🔴 ब्रेकिंग
रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|
Monday, 14 September 2026
News

कानपुर: साइबर ठगों के खिलाफ फिल्मी एक्शन, 20 गिरफ्तार

author
Komal
संवाददाता
📅 09 April 2026, 9:21 AM ⏱ 1 मिनट 👁 252 views
कानपुर: साइबर ठगों के खिलाफ फिल्मी एक्शन, 20 गिरफ्तार
📷 Aaj Tak

कानपुर में फिल्मी अंदाज में साइबर ठगों की गिरफ्तारी, पूरे गांव को घेरा

कानपुर में एक चौंकाने वाली पुलिसिया कार्रवाई देखने को मिली है जो किसी फिल्म के सीन से कम नहीं लगती। उत्तर प्रदेश पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह के खिलाफ व्यापक ऑपरेशन चलाते हुए 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई की खासियत यह रही कि पुलिस ने पूरे गांव को घेरकर ठगों से सरेंडर करने को कहा।

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर आई कई शिकायतों के आधार पर शुरू हुई यह कार्रवाई साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की मजबूत पकड़ को दर्शाती है। यह गिरोह मोबाइल फोन, म्यूल बैंक खातों और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग करके निर्दोष लोगों से ठगी कर रहा था।

कानपुर: साइबर ठगों के खिलाफ फिल्मी एक्शन, 20 गिरफ्तार

फिल्मी स्टाइल में चली कार्रवाई

कानपुर पुलिस ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए एक खास रणनीति अपनाई। पुलिस टीम ने संदिग्ध गांव को चारों तरफ से घेरा और लाउडस्पीकर के जरिए ठगों को सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया। यह दृश्य बिल्कुल किसी एक्शन फिल्म के सीन की तरह था जहां पुलिस बल ने पूरी तैयारी के साथ अपराधियों को घेरा था।

इस अनोखी कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे पुलिस टीम ने पूरे इलाके को सील कर दिया था। अधिकारियों का कहना है कि यह तकनीक अपराधियों के भागने की संभावना को पूरी तरह से खत्म कर देती है।

साइबर ठगी के तरीके

गिरफ्तार किए गए इस गिरोह के सदस्य कई तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे थे। उनके मुख्य तरीकों में शामिल थे:

- फर्जी कॉल सेंटर: ठग विभिन्न सरकारी योजनाओं के नाम पर कॉल करते थे
- म्यूल बैंक अकाउंट: धन हस्तांतरण के लिए फर्जी बैंक खाते का इस्तेमाल
- फेक आईडी: नकली पहचान दस्तावेजों का उपयोग
- मोबाइल फोन दुरुपयोग: चोरी या खरीदे गए फोन से ठगी की कार्रवाई

यह गिरोह मुख्यत: सरकारी योजनाओं जैसे कि प्रधानमंत्री आवास योजना, गैस सब्सिडी, और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के नाम पर लोगों को फंसाता था। वे लोगों से कहते थे कि उनका पैसा या योजना का लाभ अटका है और उसे निकालने के लिए कुछ फीस या जानकारी देनी होगी।

व्यापक जांच और सबूत

कानपुर पुलिस के अनुसार, यह ठगी का गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर काम कर रहा था। अलग-अलग राज्यों से इनके खिलाफ शिकायतें आई थीं। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कई मामलों की जांच के बाद पुलिस इस गिरोह के निशाने पर पहुंची।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 20 आरोपियों से बड़ी मात्रा में सबूत बरामद किए गए हैं जिनमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड, ATM कार्ड, और कई फर्जी दस्तावेज शामिल हैं। ये सभी सामान साइबर ठगी में इस्तेमाल होते थे।

तकनीकी सुराग और डिजिटल फॉरेंसिक

आधुनिक साइबर अपराधों की जांच में डिजिटल फॉरेंसिक की भूमिका अहम होती है। इस मामले में भी पुलिस ने तकनीकी सुरागों का सहारा लिया था। IP ट्रैकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच करके पुलिस इस गिरोह तक पहुंची।

साइबर सेल की टीम ने महीनों तक इस गिरोह की गतिविधियों पर नज़र रखी थी। उनके कॉल पैटर्न, इंटरनेट यूसेज, और पैसे के लेन-देन की जांच करके पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि गिरफ्तारी के समय सभी मुख्य सदस्य मौजूद हों।

भविष्य की रणनीति और सुरक्षा उपाय

इस सफल कार्रवाई के बाद कानपुर पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ और सख्त कदम उठाने की बात कही है। साइबर सेल को मजबूत बनाया जा रहा है और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लोगों को ऐसी कॉल्स के बारे में सतर्क रहना चाहिए जिनमें व्यक्तिगत जानकारी या पैसे मांगे जाते हों। सरकारी योजनाओं में कभी भी अतिरिक्त फीस नहीं ली जाती और ना ही फोन पर बैंक डिटेल्स मांगे जाते हैं।

यह कार्रवाई दिखाती है कि अगर पुलिस और जनता मिलकर काम करें तो साइबर अपराधियों को पकड़ना मुश्किल नहीं है। लोगों को भी ऐसे अपराधों की रिपोर्ट तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल पर करनी चाहिए ताकि पुलिस समय रहते कार्रवाई कर सके।