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Thursday, 16 July 2026
मौसम

मणिपुर में 5.2 तीव्रता का भूकंप, कामजोंग में झटके

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Komal
संवाददाता
📅 21 April 2026, 7:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 246 views
मणिपुर में 5.2 तीव्रता का भूकंप, कामजोंग में झटके
📷 aarpaarkhabar.com

मणिपुर राज्य में एक बार फिर से प्रकृति का कहर देखने को मिला है। कामजोंग जिले में सोमवार को 5.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किए गए। यह भूकंप सुबह के समय आया और लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, फिलहाल किसी भी तरह के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासन सतर्क रहकर स्थिति की निगरानी कर रहा है।

यह घटना उस समय सामने आई है जब मणिपुर राज्य पहले से ही कई महीनों से हिंसा और सांप्रदायिक तनाव से जूझ रहा है। राज्य में चल रहे बंद और हिंसक घटनाओं के कारण आम लोगों का जीवन पहले से ही अस्त-व्यस्त है। ऐसे में यह भूकंप एक अतिरिक्त चिंता का विषय बन गया है। इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य की और भी गंभीर हो गई स्थिति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

मणिपुर में भूकंप की घटना

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यह भूकंप मणिपुर के कामजोंग जिले में केंद्रित था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.2 मापी गई थी। भूकंप के झटके काफी मजबूत थे और क्षेत्र के निवासियों ने इसे स्पष्ट रूप से महसूस किया। कई लोग अपने घरों से बाहर आ गए क्योंकि भूकंप की तीव्रता काफी अधिक थी। भूकंप के आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।

कामजोंग जिला पूर्वोत्तर भारत का एक संवेदनशील क्षेत्र है जहां भूकंपीय गतिविधियां समय-समय पर देखने को मिलती हैं। भारत का यह हिस्सा भूकंप की दृष्टि से एक सक्रिय क्षेत्र माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में कई बार भूकंप के झटके आए हैं। इसलिए स्थानीय निवासी भूकंप के लिए पहले से ही सचेत रहते हैं और सुरक्षा के प्रोटोकॉल का पालन करते हैं।

राज्य की गंभीर परिस्थिति

मणिपुर पिछले कई महीनों से गंभीर संकट का सामना कर रहा है। राज्य में मई 2023 से ही सांप्रदायिक हिंसा चल रही है जिसमें काफी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। इस हिंसा के कारण कई इलाकों में व्यापक नुकसान हुआ है और लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में बंद के कारण आर्थिक गतिविधियां ठप्प हो गई हैं।

राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई स्कूल और कॉलेज बंद हैं और छात्र अपनी पढ़ाई से वंचित हैं। आर्थिक स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि व्यापार-व्यवसाय में भारी गिरावट आई है। ऐसी परिस्थिति में एक प्राकृतिक आपदा जैसे भूकंप का आना निश्चित रूप से और भी समस्याएं पैदा कर सकता है।

प्रशासन की सतर्कता और जनता की प्रतिक्रिया

भूकंप के आने के बाद मणिपुर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। जिला प्रशासन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के लिए निर्देश दिए। राहत और बचाव दलों को तैनाती के लिए तैयारी की गई ताकि किसी भी आपातकाल में तुरंत कार्रवाई की जा सके। स्थानीय प्रशासन के साथ सेना और अर्धसैनिक बलों को भी सचेत रहने का निर्देश दिया गया।

कामजोंग जिले के निवासियों ने भूकंप के झटके महसूस करने के बाद अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर आ गए। कई लोग रात भर सड़कों पर ही रहे क्योंकि उन्हें अपने घरों में किसी अन्य झटके का भय था। स्थानीय समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे की मदद की और सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान दिया।

जनता के बीच कुछ घबराहट देखने को मिली लेकिन पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही। सामाजिक माध्यमों पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और एक-दूसरे को सुरक्षित रहने के सलाह दिए। स्वयंसेवी संगठनों ने भी जनता की सहायता के लिए आगे आए।

आने वाले दिनों में मणिपुर में भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी जारी रहेगी। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग ने क्षेत्र में निरीक्षण दलों को भेजा है। भूकंप से संबंधित किसी भी आगामी जानकारी को साझा करने के लिए प्रशासन जनता से संवाद बनाए रखेगा। राज्य की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी आपातकाल से निपटने के लिए तैयार है।