🔴 ब्रेकिंग
रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|रांची छात्रों का हाई कोर्ट में विरोध, सीएम का पुतला फूंकेंगे|बक्करवाला एनकाउंटर: भाऊ गैंग के दो शूटर गिरफ्तार|आज की टॉप न्यूज: सीमा सुरक्षा और खाप समाचार|गोविंदा दूसरी शादी करने वाले थे: सुनीता आहूजा का खुलासा|पाकिस्तान से खतरा, चीन से असली टक्कर: नरवणे|यूपी शहीद परिवार छात्राओं को स्कूटी योजना|हरियाणा खाप लिव-इन रिलेशन के खिलाफ लव मैरिज समर्थक|ईरान पर अमेरिका के कड़े प्रतिबंध और चीन की भूमिका|प्याज का रस से बालों का झड़ना रोकें – जावेद हबीब का नुस्खा|UP में 9 IPS अफसरों का बड़ा तबादला, 7 जिलों के SP-SSP बदले|
Monday, 28 September 2026
राजनीति

TMC के 440 करोड़ बैंक खाते फ्रीज, विधायकों की शिकायत

author
Komal
संवाददाता
📅 21 June 2026, 7:45 AM ⏱ 1 मिनट 👁 735 views
TMC के 440 करोड़ बैंक खाते फ्रीज, विधायकों की शिकायत
📷 aarpaarkhabar.com

तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों पर फ्रीज लगा

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस पार्टी के 440 करोड़ रुपये वाले तीन बैंक खातों पर डेबिट फ्रीज लग गया है। यह फ्रीज बागी विधायकों की तरफ से की गई शिकायत के बाद लागू किया गया है। इस पूरे मामले में यह सवाल उठ रहा है कि इन बैंक खातों में जमा रकम का स्रोत क्या है और यह पैसा कहां से आया है।

तृणमूल कांग्रेस के विरोधी विधायकों का आरोप है कि इन खातों में अवैध वसूली, कटमनी और कथित घोटालों का पैसा जमा हो सकता है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह विधायक कहते हैं कि पार्टी के नेतृत्व को इन खातों के बारे में पारदर्शी होना चाहिए और यह बताना चाहिए कि यह पैसा कहां से आया है।

इस घटना से पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारी उथल-पुथल मच गई है। तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक विभाजन का यह एक और प्रमाण है। पार्टी के अंदर से ही आवाजें उठने लगी हैं जो पार्टी के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही हैं।

बागी विधायकों की गंभीर शिकायत

तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों ने जो शिकायत दर्ज की है वह काफी गंभीर है। उन्होंने साफ कहा है कि पार्टी के नेतृत्व द्वारा अवैध तरीकों से धन जमा किया जा रहा है। उनके अनुसार, पार्टी के कार्यकर्ताओं से जबरदस्ती पैसे की वसूली की जा रही है, जिसे कटमनी कहा जाता है।

विधायकों का यह भी आरोप है कि पार्टी के उच्च स्तरीय नेताओं द्वारा विभिन्न घोटालों के माध्यम से धन एकत्र किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस को विस्तृत जानकारी दी है जिसके आधार पर पुलिस ने बैंक खातों पर कार्रवाई की है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह पैसा सरकारी परियोजनाओं से दलाली के माध्यम से भी आ रहा है।

बागी विधायकों का कहना है कि साधारण कार्यकर्ताओं को यह नहीं पता है कि उनका पैसा कहां खर्च हो रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता इन खातों के संचालन में पारदर्शिता नहीं बरत रहे हैं। उनकी यह शिकायत सीधे पुलिस प्रशासन तक पहुंची है, जिसके कारण बैंकों ने ये कदम उठाए हैं।

कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई

बैंकों द्वारा डेबिट फ्रीज लगने के बाद तृणमूल कांग्रेस के 440 करोड़ रुपये तक की रकम तक पहुंच असंभव हो गई है। इसका मतलब यह है कि पार्टी अब इन खातों से कोई भी निकासी या लेनदेन नहीं कर सकती है। यह फ्रीज तब तक रहेगा जब तक पुलिस की जांच पूरी नहीं हो जाती।

पुलिस प्रशासन ने इस मामले में एक गंभीर दृष्टिकोण अपनाया है। जांच अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पार्टी के सभी वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच करें। उन्हें यह पता लगाना है कि पिछले कुछ वर्षों में इन खातों में कितना पैसा आया है और वह कहां से आया है।

इस जांच में बैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। बैंकों से कहा गया है कि वे सभी लेनदेन के रिकॉर्ड उपलब्ध कराएं। इसके अलावा, पार्टी के वित्त प्रभारी अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने ये पैसे कहां से जमा किए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला तृणमूल कांग्रेस के लिए काफी संकटपूर्ण हो सकता है। अगर जांच में कोई अवैध गतिविधि साबित होती है तो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। इससे न केवल पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचेगा बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव की संभावना भी बन सकती है।

यह घटना दिखाती है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी के आंतरिक संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी महत्वपूर्ण है। जब पार्टी के भीतर से ही आवाजें उठने लगती हैं तो यह संकेत देता है कि कहीं कुछ गलत चल रहा है। तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व को अब इन सवालों का सीधा जवाब देना होगा।

आने वाले समय में इस जांच के परिणाम काफी महत्वपूर्ण होंगे। पूरा देश देख रहा है कि कानून व्यवस्था किस प्रकार काम कर रही है और राजनीतिक दलों के विरुद्ध कार्रवाई कितनी निष्पक्ष है। तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों पर यह फ्रीज लगना पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।