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Saturday, 04 July 2026
मौसम

मानसून की गजब चाल: बारिश का कहर, कई राज्यों में अलर्ट

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Komal
संवाददाता
📅 04 July 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 337 views
मानसून की गजब चाल: बारिश का कहर, कई राज्यों में अलर्ट
📷 aarpaarkhabar.com

दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के लगभग सभी हिस्सों तक पहुंच चुका है और यह अपने साथ कहीं तो आफत ला रहा है तो कहीं राहत दे रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन को प्रभावित किया है। वहीं, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में मानसून ने भीषण गर्मी से काफी राहत दिलाई है।

पहाड़ी राज्यों में मानसून का कहर

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश से स्थिति काफी गंभीर हो गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। कई इलाकों में पूरी तरह से कट गए हैं और सड़कें बंद हो गई हैं। लोगों को खाने-पीने की चीजों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन सेवाओं को भी पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है।

हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और कर्मचारियों को अवकाश दे दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेवजह बाहर न निकलें। भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों में और भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। स्थानीय प्रशासन पहले से ही आपातकालीन उपायों में जुट गया है। राहत और बचाव दलों को तैनात किया जा चुका है।

महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश की स्थिति देखी जा रही है। पुणे, नासिक और औरंगाबाद जैसे जिलों में पिछले दो दिनों में अप्रत्याशित बारिश हुई है। मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या हो गई है। स्थानीय नगर निगम पूरी तरह से सतर्क है। लोगों को किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए कहा गया है।

गुजरात में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। राजकोट, अमरेली और जूनागढ़ जैसे जिलों में बाढ़ की स्थिति बन गई है। कई गांवों में लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। स्थानीय अधिकारियों ने मोबाइल व्यान से खाद्य सामग्री और पानी का वितरण शुरू कर दिया है।

उत्तरी राज्यों में गर्मी से राहत

जहां एक तरफ पहाड़ी राज्यों में मानसून आफत बरपा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तरी राज्यों में यह राहत का कारण बना है। पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जून के अंत तक भीषण गर्मी से लोग परेशान थे। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया था और बिजली की मांग रिकॉर्ड तोड़ रही थी।

मानसून के आने से इन इलाकों में तापमान में काफी गिरावट आई है। आसमान में बादल छा गए हैं और ठंडी हवा चलने लगी है। लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। किसानों के लिए भी यह मानसून शुभ संकेत है क्योंकि अब उन्हें खरीफ की फसल बोने के लिए अनुकूल मौसम मिल गया है। बिजली की मांग में भी कमी आ रही है।

राजस्थान में भी हल्की-फुल्की बारिश हुई है जिससे गर्मी में कुछ कमी आई है। लेकिन राज्य के अंदरूनी हिस्सों में अभी भी सामान्य से कम बारिश हुई है। किसान चिंतित हैं कि अगर सही मात्रा में बारिश नहीं हुई तो खरीफ की फसल प्रभावित हो सकती है।

आईएमडी की चेतावनी और सुरक्षा सलाह

भारतीय मौसम विभाग ने पूरे देश के लिए एक विस्तृत चेतावनी जारी की है। गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में अगले पांच दिनों में भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना है। कई इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है।

मौसम विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक ने कहा कि यह मानसून सामान्य मानसून की तुलना में थोड़ा अधिक सक्रिय है। कम दबाव क्षेत्र की वजह से बारिश की तीव्रता बढ़ी हुई है। हालांकि, यह स्थिति अगले एक सप्ताह में सामान्य हो जाएगी।

प्रशासन ने सभी लोगों से कहा है कि वे सतर्क रहें। बाढ़ की संभावना वाले इलाकों में लोगों को अपने जानवरों को सुरक्षित जगहों पर रखना चाहिए। नदी-नाले के पास न जाएं। अगर किसी को जरूरत हो तो तुरंत आपातकालीन नंबर पर संपर्क करें। मानसून सीजन में सावधानी बेहद जरूरी है क्योंकि यह न तो अधिक बारिश चाहता है और न ही कम। संतुलित मानसून ही देश के लिए हितकर है।