🔴 ब्रेकिंग
हॉन्टेड 3डी रविवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन|दिल्ली-NCR मौसम अलर्ट: तेज हवाओं का खतरा|राज्यसभा में NDA का दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचना|डिजिटल ठगी: पुराने ठग, नए हथकंडे|अमेरिकी ईसाई संगठन पर ईडी की कार्रवाई|होर्मुज में भारतीय जहाज पर ड्रोन अटैक|सहर बम्बा की मालदीव बीच फोटोज वायरल|सिंह की आय, धनु के खर्चे: 15 जून सूर्य गोचर|नीदरलैंड बनाम जापान: ड्रॉ से चूकी डच टीम|पश्चिम एशिया संकट खत्म: US-ईरान शांति समझौता|हॉन्टेड 3डी रविवार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन|दिल्ली-NCR मौसम अलर्ट: तेज हवाओं का खतरा|राज्यसभा में NDA का दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचना|डिजिटल ठगी: पुराने ठग, नए हथकंडे|अमेरिकी ईसाई संगठन पर ईडी की कार्रवाई|होर्मुज में भारतीय जहाज पर ड्रोन अटैक|सहर बम्बा की मालदीव बीच फोटोज वायरल|सिंह की आय, धनु के खर्चे: 15 जून सूर्य गोचर|नीदरलैंड बनाम जापान: ड्रॉ से चूकी डच टीम|पश्चिम एशिया संकट खत्म: US-ईरान शांति समझौता|
Monday, 15 June 2026
राजनीति

पुतिन-जेलेंस्की ने ट्रंप से की फोन बातचीत

author
Komal
संवाददाता
📅 15 June 2026, 3:15 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.1K views
पुतिन-जेलेंस्की ने ट्रंप से की फोन बातचीत
📷 aarpaarkhabar.com

जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले अंतरराष्ट्रीय राजनीति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से अलग-अलग फोन पर बातचीत की है। ये बातचीत वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है क्योंकि यूक्रेन की जारी लड़ाई दुनियाभर में चिंता का विषय बनी हुई है।

इन फोन कॉलों के दौरान ट्रंप ने दोनों पक्षों से यूक्रेन युद्ध की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पुतिन ने अपने देश का रुख स्पष्ट किया और यूक्रेन से संबंधित अपनी शर्तें दोहराईं। दूसरी ओर, जेलेंस्की ने यूक्रेन के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन के महत्व पर जोर दिया और शांति प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बात की।

रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध एक प्रमुख एजेंडा आइटम होगा। यह शिखर सम्मेलन विश्व के शक्तिशाली देशों के नेताओं को एक मंच पर लाएगा जहां वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यूक्रेन का संकट इस बार की चर्चाओं में केंद्रीय स्थान रखेगा क्योंकि इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।

यूक्रेन युद्ध की वर्तमान स्थिति

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा यह संघर्ष करीब दो वर्षों से अधिक समय तक जारी है। इस दौरान हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं। दोनों देशों के सैनिकों के बीच निरंतर संघर्ष चल रहा है और ड्रोन हमलों की घटनाएं नियमित रूप से होती रहती हैं। यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर हमले किए गए हैं।

यह युद्ध केवल दो देशों के बीच का मामला नहीं रहा है बल्कि इसका असर पूरी विश्व व्यवस्था पर पड़ रहा है। खाद्य सामग्री की कीमतें बढ़ गई हैं, ऊर्जा संकट गहराया है और अंतरराष्ट्रीय संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को सैन्य और आर्थिक सहायता प्रदान की है, जबकि रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

हाल ही में ड्रोन हमलों में रूस के कुछ हिस्सों में नुकसान हुआ है। इसी तरह, यूक्रेन की सीमावर्ती क्षेत्रों में भी रूसी हमले जारी रहे हैं। ये हमले आम नागरिकों को प्रभावित कर रहे हैं और मानवीय संकट को गहराया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।

पुतिन और जेलेंस्की की ट्रंप से बातचीत

पुतिन ने ट्रंप से बातचीत के दौरान रूस की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह यूक्रेन की पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए रखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रूस किसी भी शांति समझौते में तभी सहमत होगा जब वह रूस के हितों की रक्षा करे। पुतिन ने यूक्रेन को नाटो से अलग रखने की शर्त भी दोहराई।

दूसरी ओर, जेलेंस्की ने ट्रंप से अपनी बातचीत में यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी भूमि पर कब्जा नहीं होने देगा और किसी भी शांति समझौते में इसे शर्त के तौर पर रखा जाएगा। जेलेंस्की ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

ट्रंप ने दोनों नेताओं के साथ की गई बातचीत में निष्पक्ष दृष्टिकोण दिखाया और कहा कि अमेरिका यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए काम करने में रुचि रखता है। उन्होंने दोनों पक्षों से शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद करने की अपील की। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि जी-7 शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

जी-7 शिखर सम्मेलन में क्या होगी चर्चा

रूस के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन युद्ध पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस शिखर सम्मेलन में दुनिया के सबसे विकसित देशों के नेता भाग लेंगे, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और जापान शामिल हैं। ये देश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जी-7 के नेताओं के बीच यूक्रेन को समर्थन प्रदान करने पर सहमति है, लेकिन शांति प्रक्रिया के तरीकों पर अलग-अलग विचार हो सकते हैं। कुछ देश यूक्रेन को पूर्ण सैन्य सहायता देने में विश्वास करते हैं, जबकि कुछ शांति वार्ता को प्राथमिकता देते हैं। इस शिखर सम्मेलन में इन सभी पहलुओं पर बातचीत होगी।

रूस के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा है कि वह जी-7 की किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध करेगा। रूस का मानना है कि यूक्रेन का समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है, न कि सैन्य शक्ति के जरिए। हालांकि, पश्चिमी देशों का विचार भिन्न है और वे यूक्रेन को सैन्य सहायता देना जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वर्तमान परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक कठिन स्थिति में है। एक तरफ यूक्रेन की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए समर्थन जरूरी है, तो दूसरी तरफ शांति स्थापना भी आवश्यक है। इसके लिए दोनों पक्षों के बीच संवाद और समझदारी बहुत जरूरी है। आने वाले दिनों में जी-7 शिखर सम्मेलन के जरिए इस दिशा में कोई प्रगति हो सकती है या नहीं, यह देखना अभी बाकी है।