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Saturday, 04 July 2026
राजनीति

अफगान सीमा पर पाकिस्तान का बड़ा अभियान, 29 आतंकी मारे गए

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Komal
संवाददाता
📅 29 June 2026, 5:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 740 views
अफगान सीमा पर पाकिस्तान का बड़ा अभियान, 29 आतंकी मारे गए
📷 aarpaarkhabar.com

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ लगी अपनी सीमा पर एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया है। पाकिस्तान की सरकार का दावा है कि इस अभियान में कुल 29 आतंकवादी मारे गए हैं। यह कार्रवाई देश में बढ़ते आतंकी हमलों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने इस अभियान की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी है।

मंत्री तरार के अनुसार, यह अभियान पाकिस्तान में हाल के दिनों में आतंकी संगठनों द्वारा किए गए बढ़ते हमलों के जवाब में शुरू किया गया था। सुरक्षा बलों ने सबसे पहले खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में जमीनी कार्रवाई की थी। इस ऑपरेशन में एक वरिष्ठ आतंकी कमांडर खान फरोश सहित चार आतंकवादी मारे गए थे। खान फरोश एक बहुत ही खतरनाक आतंकी नेता माना जाता था जो कई हमलों में शामिल था।

अभियान का विस्तार और गश्ती कार्रवाई

पाकिस्तान की सुरक्षा सेनाएं केवल बाजौर जिले तक सीमित नहीं रहीं। अभियान को और बड़े क्षेत्र में विस्तार दिया गया। सेनाओं ने अफगान सीमा के विभिन्न इलाकों में गश्त लगाई और आतंकवादियों के ठिकानों पर हमले किए। इन कार्रवाइयों में कुल 29 आतंकवादियों को मार गिराया गया। सूचना मंत्री ने कहा कि यह अभियान सफल रहा है और इससे आतंकवादियों को बड़ा झटका लगा है।

पाकिस्तान ने यह भी बताया कि इस अभियान में कई हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। सुरक्षा बलों के अनुसार, बरामद की गई सामग्री से कई और बड़े हमलों को रोका जा सकता था। यह सामग्री आतंकवादियों द्वारा पाकिस्तान में हमले करने के लिए इस्तेमाल की जानी थी। सेना और रेंजर्स ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

अवैध अफगानियों के खिलाफ नई कार्रवाई

पाकिस्तान सरकार ने केवल आतंकवादियों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि अवैध अफगानी प्रवासियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की है। पाकिस्तान के अधिकारियों के अनुसार, 10 जुलाई 2026 से अवैध अफगानी नागरिकों को देश से निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पाकिस्तान में लगभग 20 लाख अफगानी शरणार्थी और अवैध प्रवासी रहते हैं।

पाकिस्तान सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम बहुत आवश्यक है। सूचना मंत्री ने साफ किया कि अफगानिस्तान से आने वाले अवैध प्रवासियों में कुछ ऐसे लोग भी हो सकते हैं जो आतंकवादियों से संबंधित हो सकते हैं। इसलिए सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया जा रहा है। पाकिस्तान ने पहले भी इस तरह की कार्रवाई की है और हजारों अवैध प्रवासियों को निकाला है।

पाकिस्तान में आतंकवाद की बढ़ती घटनाएं

पाकिस्तान को हाल के महीनों में आतंकवाद की कई गंभीर घटनाओं का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान तालिबान और दूसरे आतंकवादी संगठनों से जुड़े हमलों में कई नागरिक और सुरक्षा कर्मी मारे गए हैं। इन हमलों में बस्तियों, स्कूलों और बाजारों में बम विस्फोट हुए हैं। लाहौर, पेशावर, क्वेटा और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों में भी आतंकी हमले देखे गए हैं।

पिछले कुछ महीनों में आतंकी हमलों में करीब 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इन हमलों का जिम्मेदारी मुख्य रूप से पाकिस्तानी तालिबान (टीटीपी) और उससे जुड़े संगठनों पर है। पाकिस्तान सरकार ने कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है। सुरक्षा बलों को अफगान सीमा पर अधिक सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है। सेना और रेंजर्स को नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत काम करने के लिए कहा गया है।

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से भी संवाद बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों देशों की सरकारें आतंकवाद से लड़ने के लिए समन्वय बढ़ाने पर सहमत हुई हैं। पाकिस्तान का कहना है कि अगर अफगानिस्तान से आने वाले आतंकवादियों को सीमा पर ही रोक दिया जाए तो बहुत कुछ समस्याएं हल हो सकती हैं। पाकिस्तान ने अपनी सीमा पर सीसीटीवी कैमरे और अन्य आधुनिक निगरानी प्रणालियां भी लगवाई हैं। सुरक्षा बलों को उन्नत हथियार और तकनीकें भी दी गई हैं ताकि वे आतंकवादियों का मुकाबला कर सकें।

सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर अमल कर रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह के आतंकवादी संगठन को पाकिस्तान में सहन नहीं किया जाएगा। सुरक्षा बलों को पूरी आजादी दी गई है कि वे आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। अभी तक जो अभियान चलाया गया है वह इसी नीति का हिस्सा है। पाकिस्तान सरकार का मानना है कि ऐसे कठोर कदमों से ही आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जा सकता है।