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Wednesday, 20 May 2026
राजनीति

थलापति विजय DMK के गढ़ में चुनाव परिणाम लाइव

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Komal
संवाददाता
📅 04 May 2026, 7:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 331 views
थलापति विजय DMK के गढ़ में चुनाव परिणाम लाइव
📷 aarpaarkhabar.com

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के परिणाम आने का समय है और सभी की नजरें तारकीय अभिनेता थलापति विजय पर टिकी हुई हैं। इस बार तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है जब विजय ने अपनी पार्टी तमिल महा कंगड़ेस के साथ राजनीति में प्रवेश किया। लेकिन सवाल यह है कि क्या एक सुपरस्टार की लोकप्रियता सियासत में भी वैसी ही असरदार साबित होगी?

इस बार की लड़ाई विशेष रूप से दो सीटों पर केंद्रित है - पेरम्बूर और त्रिची पूर्व। ये दोनों सीटें डीएमके के पारंपरिक मजबूत गढ़ माने जाती हैं, जहां पार्टी के गहरी जड़ें हैं। स्थानीय राजनीति में डीएमके का दशकों का अनुभव और मजबूत संगठन इन क्षेत्रों में हमेशा फायदेमंद साबित हुआ है।

लेकिन इस बार की परिस्थिति कुछ अलग ही दिख रही है। थलापति विजय की फिल्मी लोकप्रियता और युवा वर्ग में उनकी भारी पकड़ राजनीति में एक नई ऊर्जा का संचार कर रही है। उनके समर्थकों का तर्क है कि विजय की अपील सभी आयु समूहों और जातियों के लोगों तक पहुंचती है, जो परंपरागत राजनीति में अपेक्षाकृत कम देखा जाता है।

थलापति विजय की राजनीतिक यात्रा और चुनावी मैदान

थलापति विजय के राजनीतिक प्रवेश को लेकर तमिलनाडु में भारी बहस और चर्चा चल रही है। फिल्म इंडस्ट्री से सीधे राजनीति में आना कोई आसान बात नहीं है। हालांकि, विजय के पिता और पारिवारिक पृष्ठभूमि राजनीति से जुड़ी है, जिससे उन्हें इस क्षेत्र में कुछ बुनियादी समझ पहले से ही थी।

पेरम्बूर सीट एक शहरी क्षेत्र है जहां मध्यम वर्गीय और व्यवसायी वर्ग की बड़ी आबादी निवास करती है। इस क्षेत्र में शिक्षित मतदाता भी काफी संख्या में हैं जो विभिन्न मुद्दों पर आधार पर अपने वोट देते हैं। विजय की पार्टी यहां पर्यावरण, आर्थिक सुधार और युवा रोजगार जैसे मुद्दों को लेकर प्रचार कर रही है।

दूसरी ओर, त्रिची पूर्व सीट ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र का मिश्रण है। यहां की जनता परंपरागत राजनीति के साथ काफी जुड़ी हुई है और डीएमके के पास यहां दशकों का राजनीतिक विरासत है। कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास यहां के मुख्य मुद्दे हैं।

वोट गिनती जारी है: पल-पल के नतीजे

इस समय जब वोटों की गिनती चल रही है, तो समूचा तमिलनाडु सांस रोके हुए बैठा है। प्रत्येक घंटे आने वाले आंकड़े और ट्रेंड्स चुनावी परिणामों की दिशा तय कर रहे हैं। विभिन्न न्यूज चैनलों और सर्वेक्षणों के अनुसार, पेरम्बूर सीट पर काफी घनिष्ठ मुकाबला दिखाई दे रहा है।

वोट गिनती के आंकड़ों को देखने से लगता है कि थलापति विजय की अपील की प्रभावशीलता परीक्षा पर है। उनके समर्थकों की भीड़ देश भर में बड़ी है, लेकिन चुनाव में मतदान और वास्तविक जीत दोनों अलग-अलग बातें हैं। विश्लेषकों का मानना है कि युवा वर्ग के उच्च मतदान से विजय को फायदा मिल सकता है।

डीएमके के पास अनुभवी नेता और संगठन की मजबूत नींव है। पार्टी के पास स्थानीय जमीनी काम का दशकों का रिकॉर्ड है। हालांकि, इस बार की परिस्थिति में पार्टी को नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

DMK का मजबूत गढ़: परंपरा बनाम नई ताकत

डीएमके तमिलनाडु की सबसे पुरानी और संगठित राजनीतिक पार्टियों में से एक है। पार्टी के संस्थापक पेरियार से लेकर आज तक, डीएमके तमिल राजनीति में एक प्रभावशाली ताकत बनी हुई है। पेरम्बूर और त्रिची पूर्व सीटें पार्टी के पारंपरिक मजबूत गढ़ हैं जहां पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थकों का गहरा नेटवर्क है।

डीएमके के पास सामाजिक न्याय और द्रविड़ आंदोलन की विरासत का भी लाभ है। पार्टी के पास दलित, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों में गहरी पकड़ है। ये सब कारक इन सीटों पर पार्टी को एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

हालांकि, थलापति विजय की पार्टी तमिल महा कंगड़ेस इन सीटों पर विकल्प के रूप में उभर रही है। विजय की व्यक्तिगत अपील और युवाओं के बीच लोकप्रियता नई राजनीति की संभावना दिखा रही है। इस चुनाव में परंपरागत राजनीति और नई ताकत के बीच एक सीधा संघर्ष दिख रहा है।

चुनाव परिणाम न केवल थलापति विजय के राजनीतिक भविष्य को तय करेंगे, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति की भविष्य की दिशा को भी प्रभावित करेंगे। इन क्षणों में जब वोट गिनती चल रही है, पूरी दुनिया देख रही है कि क्या एक फिल्मी सुपरस्टार की लोकप्रियता सच में राजनीतिक जीत का आधार बन सकती है। आने वाले घंटों में आने वाले परिणाम तमिलनाडु की राजनीति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखने वाले हैं।