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Saturday, 04 July 2026
शिक्षा

महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिजेंद्र गुप्ता का नाम

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Komal
संवाददाता
📅 28 June 2026, 6:17 AM ⏱ 1 मिनट 👁 239 views
महाराष्ट्र TET पेपर लीक: बिजेंद्र गुप्ता का नाम
📷 aarpaarkhabar.com

महाराष्ट्र के शिक्षा जगत में हल ही में आया एक बड़ा घोटाला पूरे देश को हिलाकर रख गया है। यह मामला सिर्फ एक परीक्षा पेपर लीक का नहीं है, बल्कि एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश है जो देश भर में शिक्षा परीक्षाओं को दागदार करने में लिप्त है। महाराष्ट्र टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET परीक्षा के पेपर लीक होने का मामला गहराई से देखें तो इसके पीछे का मास्टरमाइंड बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला बिजेंद्र गुप्ता निकला है। यह नाम पहले से ही NEET परीक्षा के घोटाले से जुड़ा हुआ है। मुंबई की पुलिस इस समय इस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कई राज्यों में छापेमारी कर रही है।

महाराष्ट्र TET पेपर लीक का पूरा खुलासा

महाराष्ट्र राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर जो घोटाला सामने आया है, वह शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। इस परीक्षा का पेपर लीक होना मात्र एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा था। बिजेंद्र गुप्ता के नाम आने के बाद पुलिस ने यह पाया कि वह परीक्षा पेपर लीक करने का एक पूरा ढांचा तैयार किया गया था। इस नेटवर्क में विभिन्न राज्यों के लोग शामिल थे जो छात्रों को परीक्षा से पहले पेपर की कॉपी उपलब्ध कराते थे।

मुंबई पुलिस की जांच में पता चला है कि बिजेंद्र गुप्ता केवल पेपर लीक करने तक सीमित नहीं थे। वह परीक्षा केंद्रों के अंदर के लोगों के साथ मिलीभगत कर रहे थे। इन लोगों ने परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही पेपर की जानकारी निकालने का जिम्मा संभाला हुआ था। बिजेंद्र के इस नेटवर्क ने न केवल TET परीक्षा को निशाना बनाया, बल्कि देश भर की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को भी अपने दायरे में रखा। यह घोटाला बताता है कि कैसे आज का समय प्रतिभाशील छात्रों को असफल करने के लिए कितनी मेहनत कर रहा है।

NEET विवाद से जुड़ा अतीत

बिजेंद्र गुप्ता का नाम पहली बार NEET परीक्षा के घोटाले में आया था। साल 2024 में जब देश भर में NEET की नकल और पेपर लीक की खबरें सामने आई थीं, तब बिहार के इसी शख्स के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन उसके बाद वह पुलिस की नजरों से बच निकला। कहा जा रहा है कि बिजेंद्र के पास एक मजबूत नेटवर्क है जो उसे पुलिस से बचाने में मदद कर रहा है।

आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में साल 2024 में बिजेंद्र गुप्ता ने पेपर लीक नेटवर्क को लेकर कुछ चौंकाने वाले दावे किए थे। उसने बताया था कि कैसे वह परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को पेपर उपलब्ध कराता है। स्टिंग ऑपरेशन में उसकी बातें सुनकर यह साफ हो गया था कि वह न केवल एक पेपर लीकर है, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा है। NEET घोटाले में भी बिजेंद्र की भूमिका को लेकर गहन संदेह थे, लेकिन तब उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

पुलिस की खोज और राज्यों में छापेमारी

मुंबई पुलिस TET पेपर लीक मामले में जांच करते समय बिजेंद्र गुप्ता तक पहुंची है। इस समय पुलिस दल महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में छापेमारी कर रहा है। पुलिस को विश्वास है कि बिजेंद्र ने TET परीक्षा के पेपर को लीक करने का काम किया है। इसके अलावा, पुलिस को उसके खिलाफ कई अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामले भी मिले हैं।

बिजेंद्र के नेटवर्क में देश भर के विभिन्न शहरों के लोग शामिल हैं। ये लोग विभिन्न कोचिंग संस्थानों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे हुए छात्रों के साथ जुड़े हुए थे। पुलिस की खोज से पता चलता है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक और संगठित है। कई बार तो छापेमारी के दौरान कंप्यूटर और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं जिनमें परीक्षा पेपर से जुड़ी संवेदनशील जानकारी थी।

शिक्षा व्यवस्था पर असर

इस तरह के घोटाले से शिक्षा प्रणाली को गहरा नुकसान हो रहा है। जो मेहनत करने वाले छात्र हैं, वे परीक्षा में असफल हो जाते हैं, जबकि जिन्होंने पेपर पहले से देख लिया है, वे सफल हो जाते हैं। इससे न केवल छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचता है, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था का विश्वास खतरे में पड़ जाता है। शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में अगर यह दुर्भावना आ जाए, तो गुणवत्ता वाले शिक्षकों का चयन नहीं हो सकता।

बिजेंद्र गुप्ता का यह मामला सिर्फ एक आरोपी के गिरफ्तारी का नहीं है, बल्कि पूरे शिक्षा जगत को साफ-सुथरा करने की जरूरत को दर्शाता है। सरकार को चाहिए कि परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित बनाए, और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करे।