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Monday, 14 September 2026
मौसम

उत्तर में गर्मी, दक्षिण में बारिश – मौसम अलर्ट

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Komal
संवाददाता
📅 18 May 2026, 6:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 961 views
उत्तर में गर्मी, दक्षिण में बारिश – मौसम अलर्ट
📷 aarpaarkhabar.com

भारत की जलवायु इन दिनों बेहद विचित्र और चरम मौसमी स्थितियों का साक्षी बन रही है। भारतीय मौसम विभाग ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए गंभीर चेतावनियां जारी की हैं। उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप बढ़ने वाला है, जबकि दक्षिण और पूर्वी क्षेत्रों में तेज बारिश और आंधी का संकट मंडरा रहा है। यह स्थिति आने वाले सप्ताहों में और भी गंभीर हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, 18 मई से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे प्रमुख राज्यों में भीषण हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है। दिल्ली में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है, जो आम लोगों के लिए अत्यंत खतरनाक साबित हो सकता है। इस तरह की अत्यधिक गर्मी से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को।

उत्तर भारत में भीषण गर्मी की चेतावनी

देश के उत्तरी भाग में तापमान के आंकड़े वाकई चिंता का विषय बन गए हैं। दिल्ली में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जो महीनों की सबसे ज्यादा गर्मी होगी। पंजाब के कई शहरों में भी तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। राजस्थान में तो कुछ जिलों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर सकता है।

इस भीषण गर्मी से लू चलने की भी आशंका जताई जा रही है। भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे दिन के समय घर से बाहर निकलने से बचें। गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीना, हल्के रंग के कपड़े पहनना और धूप में रहने से बचना अत्यावश्यक है। बुजुर्ग लोगों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

दिल्ली के अलावा हरियाणा के कई जिलों में भी भीषण गर्मी की चेतावनी दी गई है। फरीदाबाद, गुड़गांव जैसे शहरों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। इससे विद्युत की मांग भी तेजी से बढ़ने वाली है, जिससे बिजली संकट का भी खतरा बढ़ गया है।

दक्षिण और पूर्व में मानसून की शुरुआत

जहां उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर बरपा रहा है, वहीं दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। असम, मेघालय, केरल, तमिलनाडु और कई अन्य राज्यों में भारी बारिश, आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है।

केरल में 26 मई के आसपास मानसून के आने की संभावना व्यक्त की गई है। यह भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मानसून वर्षा से कृषि पर बहुत प्रभाव पड़ता है। किसानों के लिए मानसून की समय पर आवाजाही अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इससे बाढ़ और भूस्खलन का भी खतरा रहता है।

असम में बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ का संकट बढ़ गया है। मेघालय में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की खबरें आ रही हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी मजबूत हवाओं के साथ बारिश की आशंका है।

कृषि और सार्वजनिक जीवन पर प्रभाव

भारतीय कृषि मानसून पर गहराई से निर्भर है, इसलिए इन मौसमी स्थितियों का कृषि उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उत्तर भारत में असमय गर्मी से खरीफ की बुवाई प्रभावित हो सकती है। बीज के अंकुरण में कमी आ सकती है और मिट्टी की नमी की कमी हो सकती है।

दूसरी तरफ, दक्षिण और पूर्व में अतिरिक्त बारिश से भी समस्याएं हो सकती हैं। बाढ़ के कारण खड़ी फसल को नुकसान हो सकता है। साधारण लोगों के दैनिक जीवन पर भी इन मौसमी बदलावों का असर दिखाई देगा। परिवहन, बिजली की आपूर्ति और बुनियादी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

सरकारी एजेंसियों को इन स्थितियों से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी करनी चाहिए। राहत और बचाव दलों को अलर्ट रखना होगा। जनता को भी मौसम संबंधी सभी चेतावनियों का पालन करना चाहिए और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। भारतीय मौसम विभाग लगातार अपडेट प्रदान करता रहेगा, इसलिए नागरिकों को इन अपडेट पर ध्यान देना चाहिए।