केरल-असम चुनाव: आज मतदान, ईरान चेतावनी
आज तीन राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान
देश की राजनीतिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण दिन आज का है। केरल, असम और पुदुचेरी की जनता मतपेटियों की ओर रुख करेगी। इन तीनों क्षेत्रों में विधानसभा चुनावों के लिए आज मतदान का आयोजन किया जा रहा है। यह चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग हैं और इसके माध्यम से जनता अपनी पसंद के प्रतिनिधियों को चुनती है।
केरल में इस बार चुनाव प्रचार अत्यंत गरमागर्म रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी नीतियों और विकास कार्यक्रमों को जनता के सामने प्रस्तुत किया है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित विभिन्न दलों ने अपने उम्मीदवारों को उतारा है। जनता की भागीदारी को देखते हुए इस बार काफी कड़ी प्रतिस्पर्धा की उम्मीद है।
असम के चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व साफ नजर आ रहा है। राज्य में विभिन्न मुद्दों को लेकर जनता में काफी चेतना देखी जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विषय इस बार चुनाव प्रचार के केंद्र में रहे हैं। आम जनता को लगता है कि इस चुनाव के माध्यम से वह अपने भविष्य को लेकर अपनी राय दर्ज करा सकती है।
पुदुचेरी संघ राज्य क्षेत्र में भी मतदान का माहौल पूरे जोर-शोर से चलेगा। यहां की राजनीति में स्थानीय और क्षेत्रीय दलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। सभी दलों ने अपने प्रचार अभियान को पूरी तरह से तैयार कर लिया है।
मतदान की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव आयोग ने मतदान को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारी की है। सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनें स्थापित की गई हैं। कर्मचारियों को भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया है ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया है ताकि कानून और व्यवस्था बनी रहे।
मुखौटे पहनने की अनिवार्यता को हटाया गया है, लेकिन बुजुर्गों और बीमार मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं दी गई हैं। घर से मतदान कराने की व्यवस्था भी की गई है। महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए गए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार मतदान प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी।
पोलिंग बूथों पर कोविड-19 के सभी नियमों का पालन किया जाएगा। सैनिटाइजेशन की उचित व्यवस्था की गई है। मतदाताओं को मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को मतदान केंद्रों पर तैनात किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान की चेतावनी
भारतीय चुनावों की तरफ ध्यान देते हुए भी अंतरराष्ट्रीय समाचारों में एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। ईरान ने अमेरिका को एक कड़ी चेतावनी दी है। वर्तमान में मध्य पूर्व में जो तनाव की स्थिति है, उसे लेकर ईरान काफी आक्रोशित दिख रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका किसी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई करता है तो वह इसका उचित जवाब देने के लिए तैयार है। युद्धविराम के इस दौर में भी दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम रखने की अपील कर रहा है।
ईरान का मानना है कि अमेरिका उसके विरुद्ध एकतरफा प्रतिबंध लगा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के विरुद्ध है। इसी कारण से ईरान ने अपनी सैन्य क्षमता को और मजबूत करने की घोषणा की है। दोनों देशों के बीच तनाव की यह स्थिति पूरे क्षेत्र के लिए चिंताजनक है।
यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव दोनों पक्षों से बातचीत करने की अपील कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से होना चाहिए। मध्य पूर्व में शांति स्थापित करना दुनिया के सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की रुख क्या होगी, यह देखना बाकी है। लेकिन इतना तय है कि अगर किसी भी तरफ से आक्रामक कदम उठाए गए तो इसके परिणाम काफी गंभीर हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदार को इस मामले में अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। शांति ही मानवता की सबसे बड़ी पूंजी है और उसी के लिए सभी को काम करना चाहिए।
भारत भी अपनी विदेश नीति के तहत इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए प्रयास कर रहा है। भारत का मानना है कि सभी विवादों का समाधान संवाद के माध्यम से ही संभव है। आज के दिन जहां भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया चल रही है, वहीं विश्व की भी शांति के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।




