ममता ने TMC कार्यकर्ताओं को दी सख्त सलाह
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में मतगणना के आयोजन से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख नेता ममता बनर्जी ने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को अत्यंत महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में ममता ने कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रक्रिया के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने के लिए कहा है। उन्होंने विभिन्न प्रकार की सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया है जिन्हें अपनाकर पार्टी के प्रतिनिधि मतगणना की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित कर सकते हैं।
ममता बनर्जी का मुख्य जोर यह रहा है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए। चुनाव के समय आमतौर पर विभिन्न प्रकार की गलत सूचनाएं और अफवाहें फैलाई जाती हैं जो लोगों को भ्रमित कर सकती हैं। ममता ने अपने कार्यकर्ताओं को समझाया है कि ये अफवाहें पार्टी के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं और इसलिए उन पर बिल्कुल ध्यान नहीं देना चाहिए। सभी सूचनाओं को केवल आधिकारिक स्रोतों से ही लेना चाहिए और किसी अनजान व्यक्ति की बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
मतगणना केंद्र पर रहते हुए कार्यकर्ताओं को अपना ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। ममता ने यह निर्देश दिया है कि कार्यकर्ताओं को बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए। इस बात का खास ध्यान रखा जाना चाहिए क्योंकि मतगणना केंद्र पर रहते समय अगर कोई कार्यकर्ता किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दिया गया खाना खा ले तो उसके स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, ऐसी स्थिति में कार्यकर्ता अपना फोकस खो सकता है और मतगणना की प्रक्रिया पर सही तरीके से नजर नहीं रख सकता है।
ममता की मुख्य चेतावनी: मतगणना केंद्र न छोड़ें
ममता बनर्जी की सबसे महत्वपूर्ण और कड़ी चेतावनी यह है कि तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि को किसी भी परिस्थिति में मतगणना केंद्र नहीं छोड़ना चाहिए। यह बहुत ही गंभीर निर्देश है क्योंकि जब तक कार्यकर्ता मतगणना केंद्र पर मौजूद रहता है तब तक वह पूरी प्रक्रिया पर नजर रख सकता है। अगर कार्यकर्ता किसी कारण से केंद्र छोड़ देता है तो वह यह नहीं जान पाएगा कि उसकी अनुपस्थिति में क्या-क्या हुआ। ममता का मानना है कि इसी कारण से पार्टी के प्रतिनिधि को हर हालात में केंद्र पर ही रहना चाहिए।
मतगणना की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सभी लोकतांत्रिक चुनावों का मूल आधार है। इसलिए ममता ने अपने कार्यकर्ताओं को भी इसी बात पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि जब मतों की गणना की जा रही हो तो पार्टी के प्रतिनिधि को हर समय सतर्क रहना चाहिए और मतों की गिनती पर नजर रखनी चाहिए।
नतीजों की अपलोडिंग पर पूरी निगरानी रखें
ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया है कि वे नतीजों की अपलोडिंग पर पूरी तरह से नजर रखें। आजकल सभी चुनावों के परिणाम ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से विभिन्न वेबसाइटों पर अपलोड किए जाते हैं। इसलिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि यह देखा जाए कि नतीजे सही तरीके से अपलोड हो रहे हैं या नहीं। अगर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नजर आए तो तुरंत इसकी शिकायत दर्ज की जानी चाहिए।
ईवीएम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई करें
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम का इस्तेमाल आजकल भारत में सभी चुनावों में होता है। ममता ने अपने कार्यकर्ताओं को सलाह दी है कि अगर ईवीएम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखाई दे तो तुरंत इसकी शिकायत अधिकारियों से की जानी चाहिए। कभी-कभी तकनीकी समस्याओं के कारण ईवीएम में खराबी आ सकती है या कुछ वोट सही तरीके से दर्ज नहीं हो सकते हैं। इन सभी मामलों में तुरंत शिकायत करना बहुत जरूरी है।
ममता ने यह भी कहा है कि अगर किसी भी कारण से पुनः मतदान की आवश्यकता महसूस हो तो पार्टी के प्रतिनिधि को इसकी मांग करने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और ईमानदारी ही सबसे महत्वपूर्ण होती है। अगर मतदान की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता दिखाई दे तो पुनः मतदान की मांग करना न केवल सही है बल्कि जरूरी भी है।
ममता बनर्जी का यह निर्देश पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह सुचारु और पारदर्शी बनाने का एक प्रयास है। उन्होंने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को यह समझाया है कि चुनावी प्रक्रिया में सतर्कता और जागरूकता ही लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करती है। इसलिए हर कार्यकर्ता को अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए और पूरी ईमानदारी के साथ अपना काम करना चाहिए। ममता का यह संदेश न केवल तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के लिए बल्कि सभी राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं के लिए एक उदाहरण स्थापित करता है कि कैसे चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाई जानी चाहिए।




