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Monday, 15 June 2026
राजनीति

TMC में फूट: अग्निमित्रा पॉल का ममता पर हमला

author
Komal
संवाददाता
📅 15 June 2026, 3:31 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.2K views
TMC में फूट: अग्निमित्रा पॉल का ममता पर हमला
📷 aarpaarkhabar.com

भाजपा की प्रमुख नेता अग्निमित्रा पॉल ने तृणमूल कांग्रेस पर तीव्र आलोचना करते हुए कहा है कि पार्टी के अंदर गहरी खाई बन गई है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के पक्षपातपूर्ण नेतृत्व और अपने परिवार के सदस्यों के प्रति अभिषेक प्रेम के कारण टीएमसी टुकड़ों में बंट गई है।

अग्निमित्रा पॉल का यह बयान तृणमूल कांग्रेस में चल रहे आंतरिक संघर्ष को लेकर आया है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में विभिन्न गुटों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। भाजपा की इस नेता ने साफ कहा कि टीएमसी अब एक संगठित पार्टी नहीं रही। विभिन्न स्तरों पर पार्टी के कार्यकर्ता एक दूसरे के खिलाफ हो गए हैं।

ममता के भतीजे अभिषेक पर हमला

अग्निमित्रा पॉल ने विशेष रूप से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की ओर इशारा किया है। उन्होंने कहा कि ममता का अभिषेक के प्रति अत्यधिक स्नेह और पक्षपात ही पार्टी में कलह का मूल कारण है। अभिषेक बनर्जी को ममता ने पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिए हैं, जिससे अन्य वरिष्ठ नेताओं में असंतोष है।

टीएमसी के अंदर अभिषेक को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। कई वरिष्ठ नेताओं को लगता है कि ममता अपने परिवार के सदस्यों को अनुचित तरीके से तरजीह दे रही हैं। इससे पार्टी में विभाजन की स्थिति बन गई है। कुछ विधायक और सांसद विभिन्न खेमों में बंट गए हैं।

अग्निमित्रा पॉल के आरोपों को सुनकर पार्टी के कई समर्थक असहमत दिख रहे हैं। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी में वास्तव में आंतरिक खींचतानी की स्थिति है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।

संगठनात्मक विघटन की समस्या

अग्निमित्रा पॉल ने तीव्र भाषा में कहा कि टीएमसी संगठनात्मक रूप से पूरी तरह बिखर चुकी है। पार्टी के विभिन्न स्तरों पर नेतृत्व असंगत दिख रहा है। राज्य स्तर पर तो समस्या और गंभीर है। ब्लॉक और जिला स्तर पर पार्टी के कार्यकर्ता आपस में संघर्ष कर रहे हैं।

इस विघटन का असर सीधे पार्टी की ताकत पर पड़ रहा है। जहां भाजपा को मजबूत संगठन मिल रहा है, वहां टीएमसी अपने ही कार्यकर्ताओं से जूझ रही है। कई विधायकों ने अपनी असंतुष्टि जाहिर की है। समाचार माध्यमों को देने वाली रिपोर्ट्स से पता चलता है कि कई सांसद भी ममता के नेतृत्व से खुश नहीं हैं।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर इसका गहरा असर दिख रहा है। स्थानीय चुनावों में टीएमसी की कमजोर प्रदर्शन इसी आंतरिक कलह का परिणाम है। लोकसभा चुनावों में भी पार्टी को कई सीटों में मुश्किलें आई हैं।

विचारधारा की खोई पहचान

अग्निमित्रा पॉल का एक प्रमुख आरोप यह भी है कि तृणमूल कांग्रेस अपनी मौलिक विचारधारा से भटक गई है। जब पार्टी का गठन हुआ था, तो इसका एक स्पष्ट राजनीतिक एजेंडा था। लेकिन समय के साथ पार्टी का यह एजेंडा धुंधला हो गया है।

वर्तमान समय में टीएमसी सत्ता और सुविधा के लिए लड़ने वाली पार्टी के रूप में जानी जाती है। पार्टी की विचारधारात्मक स्पष्टता खो गई है। यह भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है। कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भ्रष्टाचार की घटनाओं में फंसे हैं।

पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में टीएमसी के नेताओं पर लूटपाट, दहेज प्रथा, और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगे हैं। इससे पार्टी की जनता में छवि खराब हुई है। युवा कार्यकर्ता पार्टी से अलग हो रहे हैं।

अग्निमित्रा पॉल का यह बयान राजनीतिक विश्लेषण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। टीएमसी के भीतर होने वाली कलह पश्चिम बंगाल की राजनीति को नई दिशा दे सकती है। अगले चुनावों में इसका असर जरूर दिखेगा।

कुल मिलाकर, अग्निमित्रा पॉल के आरोप टीएमसी की आंतरिक समस्याओं को उजागर करते हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी जिस तरह से टूट रही है, वह चिंताजनक है। आने वाले दिनों में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। पार्टी के सीनियर नेताओं को इस समस्या से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। अन्यथा, टीएमसी की राजनीतिक ताकत में और गिरावट आ सकती है।