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Friday, 05 June 2026
समाचार

पवनदीप राजन का भयावह सड़क हादसा, फ्रैक्चर से जूझते रहे

author
Komal
संवाददाता
📅 28 April 2026, 7:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
पवनदीप राजन का भयावह सड़क हादसा, फ्रैक्चर से जूझते रहे
📷 aarpaarkhabar.com

इंडियन आइडल के विजेता पवनदीप राजन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में अपने जीवन के सबसे कठिन पलों के बारे में खुलकर बात की है। साल 2025 की शुरुआत में उन्हें एक भयावह सड़क दुर्घटना का सामना करना पड़ा था, जिसमें उनके हाथ और पैरों में गंभीर फ्रैक्चर आए। इस दुर्घटना के बाद उन्हें कई महीने तक शारीरिक रूप से काफी कष्ट का सामना करना पड़ा। लेकिन अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और परिवार के प्रेम के बल पर वह इस आपदा से उबर गए।

पवनदीप राजन ने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद की स्थिति इतनी गंभीर थी कि वह अपने शरीर को हिलाना तक नहीं हिलवा सकते थे। उनके शरीर के कई हिस्सों में प्लास्टर बांधा गया था। दर्द इतना असहनीय था कि छोटे-मोटे काम भी करने के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन इसी कठिन समय में उन्होंने महसूस किया कि जीवन कितना बहुमूल्य है और स्वास्थ्य कितना महत्वपूर्ण है।

दुर्घटना के पहले दिन की भीषण पीड़ा

पवनदीप राजन ने बताया कि जब दुर्घटना हुई तो उन्हें लगा कि उनका संगीत करियर ही समाप्त हो जाएगा। हाथों में फ्रैक्चर होने के कारण वह गिटार या किसी भी वाद्य यंत्र को छू भी नहीं सकते थे। गायन के लिए भी शारीरिक स्वास्थ्य बेहद जरूरी है, और वह स्थिति में वह एक भी गीत ठीक से गा नहीं सकते थे। उन्होंने कहा कि पहले कुछ हफ्तों में वह बेहद निराश और चिंतित रहते थे। घर के सभी लोग उनके लिए चिंतित रहते थे।

हस्पताल में भर्ती होने के दौरान पवनदीप को कई बार लगा कि शायद वह कभी वैसे नहीं चल पाएंगे जैसे पहले चलते थे। डॉक्टरों ने कहा था कि ठीक होने में कम से कम छह से नौ महीने का समय लग सकता है। लेकिन पवनदीप की आंतरिक शक्ति ने उन्हें निराशा से बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने अपने आप को दिन-प्रतिदिन ठीक होने का संकल्प दिया।

पुनर्वास की मेहनत भरी यात्रा

पवनदीप राजन के अनुसार, रिहैबिलिटेशन का समय सबसे चुनौतीपूर्ण था। छोटे-छोटे कामों जैसे कि खुद अपने आप को बिस्तर पर पलटना, बैठना या चलने का प्रयास करना - ये सब काम असंभव लग रहे थे। लेकिन उनके फिजियोथेरेपिस्ट ने उन्हें रोज प्रेरित किया और उन्हें बताया कि धीरे-धीरे वह ठीक हो जाएंगे।

पहले महीने में पवनदीप को सिर्फ हल्के-फुल्के व्यायाम दिए गए। फिर धीरे-धीरे उनके व्यायाम को बढ़ाया गया। छह-सात महीने की निरंतर मेहनत के बाद उन्होंने अपना संतुलन वापस पाया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार बैसाखी के बिना कुछ कदम चलाए तो उन्हें एक नई उम्मीद मिली। छोटी-सी सफलता भी उनके लिए बहुत बड़ी थी।

पवनदीप ने अपने परिवार का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पूरी यात्रा में उनका साथ दिया। उनकी पत्नी, माता-पिता और अन्य परिवार के सदस्य हर रोज उनके साथ रहते थे और उन्हें प्रेरित करते थे। उन्होंने कहा कि परिवार का प्रेम और समर्थन ही वह शक्ति थी जिससे वह इस संकट में भी आगे बढ़ सके।

संगीत की ओर लौटना

जैसे-जैसे पवनदीप शारीरिक रूप से ठीक होने लगे, उनका संगीत की ओर ध्यान भी बढ़ने लगा। हालांकि शुरुआत में गायन करना कठिन था क्योंकि पूरी ताकत नहीं थी, लेकिन वह धीरे-धीरे अपनी आवाज को वापस पाने लगे। उन्होंने कुछ महीनों बाद छोटे-छोटे कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू किया।

पवनदीप ने बताया कि जब उन्होंने दुबारा से मंच पर गाया तो वह पल उनके जीवन का सबसे खास पल था। उन्हें महसूस हुआ कि वह दोबारा जीवन में वापस आ गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस दुर्घटना के बाद उन्हें जीवन के प्रति अलग ही दृष्टिकोण मिला। अब वह हर पल को महत्व देते हैं और अपने स्वास्थ्य का ज्यादा ध्यान रखते हैं।

वर्तमान में पवनदीप राजन पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और वह अपने संगीत करियर को फिर से नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं। उनकी यह कहानी सभी के लिए एक प्रेरणा है कि कैसे मजबूत इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से कोई भी संकट को पार किया जा सकता है। उनका संदेश सभी को यह बताता है कि जीवन कितना कीमती है और हमें हर पल का मूल्य देना चाहिए।