🔴 ब्रेकिंग
रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|
Saturday, 03 October 2026
विश्व

खामेनेई का अंतिम संस्कार: ईरान में राजकीय शोक

author
Komal
संवाददाता
📅 03 June 2026, 6:00 AM ⏱ 1 मिनट 👁 944 views
खामेनेई का अंतिम संस्कार: ईरान में राजकीय शोक
📷 aarpaarkhabar.com

ईरान के पूर्व सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम शुरू हो गया है। २८ फरवरी को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए खामेनेई की विदाई के लिए ईरान सरकार ने तीन दिन का विशेष राजकीय शोक कार्यक्रम तय किया है। इस अवसर पर देश भर से लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

ईरान में राजकीय शोक का आयोजन

खामेनेई की मृत्यु के कई महीने बाद उनका औपचारिक अंतिम संस्कार किया जा रहा है। ईरान सरकार ने इस मौके पर देशभर में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। इन तीन दिनों में ईरान के तीन प्रमुख शहरों तेहरान, कौम और मशहद में विशाल जुलूस निकाले जाएंगे। ईरानी सरकार के अनुसार इस आयोजन में लगभग दो करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह ईरान के इतिहास में सबसे बड़ा जनसमूह होगा जो किसी की अंतिम विदाई के लिए एकत्रित होगा। तेहरान के विभिन्न हिस्सों से शुरू होकर ये जुलूस शहर के प्रमुख इलाकों से गुजरेंगे। कौम और मशहद में भी इसी तरह के भव्य आयोजन किए जाएंगे।

खामेनेई को इस्लामिक क्रांति के प्रमुख स्तंभों में से एक माना जाता था। उनकी मृत्यु से ईरान में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल बना था। देश में शोक की घोषणा की गई थी और सभी आधिकारिक कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए थे।

नेतृत्व का हस्तांतरण

खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। यह निर्णय ईरान की सुप्रीम लीडरशिप काउंसिल द्वारा लिया गया था। मोजतबा को धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से योग्य माना गया है।

मोजतबा खामेनेई अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। उन्हें ईरान की आंतरिक और बाह्य नीतियों को संभालने का दायित्व सौंपा गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय उनकी नेतृत्व क्षमता को लेकर सतर्क है।

नेतृत्व के हस्तांतरण को लेकर ईरान के विभिन्न राजनीतिक समूहों में अलग-अलग विचार हैं। कुछ समूह इस निर्णय का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ इसके खिलाफ हैं। हालांकि, ईरान सरकार ने यह निर्णय लोकप्रिय समर्थन के साथ लिया है।

आतंकवादी हमले और उसके बाद की घटनाएं

खामेनेई की मृत्यु २८ फरवरी को हुए एक भीषण आतंकवादी हमले में हुई थी। इस हमले में कई अन्य ईरानी अधिकारी भी मारे गए थे। आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस घटना के बाद ईरान में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हुई।

ईरान सरकार ने इस हमले की तीव्र निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस हमले की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने ईरान के साथ एकजुटता प्रकट की।

हमले के बाद ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। देश भर में सुरक्षा चेकपॉइंट बढ़ाए गए और बड़े आयोजनों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। खामेनेई की मृत्यु से देश में एक प्रकार की राजनीतिक खलबली मच गई थी।

जनता की भावुक प्रतिक्रिया

खामेनेई की मृत्यु की खबर सुनकर ईरान में व्यापक शोक की लहर दौड़ गई। देश भर से लोग तेहरान आकर अपनी सम्मान की भावना प्रकट करने लगे। राजकीय शोक घोषित होने के बाद से ही लोगों का प्रवाह जारी है।

ईरान के विभिन्न हिस्सों से लोग तीन दिन के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तेहरान, कौम और मशहद की ओर जा रहे हैं। सरकार ने इतनी बड़ी भीड़ को संभालने के लिए विशेष व्यवस्था की है। परिवहन, चिकित्सा और सुरक्षा सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया गया है।

खामेनेई को धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता था। उनके अनुयायियों का मानना है कि वह ईरान के इस्लामिक क्रांति के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्व थे। उनकी मृत्यु से न केवल ईरान बल्कि पूरे मुस्लिम विश्व में शोक की स्थिति है।

निष्कर्ष

खामेनेई का अंतिम संस्कार ईरान के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। इस अवसर पर देश एकजुट होकर अपने प्रभावशाली नेता को अंतिम विदाई दे रहा है। मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व में ईरान के भविष्य को लेकर विश्व समुदाय की नजर है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि नई नेतृत्व ईरान को किस दिशा में ले जाती है।