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Thursday, 16 July 2026
मौसम

उत्तर भारत में गर्मी और बारिश, कई राज्यों में तबाही

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Komal
संवाददाता
📅 30 June 2026, 7:00 AM ⏱ 1 मिनट 👁 794 views
उत्तर भारत में गर्मी और बारिश, कई राज्यों में तबाही
📷 aarpaarkhabar.com

उत्तर भारत में भीषण गर्मी की मार

इस समय उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में भीषण गर्मी का कहर बरपा रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में तापमान चालीस से पचास डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस तरह की असहनीय गर्मी से आम जनता का जीवन बहुत मुश्किल हो गया है। घरों के बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और लोग दिन भर घरों में बंद रहने के लिए मजबूर हैं।

इस गर्मी के साथ उमस भी बहुत ज्यादा है जिससे लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होती है। बूजुर्ग लोग, बच्चे और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोग इस भीषण गर्मी से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। अस्पतालों में गर्मी और लू से संबंधित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों ने लोगों को समय पर पानी पीने, छाया में रहने और भारी कपड़ों से बचने की सलाह दी है।

बिजली की खपत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है क्योंकि सभी लोग अपने घरों में एयर कंडीशनर और पंखे का उपयोग कर रहे हैं। इससे बिजली के वितरण केंद्रों पर जबरदस्त दबाव पड़ा है और कई इलाकों में बिजली में कटौती की नौबत आ गई है। सड़कों पर डामर भी पिघलने लगा है और अनेक जगहों पर सड़कें टूटने की घटनाएं देखने को मिली हैं। सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है और ड्राइवरों को भी अत्यधिक सावधानी से गाड़ी चलानी पड़ रही है।

मॉनसून का सक्रिय होना और बारिश की बूंदाबांदी

जहां उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप है, वहीं दक्षिण भारत, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है। इन इलाकों में झमाझम पानी बरस रहा है जिससे लोगों को कुछ सांत्वना मिल रही है लेकिन अत्यधिक बारिश से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मॉनसून अपने समय से पहले ही भारत में प्रवेश कर गया है और यह काफी सक्रिय है। पश्चिमी घाट के इलाकों में तो रिकॉर्ड तोड़ बारिश देखी जा रही है। कई जिलों में सामान्य से कहीं अधिक वर्षा हुई है जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर हैं।

यह बारिश फसलों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद साबित हो रही है क्योंकि खरीफ की फसल की बुआई का मौसम शुरू हो गया है। किसानों को अब तक की बारिश से संतुष्टि मिल रही है। लेकिन अत्यधिक बारिश से फसलों को नुकसान का खतरा भी बढ़ गया है। सरकारें इस स्थिति को संभालने के लिए अपने पूरे जोर लगा रही हैं और आपातकालीन राहत के उपाय कर रही हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी और आने वाले दिनों की भविष्यवाणी

भारतीय मौसम विभाग ने आने वाले सप्ताह में उत्तर भारत में बारिश की संभावना की चेतावनी दी है जिससे गर्मी में कुछ कमी आने की उम्मीद है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों में गर्जना वाली बारिश के आसार हैं। मेघ विज्ञानियों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है जो बारिश लाने वाला है।

इस बारिश से गर्मी में निश्चित ही कुछ राहत मिलेगी लेकिन इसके साथ ओलावृष्टि, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना भी है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। घरों की छतों पर रखी वस्तुओं को सुरक्षित किया जाए और पेड़ों की कमजोर शाखाओं को काट दिया जाए। बाहर के काम को कम से कम किया जाए और बिजली के तारों से दूर रहा जाए।

पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मेट विभाग की ओर से ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया जा चुका है। लोगों को सावधानी से रहने और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मौसम को लेकर सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। सरकारी एजेंसियां आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार हो गई हैं।