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Wednesday, 19 August 2026
राजनीति

सरकारी इंजीनियर के घर छापा, 49 प्लॉट और 1 किलो सोना

author
Komal
संवाददाता
📅 21 June 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 274 views
सरकारी इंजीनियर के घर छापा, 49 प्लॉट और 1 किलो सोना
📷 aarpaarkhabar.com

ओडिशा में एक बड़ा भ्रष्टाचार मामला सामने आया है जहां सरकारी विजिलेंस विभाग ने असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सत्यनारायण सेठी के घर पर छापेमारी की। इस छापेमारी में 49 प्लॉट, 3 फार्महाउस, 940 ग्राम सोना और करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ है। यह मामला भारतीय लोकतंत्र में भ्रष्टाचार की गहराई को दर्शाता है और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता की कमी को उजागर करता है।

सत्यनारायण सेठी एक सीनियर इंजीनियर थे जो सरकारी परियोजनाओं की देखरेख का काम करते थे। उनके असली आय के स्रोत से कहीं अधिक संपत्ति उनके नाम दर्ज थी। विजिलेंस विभाग को जब उनकी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली तो उन्होंने व्यापक जांच शुरू की। इस जांच के दौरान इंजीनियर के द्वारा जमा की गई संपत्ति की सूची बेहद चौंकाने वाली निकली।

विजिलेंस की छापेमारी और बरामदगी

विजिलेंस टीम ने सत्यनारायण सेठी के आवासीय परिसर में विस्तृत छापेमारी की। इस छापेमारी में कई स्थानों पर तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान 49 भूखंड, 3 फार्महाउस, 940 ग्राम सोना, विभिन्न मूल्यवान आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए। इसके अलावा बैंक खातों में जमा राशि और अन्य संपत्तियों का भी विस्तृत ब्यौरा निकाला गया।

यह सोना और आभूषण विशेषकर ध्यान आकर्षित करते हैं क्योंकि एक सरकारी इंजीनियर की आय से इतनी बड़ी मात्रा में सोना खरीदना संभव नहीं माना जाता। विजिलेंस विभाग को संदेह है कि यह सोना और अन्य मूल्यवान वस्तुएं भ्रष्टाचार के माध्यम से जमा की गई हैं। सेठी द्वारा विभिन्न ठेकेदारों और व्यवसायियों से रिश्वत लेने का आरोप है।

संपत्ति का विस्तृत विवरण

छापेमारी में बरामद की गई संपत्ति का विवरण अत्यंत व्यापक है। कुल 49 प्लॉट ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित हैं। ये प्लॉट ब्रह्मपुर, भुवनेश्वर, कटक और अन्य प्रमुख शहरों में पाए गए हैं। इन प्लॉटों का कुल मूल्य करोड़ों रुपये में माना जा रहा है।

तीन फार्महाउस भी अत्यधिक मूल्यवान संपत्ति हैं जो शहर के बाहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। ये फार्महाउस अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। 940 ग्राम सोना अकेले ही 40 से 50 लाख रुपये के बराबर है। इसके अलावा हीरे, मोतियाँ और अन्य मूल्यवान रत्न भी बरामद किए गए हैं।

इंजीनियर के बैंक खातों में कई लाख रुपये की राशि पाई गई। विभिन्न बीमा पॉलिसियों और निवेशों में भी सेठी का बड़ा पैसा लगा हुआ है। सम्पूर्ण संपत्ति का अनुमानित मूल्य कई करोड़ रुपये बताया जा रहा है। सरकार द्वारा इस संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

सत्यनारायण सेठी को छापेमारी के तुरंत बाद गिरफ्तार किया गया। उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत विभिन्न धारांुओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। विजिलेंस विभाग की जांच से पता चला है कि सेठी लंबे समय से इस भ्रष्ट काम में लगे थे।

कहा जा रहा है कि सेठी ने सरकारी निविदाओं में हेराफेरी की, ठेकेदारों से अवैध लाभ लिया और निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता किया। उनके द्वारा जारी किए गए अनुमोदन पत्र और गुणवत्ता प्रमाणपत्र संदिग्ध माने जा रहे हैं। विजिलेंस विभाग ने उनके सभी कार्यों की समीक्षा शुरू कर दी है।

इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। विजिलेंस टीम उन ठेकेदारों और अधिकारियों की जांच भी कर रही है जिनका सेठी के साथ लेनदेन था। सूचना के अनुसार, कई निर्माण परियोजनाओं में फर्जीवाड़े की संभावना है। इन परियोजनाओं की भी जांच की जा रही है।

यह मामला ओडिशा में भ्रष्टाचार की एक बड़ी घटना साबित हुई है। इंजीनियर की इतनी बड़ी संपत्ति का जमा होना प्रशासनिक तंत्र में खामियों को दर्शाता है। सरकार को ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और नियमित ऑडिट प्रणाली को और मजबूत करना चाहिए। विजिलेंस विभाग की यह कार्रवाई एक सकारात्मक कदम है जो सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है।