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Tuesday, 21 July 2026
समाचार

रूस का यूक्रेन पर भीषण ड्रोन हमला, दो की मौत

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Komal
संवाददाता
📅 27 April 2026, 6:01 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.0K views
रूस का यूक्रेन पर भीषण ड्रोन हमला, दो की मौत
📷 aarpaarkhabar.com

यूक्रेन के ओडिसा शहर पर रूस द्वारा किए गए भीषण ड्रोन हमले ने पूरे इलाके को त्रस्त कर दिया है। इस हमले में कम से कम दो लोगों की जान चली गई है जबकि एक दर्जन से भी ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। रूस की ओर से किए गए इस हमले में कई रिहायशी इलाकों की इमारतें पूरी तरह से ध्वस्त हो गई हैं। यह हमला यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे संघर्ष का एक और गंभीर उदाहरण है।

यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि रूसी ड्रोन और मिसाइलों का यह हमला सुबह के समय किया गया था। ओडिसा शहर बाल्टिक सागर के किनारे स्थित है और यह यूक्रेन का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है। इस शहर पर यह पहली बार नहीं है कि रूस ने हमला किया है। पिछले कई महीनों में ओडिसा पर कई बार ड्रोन और मिसाइल हमले हुए हैं।

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि इस हमले में कम से कम बारह ड्रोन और कई मिसाइलें इस्तेमाल की गई थीं। इमारतों के अलावा इस हमले में कई आवासीय इलाकों में आग लग गई है। स्थानीय दमकल कर्मियों को इन आगों को बुझाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

ओडिसा शहर पर हमले की गंभीरता

ओडिसा शहर पर किया गया यह ड्रोन हमला एक बार फिर से दिखाता है कि कैसे रूस यूक्रेन के शहरों और कस्बों पर निरंतर हमले जारी रखे हुए है। इस हमले में जो इमारतें तबाह हुई हैं उनमें स्कूल, अस्पताल और आवासीय परिसर शामिल हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले का मकसद आम लोगों को डराना और शहर के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था।

इस हमले के बाद से ओडिसा के लोगों में भय और चिंता का माहौल व्याप्त है। लोग अपने घरों में सुरक्षा के लिए तहखानों और आश्रय स्थलों में जा रहे हैं। शहर के कई इलाकों में बचाव कार्य जारी है और घायलों को अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। यूक्रेन की स्वास्थ्य सेवाएं इस आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सतर्क हो गई हैं।

रूस-यूक्रेन संघर्ष की पृष्ठभूमि

रूस और यूक्रेन के बीच का यह संघर्ष कई वर्षों से जारी है लेकिन पिछले साल फरवरी में इसमें तेजी आई है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। तब से लेकर अब तक हजारों लोगों की जान चली गई है और लाखों लोग शरणार्थी बन गए हैं।

इस संघर्ष में रूस ने अत्याधुनिक ड्रोन और मिसाइलों का व्यापक इस्तेमाल किया है। यूक्रेन के कई शहरों में रूसी हमलों के कारण भारी तबाही हुई है। कीव, खरकीव, मारियूपोल जैसे शहर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। ओडिसा जैसे महत्वपूर्ण शहरों पर भी बार-बार हमले हुए हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि रूस निर्दोष लोगों को निशाना बना रहा है और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है। यूक्रेन सरकार लगातार पश्चिमी देशों से अधिक सैन्य सहायता और हथियार प्राप्त करने का आग्रह कर रही है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और समर्थन

इस हमले के बाद से अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य पश्चिमी देशों ने यूक्रेन के साथ एकजुटता दिखाई है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन को अधिक सैन्य सहायता देने का वचन दिया है। नाटो के सदस्य देश भी यूक्रेन को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

यूक्रेन को अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस और अन्य देशों से हथियार और सैन्य समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भी रूस की कार्रवाइयों की तीव्र निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इस हमले को एक गंभीर मानवीय त्रासदी बताया है।

इस समय ओडिसा शहर में त्रस्त माहौल है। लोग अपने प्रियजनों की खोज कर रहे हैं और घायलों को अस्पतालों में देखभाल दी जा रही है। यूक्रेन की सरकार और आम लोग इस संघर्ष को जारी रखने के लिए दृढ़ संकल्प हैं। लेकिन ऐसे हमलों से आम जनता को अत्यधिक कष्ट और नुकसान हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदार को इस त्रासदी को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए ताकि आगे और मानवीय नुकसान से बचा जा सके।