🔴 ब्रेकिंग
पति ने पत्नी की हत्या कर ट्रेन के आगे कूदा|81 पैसे के शेयर में 1200% रिटर्न, जानें कहानी|एयर होस्टेस फ्लाइट में खाना कैसे खाती हैं वायरल वीडियो|गैस चूल्हा साफ करने के आसान घरेलू तरीके|ईरान को मदद दी तो भुगतना होगा ट्रंप की चेतावनी|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: धन और भाग्य का फैसला|सिक्योरिटी गार्ड को 3 करोड़ का GST नोटिस|बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव आज, नतीजे तय|महोबा में स्कूली बच्चों का प्रदर्शन, पुलिस की बदसलूकी|फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन सस्ते नहीं होंगे|पति ने पत्नी की हत्या कर ट्रेन के आगे कूदा|81 पैसे के शेयर में 1200% रिटर्न, जानें कहानी|एयर होस्टेस फ्लाइट में खाना कैसे खाती हैं वायरल वीडियो|गैस चूल्हा साफ करने के आसान घरेलू तरीके|ईरान को मदद दी तो भुगतना होगा ट्रंप की चेतावनी|शनि नक्षत्र परिवर्तन 2026: धन और भाग्य का फैसला|सिक्योरिटी गार्ड को 3 करोड़ का GST नोटिस|बांग्लादेश राष्ट्रपति चुनाव आज, नतीजे तय|महोबा में स्कूली बच्चों का प्रदर्शन, पुलिस की बदसलूकी|फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन सस्ते नहीं होंगे|
Thursday, 20 August 2026
मनोरंजन

सुभाष घई ने याद की मोदी से 17 साल पुरानी मुलाकात

बॉलीवुड निर्देशक सुभाष घई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 17 साल पुरानी मुलाकात का किस्सा साझा किया। जानिए क्या हुआ था उस दिन।

author
Komal
संवाददाता
📅 20 August 2026, 5:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.0K views
सुभाष घई ने याद की मोदी से 17 साल पुरानी मुलाकात
📷 aarpaarkhabar.com

बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक सुभाष घई ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी एक पुरानी और यादगार मुलाकात का किस्सा साझा किया है। यह मुलाकात करीब सत्रह साल पहले हुई थी, जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की थी, जो आज भी उनके लिए प्रेरणादायक है।

सुभाष घई एक ऐसे फिल्ममेकर हैं, जिन्होंने हमेशा बड़े सपनों को लेकर काम किया है। उनके निर्देशन में बनी फिल्मों में विराट स्वप्न, राष्ट्रीय गौरव और जनता की भावनाओं को प्रतिबिंबित करने की क्षमता रही है। उन्होंने अपने बहुआयामी फिल्ममेकिंग कैरियर में न केवल हजारों दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि समाज को भी संदेश दिए हैं।

पुरानी मुलाकात और भूमि की मांग

सुभाष घई ने उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, जब उन्हें अहमदाबाद में एयरपोर्ट के पास जमीन की आवश्यकता थी। फिल्म निर्माण के अपने सपनों को पूरा करने के लिए, उन्हें एक विशाल जमीन का टुकड़ा चाहिए था, जहां वह अपनी फिल्ममेकिंग इकाई स्थापित कर सकें। यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था, क्योंकि उनके सपनों की बड़ी परियोजना इसी पर निर्भर थी।

उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी से इस संबंध में सीधे आवेदन किया था। यह एक साहसिक कदम था, क्योंकि किसी भी बड़े प्रशासनिक प्राधिकार से सीधे मांगना हमेशा आसान नहीं होता। लेकिन सुभाष घई का आत्मविश्वास और उनका दृढ़ संकल्प ही उन्हें इस मुलाकात तक पहुंचाया था।

मोदी का उत्साहवर्धक उत्तर

जब सुभाष घई ने अहमदाबाद के एयरपोर्ट के पास जमीन की मांग की, तो गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का जवाब उनके लिए बेहद प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक रहा। मोदी ने न केवल उनकी मांग को सुना, बल्कि उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी। उन्होंने सुभाष घई के सपनों का समर्थन किया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

यह मुलाकात सुभाष घई के लिए केवल एक सरकारी अनुमति पाने का मामला नहीं था, बल्कि यह उनके सपनों की मान्यता और उसे साकार करने का एक महत्वपूर्ण क्षण था। मोदी के शब्दों में उन्हें शक्ति और साहस मिला, जो उन्हें आगे की दिशा में प्रेरित करता रहा।

सुभाष घई ने हाल ही में एक साक्षात्कार में इस पुरानी मुलाकात को याद करते हुए कहा कि कैसे एक राजनीतिक नेता के सकारात्मक रवैये और समर्थन से किसी के सपनों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब कोई व्यक्ति अपने सपनों के पीछे भागता है, तो समाज और प्रशासन का सहयोग उसे सफलता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सुभाष घई का योगदान और विरासत

सुभाष घई बॉलीवुड के एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली व्यक्तित्व हैं। उन्होंने अपने करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी फिल्मों में महाभारत और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं, जिन्होंने सिनेमा जगत में अलग पहचान बनाई है।

उनका दृष्टिकोण हमेशा बड़े सपनों को लेकर चलता है। वह न केवल एक निर्देशक हैं, बल्कि एक निर्माता, प्रोड्यूसर और एक दूरदर्शी हैं। उन्होंने अपने जीवनकाल में ऐसी कई परियोजनाओं पर काम किया है, जिन्होंने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दी है।

सुभाष घई की यह स्मृति केवल एक व्यक्तिगत किस्सा नहीं है, बल्कि यह एक संदेश भी देती है कि आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और सही समय पर सही लोगों का समर्थन पाना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी सफलता का सफर अपने सपनों को पंख देकर शुरू किया था, और आज वह भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक सम्मानित व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं।

इस पूरी घटना से यह भी पता चलता है कि नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात के मुख्यमंत्री के समय में कला, संस्कृति और मनोरंजन क्षेत्र को कितनी गंभीरता से लिया। उन्होंने ऐसे व्यक्तियों को प्रोत्साहित किया, जिनके पास बड़े सपने थे और जो अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार थे।

अंत में, यह कहना बिल्कुल सही है कि सुभाष घई की यह स्मृति केवल एक पुरानी मुलाकात नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी घटना है, जिसने उन्हें अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रेरित किया और आखिरकार उन्हें सफलता दिलवाई। आज जब वह बॉलीवुड के शिखर पर हैं, तो इस मुलाकात की यादें उन्हें हमेशा उस समय को याद दिलाती हैं, जब किसी ने उनके सपनों में विश्वास दिखाया था।