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Monday, 05 October 2026
विश्व

पाकिस्तान से शहजाद की रंगदारी रैकेट, लॉरेंस गैंग

author
Komal
संवाददाता
📅 22 April 2026, 6:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 656 views
पाकिस्तान से शहजाद की रंगदारी रैकेट, लॉरेंस गैंग
📷 aarpaarkhabar.com

आतंकवादी नेटवर्क ने एक बार फिर अपनी करतूतों को अंजाम देने का नया तरीका खोज निकाला है। पाकिस्तान में बैठा एक खतरनाक आपराधी शहजाद भारत के विभिन्न शहरों में गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों से लॉरेंस के नाम पर रंगदारी वसूल रहा है। यह मामला देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना की खुफिया शाखा आईएसआई ने अपनी रणनीति को बदल दिया है और अब वह भारत के सामान्य नागरिकों को निशाना बना रही है।

यह खुलासा एक बड़ी जांच के दौरान सामने आया है जिसमें पुलिस ने कई कारोबारियों से रंगदारी वसूलने के मामले में जानकारी जुटाई है। शहजाद की गतिविधियां सीमावर्ती क्षेत्रों से शुरू होकर अब देश के आंतरिक इलाकों तक फैल गई हैं। वह सोशल मीडिया, फोन कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके अपने शिकार को धमकाता है और उनसे पैसे मांगता है।

पाकिस्तानी आपराधी की खतरनाक कारस्तानी

शहजाद न केवल एक साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों से जुड़ा हुआ एक खतरनाक व्यक्तित्व है। उसके पास एक सुव्यवस्थित नेटवर्क है जो भारत के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ है। इस गिरोह के सदस्य छोटे दुकानदारों, ड्राइवरों, निर्माण कार्यकर्ताओं और छोटे व्यापारियों को निशाना बनाते हैं। वे लॉरेंस के नाम का इस्तेमाल करके अपने अपराधों को न्यायसंगत ठहराने की कोशिश करते हैं।

इस बात का पता चला है कि शहजाद अपने शिकार को सबसे पहले सोशल मीडिया पर संपर्क करता है। फिर वह उन्हें अपने लॉरेंस गैंग का भय दिखाता है और उनसे कुछ हजार से लेकर लाख तक रुपयों की रंगदारी मांगता है। जब कोई व्यक्ति देर करता है या रंगदारी देने से इनकार करता है, तो वह उसके घर-परिवार को भी धमकाने लगता है। कई मामलों में पीड़ितों को शारीरिक नुकसान का भी सामना करना पड़ा है।

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि शहजाद ने अब तक कम से कम सौ से अधिक व्यक्तियों से रंगदारी वसूल की है। इसमें गरीब परिवार के लोग भी शामिल हैं जिनके पास रंगदारी देने के लिए पैसे नहीं थे। इस बेरहमी ने पीड़ितों को इतना डराया कि वे पुलिस के पास जाने से भी डरते रहे।

आईएसआई की बदली गई रणनीति

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है। पहले वह बड़े आतंकवादी हमलों की योजना बनाती थी, लेकिन अब वह अपने नेटवर्क को बिखेरकर काम करा रही है। छोटे-छोटे अपराधियों को आतंकवादी संगठनों से जोड़कर उन्हें सामान्य लोगों से रंगदारी वसूलने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

यह कौशल अधिक घातक है क्योंकि इससे सुरक्षा बलों को अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। शहजाद जैसे व्यक्ति हजारों किलोमीटर दूर पाकिस्तान में बैठकर भारत में अपना आतंक फैलाते हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है क्योंकि वह अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार सुरक्षित रहता है।

हालांकि, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इस समस्या से निपटने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। साइबर क्राइम विभाग ने शहजाद के डिजिटल ट्रेल को ट्रैक करना शुरू कर दिया है। मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों के साथ समन्वय करके लॉकेशन डेटा निकाला जा रहा है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सूचना साझा की जा रही है।

पीड़ितों को न्याय दिलाने की कवायद

पुलिस की ओर से पीड़ितों को आश्वस्त किया जा रहा है कि वह बिना किसी भय के रिपोर्ट दर्ज करवा सकते हैं। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस स्टेशन में विशेष टीम गठित की गई है जो इस तरह के मामलों पर तेजी से काम करेगी। पीड़ितों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने भी इस नेटवर्क को अपने रडार पर ले लिया है। अंतरराष्ट्रीय सहायता के माध्यम से पाकिस्तान से इन आपराधियों को सौंपने की मांग की जा रही है। भारत के बड़े शहरों में ऐसे आपराधियों के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

शहजाद जैसे अपराधियों की गतिविधियां भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। लेकिन दृढ़ संकल्प, उचित जांच और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से ही इस समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। सामान्य नागरिकों को भी सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना स्थानीय पुलिस को देनी चाहिए।