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Thursday, 21 May 2026
विश्व

शशि थरूर का पाकिस्तान पर तंज, US-ईरान वार्ता पर उठाए सवाल

author
Komal
संवाददाता
📅 12 April 2026, 7:17 AM ⏱ 1 मिनट 👁 410 views
शशि थरूर का पाकिस्तान पर तंज, US-ईरान वार्ता पर उठाए सवाल
📷 aarpaarkhabar.com

कांग्रेस सांसद और जानेमाने राजनेता शशि थरूर ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता को लेकर पाकिस्तान की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। थरूर ने इस्लामाबाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पोस्ट को लेकर वॉशिंगटन की भूमिका की ओर इशारा किया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान ही ऐसा कर सकता है जो यह विदेश नीति के मामले में कर रहा है।

थरूर के इस बयान के पीछे कई महत्वपूर्ण बातें हैं जो क्षेत्रीय राजनीति को समझने के लिए अहम हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद ने अपने बयान में पाकिस्तान की विदेश नीति की खामियों को सामने लाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं से जूझते हुए अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका को गलत तरीके से निभा रहा है।

अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका

थरूर के अनुसार, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता है तो पाकिस्तान को इससे सबसे ज्यादा नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि संघर्ष बढ़ने पर पाकिस्तान पर शरणार्थियों का दबाव बढ़ सकता है और वहां की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो सकती है। थरूर का मानना है कि पाकिस्तान को अपनी भूमिका को समझदारी से निभाना चाहिए और क्षेत्र में शांति के लिए काम करना चाहिए।

शहबाज शरीफ के पोस्ट को लेकर जो विवाद सामने आया है, उसमें थरूर ने व्हाइट हाउस की संलिप्तता का संकेत दिया है। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि वॉशिंगटन ने इस पोस्ट को मंजूरी दी थी। थरूर ने इस बात पर जोर दिया है कि पाकिस्तान की राजनीति में बाहरी ताकतों का हस्तक्षेप चिंताजनक है और यह क्षेत्र की स्थिरता के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

थरूर के बयान से स्पष्ट है कि वह पाकिस्तान की विदेश नीति में अंतरराष्ट्रीय दबाव की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के नेतृत्व को अपनी राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, न कि किसी बाहरी ताकत के दबाव में फैसले लेने चाहिए।

शरणार्थी संकट और आर्थिक असर

थरूर ने अपने बयान में एक और महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ता है तो इसका सबसे बड़ा असर पाकिस्तान पर पड़ेगा। पाकिस्तान पहले से ही भारी संख्या में अफगान शरणार्थियों की समस्या से जूझ रहा है। ईरान के साथ संघर्ष बढ़ने पर पाकिस्तान को ईरानी शरणार्थियों का भी सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा, पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर है। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से पाकिस्तान का व्यापार प्रभावित होगा और विदेशी निवेश में कमी आएगी। थरूर का मानना है कि पाकिस्तान के नेतृत्व को इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अपनी विदेश नीति तैयार करनी चाहिए।

पाकिस्तान की आर्थिक परिस्थितियां पहले से ही नाजुक हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ उसके रिश्ते भी तनावपूर्ण हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता से पाकिस्तान को और भी नुकसान होगा। थरूर ने इसी बात को अपने बयान में रेखांकित किया है।

भारत की राजनीतिक प्रतिक्रिया

भारत के तरफ से यह प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत भी इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है। भारत की विदेश नीति हमेशा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर केंद्रित रही है। थरूर के बयान से लगता है कि भारत पाकिस्तान के किए जा रहे कदमों को समझ रहा है और उस पर नजर रख रहा है।

शहबाज शरीफ की सरकार के सामने कई चुनौतियां हैं। आतंकवाद, भारत के साथ तनाव, अर्थव्यवस्था की समस्याएं और राजनीतिक अस्थिरता पाकिस्तान को कई मुश्किलों का सामना करने के लिए मजबूर कर रही हैं। ऐसे में अमेरिका और ईरान के विवाद में शामिल होना पाकिस्तान के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।

थरूर का यह बयान पाकिस्तान की विदेश नीति की विसंगतियों को उजागर करता है। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि पाकिस्तान को अपनी क्षमता से परे के कदम नहीं उठाने चाहिए। पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए न कि बाहरी ताकतों के दबाव में फैसले लेने चाहिए।

कांग्रेस के इस वरिष्ठ सांसद का बयान भारतीय विदेश नीति के लिए भी एक सशक्त संदेश है। भारत पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को देखते हुए क्षेत्रीय राजनीति में अपनी भूमिका निभा रहा है। थरूर के बयान से पता चलता है कि भारत पाकिस्तान की गलत नीतियों के परिणामों को समझता है।

अंत में, शशि थरूर का यह बयान क्षेत्रीय राजनीति की वास्तविकताओं को रेखांकित करता है। पाकिस्तान को अपनी भूमिका समझते हुए विवेकपूर्ण निर्णय लेने होंगे। अगर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय दबाव में सही फैसले नहीं लेगा तो उसे और भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। थरूर ने इसी संदेश को अपने बयान के माध्यम से दिया है।