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Sunday, 13 September 2026
स्वास्थ्य

एक तेल में बार-बार पकाना तो 10 लाख जुर्माना

महाराष्ट्र FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे ने कहा कि एक ही तेल में बार-बार खाना पकाने पर 10 लाख का जुर्माना होगा। स्वास्थ्य से संबंधित नियमों का पालन जरूरी है।

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Komal
संवाददाता
📅 21 August 2026, 6:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
एक तेल में बार-बार पकाना तो 10 लाख जुर्माना
📷 aarpaarkhabar.com

महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन के प्रमुख तुकाराम मुंढे ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि जो भी व्यक्ति या व्यावसायिक प्रतिष्ठान एक ही तेल में बार-बार खाना पकाएगा, उसे 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना देना होगा। यह चेतावनी जनता के स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश है।

खाद्य सुरक्षा नियमों में कोई समझौता नहीं

तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत हमारी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए सभी नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। होटल, ढाबे, रेस्तरां और खाना पकाने वाली अन्य सभी जगहों पर FDA की निगरानी बनी रहेगी।

एक ही तेल में कई बार खाना पकाना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इस प्रक्रिया में तेल की गुणवत्ता खराब हो जाती है और उसमें कार्सिनोजेनिक पदार्थ बनते हैं। ये पदार्थ कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसीलिए FDA ने इस विषय पर बहुत सख्त रुख अपनाया है।

तुकाराम मुंढे ने कहा कि उन्होंने विभिन्न खाद्य उद्यमों का निरीक्षण किया है और कई जगहों पर एक ही तेल को बार-बार उपयोग करते हुए देखा है। यह अभ्यास न केवल अवैध है, बल्कि नैतिकता के भी विरुद्ध है। जो व्यावसायिक प्रतिष्ठान इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें सख्त दंड दिया जाएगा।

विमल इलायची विज्ञापनों पर कार्रवाई

तुकाराम मुंढे ने बॉलीवुड अभिनेताओं को विमल इलायची के सरोगेट विज्ञापनों के संबंध में भेजे गए नोटिस पर भी गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और इसमें कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। सरोगेट विज्ञापन का मतलब है कि तंबाकू उत्पादों को अन्य वस्तुओं के रूप में प्रचारित करना। यह भारतीय कानून के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है।

विमल इलायची जैसे तंबाकू उत्पादों का विज्ञापन सीधे तौर पर तो प्रतिबंधित है, लेकिन कई कंपनियां अलग-अलग तरीके से इसे बढ़ावा देती हैं। बॉलीवुड अभिनेता इन विज्ञापनों में दिखकर युवा पीढ़ी को प्रभावित करते हैं। यह बहुत खतरनाक है और समाज के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा है।

मुंढे ने कहा है कि सभी अभिनेताओं को सख्त नोटिस दिया गया है और उन्हें इस तरह के विज्ञापनों से दूर रहना चाहिए। यदि कोई भी इस नोटिस के बाद भी ऐसे विज्ञापनों में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। FDA का यह रुख समाज की सुरक्षा के प्रति एक जिम्मेदारी पूर्ण कदम है।

जनता की सतर्कता जरूरी है

तुकाराम मुंढे ने आम जनता को भी सचेत किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने आहार की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। घर पर खाना पकाते समय भी तेल का उचित उपयोग करना चाहिए। बासी या बार-बार उपयोग किए गए तेल से दूर रहना चाहिए। यह केवल एक नियम नहीं है, बल्कि अपने परिवार की सेहत की रक्षा करना है।

FDA विभाग निरंतर खाद्य उद्यमों का निरीक्षण करता है और उन्हें स्वच्छता तथा गुणवत्ता के मानकों का पालन करने के लिए बाध्य करता है। लेकिन इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी सचेत रहना चाहिए। अगर किसी होटल या खाद्य प्रतिष्ठान में संदिग्ध प्रथाएं देखें, तो तुरंत FDA को सूचित करना चाहिए।

तुकाराम मुंढे का यह कदम महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को एक नई दिशा देता है। 10 लाख का जुर्माना किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान के लिए एक बड़ी रकम है और यह संदेश स्पष्ट है कि सरकार इस मामले में कितनी गंभीर है। उम्मीद है कि यह कठोर रुख सभी को अनुशासित रहने के लिए प्रेरित करेगा और जनता का स्वास्थ्य बेहतर हो सकेगा।