नीट पुनर्परीक्षा आज: सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा की तैयारी
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट की पुनर्परीक्षा आज देशभर में आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा को लेकर सरकार ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए के निर्देशों के तहत हर परीक्षा केंद्र पर सर्वोच्च स्तर की निगरानी की जा रही है। लाखों अभ्यर्थियों की भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए केंद्रीय और राज्य सरकारें संपूर्ण प्रस्तुत हैं।
पिछले साल की घटनाओं के बाद शिक्षा जगत में सुरक्षा को लेकर बड़ी बहस हुई थी। प्रश्न पत्र लीक होने जैसी घटनाओं ने परीक्षा व्यवस्था के प्रति आस्था को कमजोर किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने हर संभव सावधानी बरती है। सरकार चाहती है कि यह परीक्षा बिना किसी विसंगति के पूरी हो और लाखों मेधावी विद्यार्थियों को उचित मंच मिले।
नीट परीक्षा में विद्यार्थियों की संख्या
इस बार की नीट-यूजी परीक्षा में देशभर से लाखों विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। चिकित्सा और दंत चिकित्सा के क्षेत्रों में अपनी जगह बनाने के लिए ये युवा कड़ी मेहनत कर रहे हैं। परीक्षा के दिन छात्रों के मनोबल को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मेडिकल और परामर्शदाता की भी उपस्थिति सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। देश के हर राज्य में बड़े-बड़े स्कूल और कॉलेजों को परीक्षा केंद्र के रूप में चिह्नित किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत व्यवस्था
नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व है। देशभर में 51,311 जैमिंग डिवाइस तैनात किए गए हैं। ये उपकरण अवैध संचार संकेतों को दबाने का काम करेंगे, जिससे किसी भी तरह की नकल या अनुचित संचार न हो सके। साथ ही, डेढ़ लाख से भी अधिक सीसीटीवी कैमरे सभी परीक्षा केंद्रों में लगाए गए हैं। ये कैमरे हर पल परीक्षा हॉल की निगरानी करेंगे और सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखेंगे।
पुलिस बल की तैनाती भी बेहद प्रभावशाली है। ढाई लाख पुलिसकर्मी सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात किए गए हैं। इनमें स्थानीय पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल और विशेष सुरक्षा दल शामिल हैं। इनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा केंद्रों के आस-पास कोई भी संदिग्ध गतिविधि न हो। किसी भी तरह की घटना को रोकने के लिए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी पुलिस बल तत्पर रहेगा।
वायु सेना ने भी परीक्षा की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाने के लिए सहायता की पेशकश की है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन निगरानी भी की जा सकती है। इसके अलावा, केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी भी परीक्षा में किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए सतर्क रहेंगे।
परीक्षा की तैयारी और विद्यार्थियों के निर्देश
एनटीए की ओर से परीक्षार्थियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले सभी छात्रों को अपनी प्रवेश पत्र और पहचान पत्र साथ रखना होगा। परीक्षा हॉल में केवल अनुमत सामग्री ही ले जाई जा सकेगी। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन या स्मार्टवॉच ले जाने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्र पर आने से आधे घंटे पहले छात्रों को वहां पहुंच जाना चाहिए।
राज्य सरकारें भी परीक्षा को सुचारु रूप से चलाने के लिए जरूरी व्यवस्था कर रही हैं। राजमार्गों पर चेकपोइंट स्थापित किए गए हैं, ताकि अवैध सामग्री ले जाने वालों को रोका जा सके। साइबर सेल भी सक्रिय है, ताकि ऑनलाइन घोटाले या नकली परीक्षा केंद्रों की जानकारी वायरल न हो सके।
पिछले साल प्रश्न पत्र लीक होने के कारण जो संकट खड़ा हुआ था, उसके बाद से शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए हैं। एनटीए के साथ काम कर रहे सभी कर्मचारियों की पृष्ठभूमि की जांच की गई है। सर्वर की सुरक्षा में भी सुधार किए गए हैं। अब प्रश्न पत्र को कई तहों में सुरक्षित रखा जाता है।
यह परीक्षा न केवल विद्यार्थियों के लिए बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण मुकाम है। सरकार और प्रशासन इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था विश्व स्तरीय हो और सभी छात्रों को समान और निष्पक्ष मौका मिले। नीट परीक्षा के माध्यम से ही देश के मेधावी विद्यार्थी चिकित्सा क्षेत्र में अपना भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं।




