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Saturday, 04 July 2026
राजनीति

वाराणसी: गंगा नदी पर शराब पार्टी का विवादास्पद वीडियो

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Komal
संवाददाता
📅 23 June 2026, 7:30 AM ⏱ 1 मिनट 👁 1.0K views
वाराणसी: गंगा नदी पर शराब पार्टी का विवादास्पद वीडियो
📷 aarpaarkhabar.com

वाराणसी शहर में एक विवादास्पद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में गंगा नदी के बीचों-बीच एक नाव पर चिकन पकाया जा रहा है और शराब पार्टी का आयोजन किया जा रहा है। यह घटना पवित्र गंगा नदी के दशाश्वमेध घाट के पास घटित हुई। इस मामले में वायरल वीडियो के संदेश में नाव को भारतीय जनता पार्टी के एक पार्षद से जुड़ा बताया गया है, जिससे पूरा मामला और भी विवादास्पद बन गया है।

यह घटना धार्मिक दृष्टिकोण से भी काफी संवेदनशील है क्योंकि गंगा नदी को हिंदू धर्म में सबसे पवित्र नदी माना जाता है। वाराणसी में गंगा नदी की पूजा और सम्मान का विशेष महत्व है। ऐसी परिस्थितियों में इस तरह की घटना को धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।

पुलिस की तुरंत कार्रवाई

यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वाराणसी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस मामले में जल्दबाजी का परिचय दिया और अपने कर्तव्य का पालन किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम और विवरण अभी तक पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन पुलिस ने पूरी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें पवित्र स्थान पर अनुचित कार्य करने के लिए विभिन्न अनुभाग के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया है बल्कि उस नाव को भी सीज कर दिया है जिस पर यह घटना घटी थी। यह नाव भविष्य में सबूत के रूप में काम आ सकता है।

वाराणसी के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह एक गंभीर मामला है और इसमें सभी संबंधित कानूनों का पालन किया जा रहा है। पुलिस ने वीडियो को विस्तार से देखा है और सभी लोगों की पहचान की गई है जो इस घटना में शामिल थे। पुलिस की टीम पूरी जांच-पड़ताल में लगी है ताकि सभी तथ्य सामने आ सकें।

बीजेपी पार्षद का संबंध

वायरल वीडियो के साथ जो संदेश दिया गया था, उसमें इस नाव को भारतीय जनता पार्टी के एक पार्षद से जुड़ा बताया गया था। इस संबंध से पूरा मामला और भी राजनीतिक रंग ले गया है। वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी की काफी मजबूत उपस्थिति है और ऐसी घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।

भाजपा के नेताओं ने इस घटना से अपने आप को दूर करने की कोशिश की है। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा है कि यदि किसी पार्षद या पार्टी के किसी सदस्य का किसी भी तरह संबंध इस घटना में है, तो पार्टी इसे सहन नहीं करेगी। उन्होंने कहा है कि पार्टी धार्मिक मूल्यों में विश्वास करती है और ऐसी किसी भी घटना के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, कुछ विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाए हैं। वे कहते हैं कि एक चुनी हुई सरकार के पार्षद की नाव पर ऐसी गतिविधियां चलना गंभीर मामला है और इसमें सभी को स्पष्ट हो जाना चाहिए कि पार्षद कौन है और वह किसके खिलाफ कार्रवाई के लिए जिम्मेदार है।

धार्मिक भावनाओं को आहत करने का मामला

यह घटना धार्मिक दृष्टिकोण से काफी संवेदनशील है। गंगा नदी हिंदू धर्म के अनुसार सबसे पवित्र नदी है और वाराणसी को भगवान शिव की नगरी माना जाता है। ऐसे पवित्र स्थान पर मांस पकाना और शराब का सेवन करना धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध माना जा सकता है।

दशाश्वमेध घाट वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध घाटों में से एक है। यहां हर दिन लाखों श्रद्धालु गंगा में स्नान करने और पूजा करने आते हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर इस तरह की घटना स्थानीय समुदाय के बीच काफी आक्रोश पैदा कर गई है।

धार्मिक संगठन और धर्मगुरु इस घटना को लेकर चिंतित हैं। कुछ धार्मिक नेताओं ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को कड़ी निगरानी रखनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि जो भी इस घटना में शामिल है, उसके लिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर भारी बहस छिड़ी हुई है। लोग इस मामले में अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं और पुलिस की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं। कई लोग ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कानूनों की मांग कर रहे हैं।

वाराणसी पुलिस के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण मामला है क्योंकि इसमें धार्मिक भावनाएं, कानून और संभवतः राजनीति सभी कुछ शामिल हैं। हालांकि, पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी का पालन करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और नाव को सीज कर दिया है। अब प्रतीक्षा है कि अदालत में यह मामला क्या निर्णय देता है और अपराधियों को क्या सजा दी जाती है।

इस घटना से साफ है कि समाज में अभी भी धार्मिक मूल्यों और पवित्र स्थानों के प्रति सम्मान की आवश्यकता है। लोगों को अपनी धार्मिक भावनाओं को समझना चाहिए और ऐसी घटनाओं से बचना चाहिए जो किसी को आहत कर सकती हैं।