सुनील लहरी ने रणबीर कपूर के रामायण लुक पर उठाए सवाल
आइकॉनिक टीवी सीरीज़ 'रामायण' में भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले एक्टर सुनील लहरी आज भी भारतीय दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान रखते हैं। उनकी रामायण की भूमिका इतनी प्रभावशाली रही कि लोग उन्हें आज भी उसी चरित्र के साथ याद करते हैं। अब सुनील लहरी ने रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म 'रामायण' के बारे में अपनी राय दी है और इसमें उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं।
सुनील लहरी ने कहा है कि 'रामायण' एक लैंडमार्क फिल्म साबित हो सकती है, लेकिन इसके लिए फिल्म के पर्दे पर आने वाले सभी किरदारों को सही तरीके से चित्रित करना बहुत जरूरी है। उन्होंने रणबीर कपूर के लुक को लेकर कुछ चिंताएं व्यक्त की हैं। सुनील लहरी का मानना है कि राम जैसे पवित्र चरित्र को दिखाने के लिए बहुत ध्यान देना होगा क्योंकि भारतीय समाज में रामायण की गहरी जड़ें हैं।
टीवी सीरीज़ रामायण का असर आज भी बरकरार है
जब 1987 में रामानंद सागर द्वारा निर्मित टीवी सीरीज़ 'रामायण' प्रसारित हुई थी, तो यह पूरे भारत में एक सांस्कृतिक आंदोलन बन गई थी। इस सीरीज़ में अरुण गोविल ने राम का किरदार निभाया था और सुनील लहरी ने लक्ष्मण की भूमिका में शानदार अभिनय किया था। हर रविवार को लाखों लोग इस सीरीज़ को देखने के लिए अपने टेलीविजन के सामने बैठते थे। यह सीरीज़ न केवल एक सांस्कृतिक घटना थी, बल्कि भारतीय टेलीविजन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई।
सुनील लहरी उस समय के दौरान इतने लोकप्रिय हो गए कि आज भी जब लोग उन्हें सड़क पर देखते हैं, तो वे उन्हें 'लक्ष्मण जी' कहकर संबोधित करते हैं। उनके किरदार की छवि इतनी मजबूत थी कि दशकों बाद भी यह लोगों के मन में सुरक्षित है। यह दर्शाता है कि सुनील लहरी ने अपनी भूमिका को कितनी गहराई से निभाया था।
रणबीर कपूर के लुक को लेकर सुनील लहरी की चिंताएं
सुनील लहरी ने हाल ही में मीडिया के सामने अपनी बातें रखी हैं जिसमें उन्होंने रणबीर कपूर के राम के किरदार के लिए तैयारी को लेकर कुछ सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि राम जैसे चरित्र को दिखाने के लिए सिर्फ बाहरी लुक ही काफी नहीं है। भीतरी आध्यात्मिकता और चरित्र की गहराई को भी प्रदर्शित करना आवश्यक है।
सुनील लहरी का यह विचार काफी हद तक सार्थक है। राम एक ऐसा चरित्र है जो सिर्फ एक राजा नहीं, बल्कि एक आदर्श व्यक्ति के रूप में भारतीय समाज में पूजनीय हैं। उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि वे सभी मर्यादाओं के पालक हैं। ऐसे में किसी भी एक्टर को इस भूमिका को निभाने के लिए न केवल शारीरिक रूप से तैयार रहना चाहिए, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक रूप से भी।
बॉलीवुड फिल्मों में रामायण का विषय
भारतीय सिनेमा में रामायण को लेकर बनी फिल्मों का एक लंबा इतिहास है। 1978 में राजीव खन्ना द्वारा निर्देशित 'रामायण: द लीजेंड ऑफ राम' एक महत्वपूर्ण फिल्म रही थी। इसके अलावा भी कई फिल्मनिर्माता रामायण को सिनेमाई माध्यम में लाने का प्रयास कर चुके हैं। अब बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक के साथ रणबीर कपूर की एक नई रामायण फिल्म आने वाली है।
सुनील लहरी का मानना है कि इस फिल्म को बनाते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि दर्शक क्या चाहते हैं। भारतीय दर्शकों को राम के किरदार में एक निश्चित पवित्रता और गरिमा दिखना चाहिए। फिल्म का लुक, मेकअप, कॉस्ट्यूम सब कुछ इस बात को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाना चाहिए।
सुनील लहरी की ये बातें आज के समय में काफी प्रासंगिक हैं। वे एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने रामायण के सबसे महत्वपूर्ण सेकेंडरी किरदारों में से एक को जीवंत किया है। इसलिए उनकी राय सुनने लायक है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाली 'रामायण' फिल्म एक शानदार फिल्म साबित होगी और भारतीय सिनेमा में एक मील का पत्थर बनेगी।
सुनील लहरी ने अपने कथन के माध्यम से यह भी संदेश दिया है कि रामायण जैसे ग्रंथ को सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत करते समय हमें बहुत जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए। यह केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक दस्तावेज़ है जो पीढ़ियों को प्रभावित करेगी। इसलिए हर विस्तार पर ध्यान देना आवश्यक है। सुनील लहरी की ये चिंताएं पूरी तरह से जायज़ हैं और फिल्मनिर्माताओं को इन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।




