चाहिए और एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। आशा है कि जल्द ही मौसम सामान्य हो जाएगा और जीवन पटरी पर आ जाएगा।