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Thursday, 05 November 2026
धर्म

कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ की भयानक घटना

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना। भीड़ में भगदड़ से कई लोग घायल। चश्मदीदों की खौफनाक गवाही।

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Komal
संवाददाता
📅 18 October 2026, 7:32 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ की भयानक घटना
📷 aarpaarkhabar.com

कोलकाता के चोरबागान इलाके में स्थित दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना से पूरा इलाका सन्न रह गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कई लोग घायल हुए हैं और इसका दृश्य देखने वाले लोग अभी तक सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं। यह घटना तब हुई जब लोगों की भीड़ पंडाल के अंदर गई और किसी कारण से अचानक भगदड़ मच गई। स्थानीय निवासियों और चश्मदीदों के अनुसार यह दृश्य इतना भयानक था कि उसे देखकर किसी का भी कलेजा बैठ जाए।

संकरा गेट और भीड़ का संकट

चोरबागान के इस पंडाल का प्रवेश द्वार काफी संकरा है, जो हर साल दुर्गा पूजा के समय लोगों की भीड़ को संभालने में असमर्थ साबित होता है। इस बार भी जब भक्तों की बहुत बड़ी भीड़ पंडाल देखने के लिए जमा हुई, तो गेट से अंदर जाने का रास्ता बंद हो गया। लोग एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे और भगदड़ की स्थिति बन गई। पास में खड़े एक साक्षी ने बताया कि गेट के पास इतनी भीड़ थी कि लोग सांस लेने में भी परेशानी महसूस कर रहे थे। कई महिलाएं और बच्चे भीड़ में दब गए और जमीन पर गिर पड़े।

स्थानीय पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक भगदड़ अपने चरम पर पहुंच चुकी थी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर घायलों को निकालना शुरू किया। कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। घायलों को तुरंत आसपास के अस्पताल में ले जाया गया।

अंधेरे में और भी बढ़ी मुसीबत

चोरबागान इलाके में पंडाल के आसपास रात के समय काफी अंधकार रहता है। दुर्गा पूजा के पंडाल देखने आने वाले लोग अक्सर यह समस्या बताते हैं कि वहां पर्याप्त लाइटिंग नहीं है। इसी अंधकार में जब भगदड़ मची, तो स्थिति और भी गंभीर हो गई। लोगों को एक दूसरे का ठीक से पता नहीं चल रहा था कि कहां कौन है। कई लोग गलत दिशा में भागने लगे, जिससे और भी ज्यादा लोग गिरते चले गए।

एक साक्षी के अनुसार, "अंधेरे की वजह से हम समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है। मैंने सुना कि लोग चिल्ला रहे हैं, लेकिन कुछ देख नहीं पा रहे थे। जब मैंने आस पास देखा तो लोग जमीन पर पड़े थे।" इस भगदड़ में ज्यादातर घायल महिलाएं और बुजुर्ग थे। बाइक सवार युवकों ने स्वेच्छा से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

प्रशासन की तत्पर कार्रवाई और राहत प्रयास

घटना की सूचना मिलते ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री खुद घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने अस्पताल में घायलों का जायजा लिया और उनके इलाज के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने प्रभावित लोगों को मुआवजे देने की बात कही।

जिला प्रशासन ने भी इस मामले में तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने पंडाल के प्रबंधकों से पूछताछ शुरू कर दी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पंडाल में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। न तो गेट के पास कोई सुरक्षा कर्मी था और न ही भीड़ नियंत्रण के लिए कोई बाड़ की व्यवस्था थी।

इस घटना के बाद पूरे कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा का सवाल उठ खड़ा हुआ है। नगर निगम के अधिकारियों ने सभी पंडालों को अलर्ट कर दिया है कि वे भीड़ नियंत्रण के उचित उपाय करें। कई पंडालों ने तुरंत अपनी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। गेट की चौड़ाई बढ़ाने और प्रवेश के समय को नियंत्रित करने की बात कही जा रही है।

चोरबागान की इस भगदड़ की घटना से सीख लेते हुए, अन्य शहरों में भी ऐसे आयोजनों में सुरक्षा को लेकर गंभीरता दिखाई दे रही है। पुलिस विभाग ने सभी पंडाल प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भीड़ नियंत्रण के लिए उचित व्यवस्था करनी होगी।

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमें यह सीख दी है कि त्योहार मनाते समय सुरक्षा को कभी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रत्येक पंडाल प्रबंधन को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और भक्तों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। आशा है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और सभी दुर्गा पूजा के दिन खुशी और शांति से बिताएं।