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Saturday, 04 July 2026
विश्व

कोटा दंपती ने 10 लाख से बनाया 5 करोड़ का व्यापार

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Komal
संवाददाता
📅 01 July 2026, 6:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 365 views
कोटा दंपती ने 10 लाख से बनाया 5 करोड़ का व्यापार
📷 aarpaarkhabar.com

कोटा शहर में एक ऐसी कहानी है जो हर नौजवान उद्यमी को प्रेरणा दे सकती है। शुभम शर्मा और अर्पिता शर्मा नाम का एक दंपती अपने साहस, मेहनत और दृढ़ निश्चय के बल पर आज एक सफल स्टार्टअप के मालिक हैं। महज 10 लाख रुपये के साथ शुरुआत करने वाले इस जोड़े ने आज अपने कारोबार को 5 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर तक पहुंचा दिया है। यह कहानी साधारण निवेश और असाधारण परिणामों की एक बेजोड़ मिसाल है।

लिथियम बैटरी निर्माण में उतरा साहसिक कदम

शुभम और अर्पिता शर्मा ने जब अपने व्यापार को शुरू करने का फैसला किया, तो उनके पास सीमित संसाधन थे लेकिन असीमित सपने और विश्वास था। उन्होंने लिथियम बैटरी निर्माण के क्षेत्र में व्यापार करने का फैसला किया, जो बेहद तकनीकी और प्रतिस्पर्धात्मक है। इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बैटरी की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने यह क्षेत्र चुना।

जनवरी 2020 के आसपास जब वे इस व्यापार को शुरू कर रहे थे, तो पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी से जूझ रही थी। ऐसे समय में 10 लाख रुपये का निवेश करना और एक नया व्यापार शुरू करना बेहद दुस्साहसिक कदम था। लेकिन इसी साहस के कारण ही आज वे सफलता की बुलंदियों तक पहुंचे हैं। उनका विचार था कि संकट के समय ही सबसे बड़ी संभावनाएं छिपी होती हैं।

अनवरत शोध और तकनीकी उन्नति की बदौलत सफलता

शुभम शर्मा की शिक्षा पृष्ठभूमि तकनीकी थी और अर्पिता का ज्ञान व्यापारिक प्रबंधन का था। इसी समन्वय के कारण वे व्यावहारिक और सैद्धांतिक दोनों पहलुओं को संभाल सके। शुभम ने निरंतर अनुसंधान और विकास पर ध्यान दिया, जबकि अर्पिता ने बिजनेस ऑपरेशन्स को सुचारु रूप से चलाया।

उनकी कंपनी ने शुरुआत में छोटे स्तर पर लिथियम बैटरी सेल्स का उत्पादन किया। धीरे-धीरे तकनीकी सुधार के माध्यम से उन्होंने उच्च दक्षता वाली बैटरी बनाई। उनके द्वारा निर्मित बैटरी की गुणवत्ता इतनी बेहतरीन थी कि बाजार में इसकी बहुत मांग हुई। विभिन्न इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों ने उनकी बैटरी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।

शोध और विकास में लगातार निवेश करना उनकी रणनीति का मुख्य हिस्सा था। वे हमेशा बेहतर तकनीक, बेहतर उत्पाद और बेहतर दक्षता की खोज में रहते थे। इसी कारण उनकी कंपनी के उत्पाद बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहे और ग्राहकों की विश्वास अर्जित किया।

गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर जोर

लिथियम बैटरी एक संवेदनशील उत्पाद है और इसमें सुरक्षा और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुभम और अर्पिता ने गुणवत्ता को कभी समझौते का विषय नहीं बनाया। उन्होंने अपनी कंपनी में अंतर्राष्ट्रीय मानकों और सर्टिफिकेशन को अपनाया। आईएसओ सर्टिफिकेशन और अन्य आवश्यक गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्राप्त किए।

उनकी प्रोडक्ट टेस्टिंग प्रक्रिया बहुत कठोर थी। हर बैच को विभिन्न परिस्थितियों में परीक्षा किया जाता था। यह सुनिश्चित किया जाता था कि बैटरी सभी मौसम और परिस्थितियों में सुरक्षित रूप से काम करे। यह प्रतिबद्धता ही उन्हें प्रतिस्पर्धियों से अलग करती थी।

ग्राहक संतुष्टि उनका मूल उद्देश्य रहा। वे ग्राहकों की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते थे और उसके आधार पर अपने उत्पादों में सुधार करते थे। इसी कारण उनके पास लंबे समय तक की ग्राहकता बनी रही।

वर्तमान स्थिति और भविष्य के लक्ष्य

आज यह कंपनी 5 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर अर्जित कर रही है। यह एक छोटी शुरुआत से यह एक असाधारण बढ़ोतरी है। कंपनी के पास अब 50 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं और कोटा में इसका एक बड़ा उत्पादन सुविधा है।

लेकिन शुभम और अर्पिता यहीं पर रुकने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका अगला लक्ष्य कंपनी के कारोबार को 15 करोड़ रुपये तक ले जाना है। इसके लिए वे नई तकनीकों में निवेश कर रहे हैं, अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रहे हैं और नए बाजारों में प्रवेश कर रहे हैं।

वे भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की तेजी से बढ़ती संभावनाओं को देख रहे हैं। सरकार के इलेक्ट्रिक वाहन पर जोर और बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने की नीतियों से उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। वे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की योजना बना रहे हैं।

शुभम और अर्पिता की कहानी यह साबित करती है कि सही विचार, कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। भारत के युवा उद्यमियों के लिए वे एक बेजोड़ प्रेरणा हैं। उनकी यह यात्रा दिखाती है कि कैसे असीम संभावनाएं सीमित संसाधनों में भी छिपी होती हैं और सही दिशा में प्रयास करने से महान सफलता पाई जा सकती है।