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Sunday, 05 July 2026
समाचार

ऑपरेशन शेरूवाली: लश्कर कमांडरों के खिलाफ सेना की कार्रवाई

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Komal
संवाददाता
📅 26 May 2026, 5:46 AM ⏱ 1 मिनट 👁 334 views
ऑपरेशन शेरूवाली: लश्कर कमांडरों के खिलाफ सेना की कार्रवाई
📷 aarpaarkhabar.com

राजौरी जिले के गंभीर मुगला इलाके में चल रहा ऑपरेशन शेरूवाली अब तीसरे दिन में प्रवेश कर गया है। सोमवार को भी सेना की ओर से जंगल में छिपे आतंकियों को खोज निकालने के लिए तीव्र गति से ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सेना के जवानों ने संदिग्ध ठिकानों पर बड़ी संख्या में गोले दागे हैं। इसके अलावा बीच-बीच में गोलीबारी भी की जा रही है ताकि आतंकी या तो मार गिरें या फिर बाहर आने के लिए मजबूर हो जाएं।

खून के निशान मिलना और महत्वपूर्ण संकेत

ऑपरेशन शेरूवाली के दौरान अब तक सबसे महत्वपूर्ण विकास यह सामने आया है कि गंभीर मुगला क्षेत्र में खून के निशान मिले हैं। इस बात से इशारा मिलता है कि सेना की फायरिंग में कम से कम एक आतंकी को चोट लगी है। सेना के अधिकारियों के अनुसार ये खून के निशान लश्कर-ए-तैयबा के किसी कमांडर के हो सकते हैं। सेना को शक है कि जो दोनों कमांडर इस इलाके में सक्रिय हैं, उनमें से एक को गोली लगी है।

मिली जानकारी के अनुसार गंभीर मुगला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में खोज-खबर के दौरान सेना को खून की बूंदें दिखाई दीं। ये बूंदें पत्थरों पर, घास पर और झाड़ियों पर पाई गईं। इन निशानों को देखते हुए सेना को विश्वास हो गया है कि उसकी फायरिंग सटीक थी और किसी न किसी आतंकी को चोट लगी है। सेना अब और भी तेजी के साथ अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।

लश्कर के दोनों कमांडरों के घिरने की आशंका

सेना के सूत्रों के अनुसार लश्कर-ए-तैयबा के दो वरिष्ठ कमांडर इस समय गंभीर मुगला क्षेत्र में फंसे हुए हैं। इन्हीं दोनों कमांडरों को पकड़ने या ढेर करने के लिए ऑपरेशन शेरूवाली को अंजाम दिया जा रहा है। सेना को विश्वास है कि ये दोनों कमांडर इसी इलाके के घने जंगलों में कहीं छिपे हुए हैं।

इन दोनों कमांडरों की गिरफ्तारी या मार गिराए जाने से भारत की सुरक्षा व्यवस्था को एक बड़ा झटका लग सकता है। ये कमांडर कश्मीर घाटी में पिछले कई महीनों से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। सेना के अनुसार इन्हीं के निर्देशन में कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में बम धमाके, गोलीबारी और अन्य आतंकवादी कार्यवाहियां की गई थीं। इसलिए इन दोनों को पकड़ना सेना की प्राथमिकता बन गया था।

सेना द्वारा तीव्र ऑपरेशन और भारी गोलाबारी

सेना ने गंभीर मुगला क्षेत्र को पूरी तरह से घेर लिया है। इस क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारों पर सेना के जवान तैनात हैं। जंगल में आतंकियों को खोज निकालने के लिए सेना बड़ी संख्या में सैनिकों को भेजी है। ये सैनिक पूरी सावधानी के साथ झाड़ियों, पत्थरों और गुफाओं को देख रहे हैं।

मंगलवार को भी सेना ने कई राउंड गोलीबारी की। संदिग्ध ठिकानों पर आर्टिलरी की गोलें भी दागी गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार पूरे दिन गोलियों और गोलों की आवाजें सुनाई देती रहीं। सेना यह सब इस उद्देश्य से कर रही है ताकि आतंकी या तो सीधे मुठभेड़ में आ जाएं या फिर अपने ठिकानों से बाहर निकलने के लिए बाध्य हो जाएं।

ऑपरेशन शेरूवाली में सेना के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस और पैरामिलिटरी बलों के जवान भी कार्यरत हैं। इन सभी को निर्देश दिया गया है कि किसी भी कीमत पर इन दोनों लश्कर कमांडरों को पकड़ा या मार गिराया जाए। सेना ने ड्रोन और हेलीकॉप्टरों का भी इस्तेमाल किया है ताकि हवाई निगरानी भी रखी जा सके।

लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस ऑपरेशन में अब तक तीन संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया जा चुका है, लेकिन इन दोनों मुख्य कमांडरों को पकड़ना अभी बाकी है। सेना की ओर से कहा जा रहा है कि ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा जब तक दोनों कमांडरों का संतोषजनक जवाब न मिल जाए।

राजौरी जिले के प्रशासन ने भी सेना के साथ पूर्ण सहयोग की बात कही है। जिले के डिप्टी कमिश्नर ने कहा है कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसी बीच स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा के लिए कहा गया है कि वे अपने घरों में रहें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

ऑपरेशन शेरूवाली जम्मू-कश्मीर में सेना की ओर से चलाया गया एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन साबित हो रहा है। इस ऑपरेशन की सफलता से न केवल राजौरी बल्कि पूरे कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में सुधार होगा। सेना ने साफ कर दिया है कि भारत की सुरक्षा के लिए वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है।