दिल्ली में मानसून की खबर, असम में बाढ़ की स्थिति
देश भर में मानसून की अलग-अलग स्थिति
भारत मौसम विभाग की ओर से जारी की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की स्थिति अलग-अलग है। पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह अपनी जकड़ में ले चुका है, वहीं दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में अभी भी इंतजार की स्थिति है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून की दस्तक हो जाएगी। यह खबर गर्मी से बेज़ार लोगों के लिए राहत की तरह है।
वर्तमान समय में जहां दिल्ली-एनसीआर में चिलचिलाती गर्मी से लोग परेशान हैं, वहीं देश के पूर्वोत्तर हिस्से में मानसून की बेतहाशा बारिश से कहर बरपा हो रहा है। असम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य बाढ़ की विभीषिका का सामना कर रहे हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जहां एक ओर सूखे की चिंता है तो दूसरी ओर पानी की अधिकता से जान-माल की हानि हो रही है।
असम और अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ का कहर
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून ने भयंकर बाढ़ का कारण बना दिया है। असम और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसके कारण नदियां अपने किनारे तोड़ रही हैं। इन दोनों राज्यों के विभिन्न जिलों में भारी तबाही देखी गई है। कई क्षेत्र पानी में पूरी तरह डूब गए हैं और लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
अरुणाचल प्रदेश के कई जिले इस बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, बिजली की व्यवस्था ध्वस्त हुई है और संचार माध्यम भी बाधित हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन आपातकालीन राहत कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन बाढ़ की तीव्रता के कारण बचाव कार्य भी कठिन हो गया है।
इसी तरह असम में भी हालात गंभीर हैं। राज्य के कई जिलों में बाढ़ ने विनाशलीला मचाई है। घरों की दीवारें गिर गई हैं, खेत बर्बाद हो गए हैं और किसानों की फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। शिक्षा संस्थान भी इससे प्रभावित हुए हैं। कई स्कूल और कॉलेज बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार असम और अरुणाचल प्रदेश में लगभग दो लाख लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। लोगों को खाने-पीने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है, खासकर जलजनित रोगों का।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की प्रतीक्षा
दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में मानसून का आना अभी बाकी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली-एनसीआर में मानसून की बारिश शुरू हो जाएगी। यह खबर राजधानी के लोगों के लिए काफी राहत की है क्योंकि यहां तापमान रोज बढ़ रहा है और गर्मी असहनीय हो गई है।
अभी दिल्ली में दिन का तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा है, जो काफी अधिक है। रात के तापमान में भी कोई विशेष गिरावट नहीं आ रही है। ऐसी स्थिति में बिजली की खपत बढ़ गई है और बिजली घरों में काफी कम आ रही है। पानी की समस्या भी गंभीर हो गई है।
मानसून आने से पहले दिल्ली-एनसीआर के लोग गर्मी से बेहाल हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। ऐसे में मानसून की बारिश का आना एक बड़ी राहत साबित होगा।
भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मानसून आने के बाद तापमान में काफी गिरावट आएगी। दिल्ली में बारिश होगी जिससे गर्मी में कमी आएगी। हालांकि, यह भी देखा जाना बाकी है कि मानसून कितनी तेजी से दिल्ली में प्रवेश करता है और कितनी बारिश होती है।
इसके अलावा, मानसून आने से पहले उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी काफी गर्मी पड़ रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी तापमान 42-44 डिग्री के बीच रहा है। यहां भी लोग मानसून के आने का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, जब मानसून आएगा तो पश्चिमी और मध्य भारत को भी भारी बारिश का सामना करना पड़ सकता है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में तो मानसून पहले से ही सक्रिय है। यहां भी बाढ़ जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
कुल मिलाकर, देश में मानसून की स्थिति असंतुलित है। एक ओर जहां पूर्वोत्तर में भारी बारिश से बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनी हैं, वहीं दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में सूखे और गर्मी का कहर बरपा है। ऐसे में सभी को मानसून के आने का इंतजार है, लेकिन यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि मानसून संतुलित बारिश दे ताकि न तो बाढ़ की स्थिति बने और न ही सूखे की समस्या रहे।




