पूर्वोत्तर में बारिश, उत्तर-पश्चिम में गर्मी
भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इस समय मौसम की स्थिति बेहद विषम है। पूर्वोत्तर भारत में लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि उत्तर-पश्चिम के राज्यों में तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। हालांकि, आने वाले जुलाई महीने में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का कहर
असम और अरुणाचल प्रदेश में पिछले दिनों लगातार हो रही भारी वर्षा ने भयंकर स्थिति पैदा कर दी है। असम में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार असम में 45 हजार से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। घरों में पानी भर गया है, सड़कें पूरी तरह डूब गई हैं और यातायात व्यवस्था ठप्प हो गई है।
अरुणाचल प्रदेश की स्थिति और भी गंभीर है। यहां की पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। अब तक इस आपदा में तीन लोगों की जान चली गई है और कई लोग लापता हैं। स्थानीय प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में लगा हुआ है। सड़कें टूट गई हैं, पुल ढह गए हैं और संचार व्यवस्था बिगड़ गई है।
मेघालय में भी भारी बारिश से चेरापूंजी और मौसिनराम जैसे क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। त्रिपुरा और मणिपुर में भी बाढ़ की स्थिति बन गई है। रेलवे को कई रूटों पर सेवा रोकनी पड़ी है क्योंकि ट्रैक में पानी भर गया है।
एक ओर जहां प्राकृतिक आपदाएं जनजीवन को तबाह कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर भारतीय मौसम विभाग इस स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट जारी किए हुए हैं। अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाओं के कारण यह बारिश जारी रह सकती है। असम और अरुणाचल प्रदेश की सरकारों ने आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी है।
केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी अपनी टीमें भेजी हैं। स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन राहत शिविर लगा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
उत्तर-पश्चिम में गर्मी का सितम
जहां पूर्वोत्तर भारत में बारिश का कहर है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच गया है।
दिल्ली में गर्मी इतनी तेज है कि सड़कों पर तामचीनी पिघलने लगी है। बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। हजारों लोग हीट स्ट्रोक से पीड़ित हुए हैं और अस्पतालों में भीड़ बढ़ गई है। दिन के समय तो सड़कें सूनी रहती हैं क्योंकि कोई भी घर से निकलने का साहस नहीं कर रहा।
पंजाब में लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे शहरों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। खेतों में काम करने वाले मजदूरों की हालत बेहद खराब है। कई लोग दिन के समय काम नहीं कर पा रहे।
राजस्थान में जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में तापमान 48-49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यहां की रेतीली जमीन गर्म हवाओं के कारण और भी अधिक गर्म हो गई है। पानी की कमी की समस्या भी बढ़ गई है क्योंकि तालाब और कुएं सूख गए हैं।
गुजरात में भी गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। अहमदाबाद में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। बिजली के बिल अतुलनीय ऊंचाई पर पहुंच गए हैं क्योंकि लोग दिनभर एयर कंडीशनर चलाने पर मजबूर हैं।
जुलाई में राहत के आसार
भारतीय मौसम विभाग ने अच्छी खबर दी है कि जुलाई महीने में स्थिति में सुधार आएगा। मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और पूरे देश में संतुलित बारिश होगी। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं की वजह से जुलाई में देशव्यापी बारिश की संभावना है।
दक्षिण भारत में पहले से ही अच्छी बारिश हो रही है। मानसून का दक्षिण-पश्चिमी भाग पहले से सक्रिय है। अब जैसे-जैसे मानसून उत्तर की ओर बढ़ेगा, उत्तर-पश्चिम भारत में भी बारिश आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी।
मौसम विज्ञानियों का मानना है कि जुलाई में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है। यह पूर्वोत्तर भारत की बाढ़ की समस्या को कम करने में मदद देगी और साथ ही उत्तर-पश्चिम की गर्मी को भी कम करेगी।
कृषि के लिए भी यह बारिश बेहद जरूरी है। मानसून की अच्छी बारिश से किसानों को फसल बोने में आसानी होगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा। जलाशयों में पानी भरने से बिजली उत्पादन भी बढ़ेगा।
सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से गर्मी से बचाव के उपाय करने की अपील की है। अधिक पानी पिएं, घर से कम निकलें और हल्के कपड़े पहनें। स्वास्थ्य विभाग हीट स्ट्रोक के मामलों की निगरानी कर रहा है।
कुल मिलाकर, भारत में इस समय मौसम की स्थिति बेहद जटिल है, लेकिन आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद है। सरकार और प्रशासन पूरी तरह सचेत हैं और जनजीवन को सामान्य करने के लिए काम कर रहे हैं।




