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Thursday, 21 May 2026
विश्व

ईरान-पाकिस्तान फोन कॉल, शहबाज का बयान

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Komal
संवाददाता
📅 09 April 2026, 7:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views

मध्य पूर्व में तनाव की स्थिति बनी हुई है। सीजफायर घोषणा के बावजूद ईरान और इजरायल के बीच तकरार शांत नहीं हुई है। इसी बीच ईरान ने पाकिस्तान के साथ सीधे संवाद स्थापित किया है। दोनों देशों के बीच हुई इस फोन कॉल में ईरान ने मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस गंभीर परिस्थिति पर अपना बयान दिया है।

इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई की थी। ईरान ने विभिन्न देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में बहुत चिंता की स्थिति है। कई देश इस संकट को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। पाकिस्तान भी इस समस्या को लेकर सजग रहा है और अपनी भूमिका निभा रहा है।

ईरान की चिंता और पाकिस्तान के साथ संवाद

ईरान ने पाकिस्तान से फोन पर संपर्क करके मौजूदा हालात पर अपनी चिंता व्यक्त की है। ईरान का मानना है कि सीजफायर की घोषणा के बावजूद कुछ देश अभी भी उल्लंघन कर रहे हैं। इस बात को लेकर ईरान काफी नाराज है। पाकिस्तान एक महत्वपूर्ण मुस्लिम देश है और इस क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी कारण ईरान ने पाकिस्तान से सीधे बातचीत की है।

यह संवाद दोनों देशों के बीच सौहार्द को दर्शाता है। ईरान पाकिस्तान से चाहता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस मुद्दे को उठाए। साथ ही, दोनों देशों के बीच सहयोग से ही इस संकट को शांतिपूर्वक हल किया जा सकता है। ईरान ने पाकिस्तान को अपने विचार विस्तार से समझाए हैं। पाकिस्तान भी इस गंभीर परिस्थिति को समझता है।

पीएम शहबाज शरीफ का संयम की अपील

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। शहबाज का मानना है कि हिंसा से कोई समस्या का समाधान नहीं होता। इसके बजाय, संवाद और बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मध्य पूर्व में शांति स्थापना सभी के लिए जरूरी है।

शहबाज शरीफ के अनुसार, पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान सभी देशों से आग्रह करता है कि वे सीजफायर का पालन करें। किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए सभी पक्षों को समझदारी दिखानी चाहिए। पीएम ने कहा है कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर निष्पक्ष भूमिका निभाएगा।

शहबाज शरीफ ने यह भी कहा है कि क्षेत्रीय देशों को आपस में मतभेद को भूलकर एकजुट होना चाहिए। एक-दूसरे के खिलाफ हिंसा से केवल तबाही ही आती है। इस क्षेत्र की आम जनता को पहले से ही काफी कष्ट झेलने पड़ रहे हैं। ऐसे में और हिंसा समझदारी की बात नहीं है। पीएम ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से भी इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

ईरान-इजरायल संघर्ष की पृष्ठभूमि

इजरायल और ईरान के बीच तनाव की शुरुआत काफी पुरानी है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक मतभेद सदियों से चली आ रही है। हाल के महीनों में यह तनाव काफी बढ़ गया है। इजरायल ने ईरान पर कई बार हमले किए हैं। इसके बाद ईरान ने भी अपनी जवाबी कार्रवाई की है।

ईरान ने इजरायल और उसके सहयोगी देशों पर मिसाइलें दागी हैं। ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया है। इन हमलों में काफी नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति से चिंतित है। संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य देश इस संकट को शांतिपूर्वक हल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

सीजफायर की घोषणा के बाद भी स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच अविश्वास बना हुआ है। कुछ समूह अभी भी सीजफायर का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में क्षेत्र में नया संकट उत्पन्न हो सकता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तुरंत कदम उठाने की जरूरत है।

इस पूरी स्थिति में पाकिस्तान की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। एक मुस्लिम देश के रूप में पाकिस्तान क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए काम कर सकता है। पीएम शहबाज शरीफ का संयम की अपील एक सकारात्मक कदम है। आशा है कि सभी देश समझदारी दिखाएंगे और इस संकट को शांतिपूर्वक सुलझाएंगे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए ताकि इस क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित हो सके।