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Monday, 15 June 2026
शिक्षा

NEET पेपर लीक: टेलीग्राम पर असली पेपर बेचने वाले 4 गिरफ्तार

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Komal
संवाददाता
📅 15 June 2026, 7:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
NEET पेपर लीक: टेलीग्राम पर असली पेपर बेचने वाले 4 गिरफ्तार
📷 aarpaarkhabar.com

राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) को लेकर देश में जो चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं, उन्हीं के बीच बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बड़ी घटना सामने आई है। यहां की पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह को पकड़ा है जो टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रों और उनके माता-पिता को ठग रहे थे। इस गिरोह के सदस्य लोभलालच दिखाकर असली परीक्षा के प्रश्नपत्र बेचने का झांसा दे रहे थे।

यह मामला तब और भी गंभीर हो जाता है जब हम यह जानते हैं कि देश भर में एनईईटी परीक्षा को लेकर विभिन्न राज्यों में पहले से ही बड़े-बड़े घोटाले सामने आए हैं। हालांकि, मुजफ्फरपुर की पुलिस को समय रहते इस गिरोह का पता चल गया और उन्होंने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरोह की गतिविधियों की जांच अभी भी जारी है और अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मुजफ्फरपुर में ठगी का तरीका

मुजफ्फरपुर के पुलिस विभाग ने जानकारी दी है कि ये ठग टेलीग्राम एप्लिकेशन पर विभिन्न समूह बनाकर अपना काम कर रहे थे। वे छात्रों को यह दिखावा करते थे कि उनके पास असली परीक्षा के प्रश्नपत्र हैं और वे उन्हें बेच सकते हैं। इस बहाने से वे प्रश्नपत्र की कीमत मांगते थे और पैसे लेने के बाद या तो पूरी तरह से लापता हो जाते थे या नकली प्रश्नपत्र भेज देते थे।

यह योजना इतनी सफल रही कि सैकड़ों छात्र और अभिभावक इसके शिकार बन गए। मुजफ्फरपुर की पुलिस को जब इस बारे में शिकायतें मिलीं, तो उन्होंने तुरंत अपनी खुफिया टीमों को इस मामले की जांच के लिए तैनात किया। पुलिस ने टेलीग्राम पर इन गिरोह के संचालकों को ट्रैक किया और उन्हें पकड़ने में सफल रहीं।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से पूछताछ में पता चला है कि यह एक सुव्यवस्थित गिरोह था जो कई राज्यों में अपना काम कर रहा था। इन लोगों के पास कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरण भी मिले हैं जिनका इस्तेमाल वे नकली दस्तावेज और प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए करते थे। पुलिस ने इन उपकरणों को जब्त कर लिया है।

नकली परीक्षा प्रश्नपत्रों का खतरा

नकली परीक्षा प्रश्नपत्र बेचना सिर्फ एक आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और राष्ट्रीय भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जब कोई छात्र गलत और नकली प्रश्नपत्रों पर तैयारी करता है, तो परीक्षा में उसका प्रदर्शन खराब होता है। इससे न केवल छात्र को शारीरिक और मानसिक नुकसान होता है, बल्कि परीक्षा प्रणाली की प्रामाणिकता पर भी सवाल खड़े होते हैं।

यह मामला तब और चिंताजनक हो जाता है जब हम देखते हैं कि भारत में लाखों छात्र प्रतिवर्ष एनईईटी परीक्षा में भाग लेते हैं। ऐसे में यदि इस तरह की ठगी की गतिविधियां बढ़ती रहीं, तो यह पूरी परीक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकती है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भी इस तरह की घटनाओं से सीखना चाहिए और अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए।

इसके अलावा, यह भी देखा गया है कि ऐसे ठग अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। वे विभिन्न देशों से जुड़े होते हैं और साइबर अपराध के सभी आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है।

परीक्षा से पहले सतर्कता का आह्वान

मुजफ्फरपुर की पुलिस ने 21 जून को होने वाली एनईईटी परीक्षा से पहले सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस विभाग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति या समूह के द्वारा यदि असली परीक्षा के प्रश्नपत्र बेचने का प्रस्ताव दिया जाए, तो उस पर विश्वास न करें।

पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानकारी रखता है, तो वह तुरंत अपने निकटतम पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाए। इसके अलावा, पुलिस ने साइबर अपराध सेल को भी सतर्क कर दिया है ताकि टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर ऐसी गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा सके।

प्रत्येक छात्र को यह बात समझनी चाहिए कि परीक्षा की तैयारी के लिए कोई भी शॉर्टकट नहीं होता। असली मेहनत और लगातार अध्ययन के माध्यम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। ऐसी नकली और धोखेबाजी की योजनाओं से न केवल आप आर्थिक नुकसान का शिकार बनते हैं, बल्कि अपनी शिक्षा और भविष्य को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

इस घटना ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर कोई भी प्रस्ताव जो बहुत अच्छा लगे या जो अवास्तविक लगे, उस पर तुरंत विश्वास न करें। हमेशा अपने माता-पिता, शिक्षकों या स्कूल-कॉलेज के प्रबंधन से सलाह लें।

मुजफ्फरपुर की पुलिस की इस कार्रवाई को सराहनीय माना जा रहा है और उम्मीद है कि आने वाले समय में अन्य राज्यों की पुलिस भी इसी तरह की गतिविधियों पर नजर रखेगी और समय पर कार्रवाई करेगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भी यह सुनिश्चित करना चाहिए कि परीक्षा की प्रामाणिकता बनी रहे और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की गतिविधियां तुरंत समाप्त की जाएं।